BIOLOGY (जीव विज्ञान)
RRB Group D Biology Practice Set 10
RRB Group D Biology Practice Set 10: Railway Group D exam ke CBT mein General Science ek aisa section hai jo aapko selection dilane mein sabse badi bhoomika nibhata hai. Is section mein bhi Biology (Jeev Vigyan) se sabse zyada prashn puche jaate hain, jo sidhe niyam aur sankalpanaon (concepts) par aadharit hote hain.
Is RRB Group D Biology Post-10 mein hum aapke liye lekar aaye hain pichle exams ke sabse mukhya aur baar-baar repeat hone wale prashn (Top MCQs). In sawalon ko dhyanpurvak hal karein aur apni taiyari ko ek naye level par le jayein. Chaliye, aaj ka set shuru karte hain!
271. जिन अंगों की मूल संरचना भिन्न होती है लेकिन दिखने में एक जैसे होते हैं और उनके कार्य भी समान होते हैं, उन्हें कहा जाता है–
(a) बायोजेनेटिक नियम
(b) जीवाश्म
(c) समजात अंग
(d) समरूप अंग
Ans: (d) समरूप अंग
[RRB Group-D 16-10-2018 (Shift-III)]
Explanation: ऐसे अंग जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना भिन्न होती है, लेकिन समान कार्य करने के कारण वे एक जैसे दिखाई देते हैं, समरूप या समवृत्ति अंग (Analogous Organs) कहलाते हैं। उदाहरण के लिए, तितली और चमगादड़ के पंख का कार्य उड़ना है, पर उनकी संरचना अलग है। इसके विपरीत, समजात अंगों (Homologous Organs) की मूल संरचना समान लेकिन कार्य भिन्न होते हैं, जैसे मनुष्य का हाथ और घोड़े के अग्रपाद।
272. _______समरूप अंग हैं–
(a) लॉबस्टर की पूँछ और व्हेल के फाल
(b) चमगादड़ का पंख और व्हेल का पंख
(c) कुत्ते का पैर और डॉल्फिन के फ्लिपर
(d) मानव हाथ और बैल का पैर
Ans: (a) लॉबस्टर की पूँछ और व्हेल के फाल
[RRB Group-D 20-09-2018 (Shift-II)]
Explanation: लॉबस्टर (झींगा मछली) की पूँछ और व्हेल के फाल (Flukes) समरूप अंग के उदाहरण हैं, क्योंकि ये दोनों तैरने का समान कार्य करते हैं लेकिन इनकी आंतरिक संरचना और उत्पत्ति बिल्कुल अलग होती है। एक्स्ट्रा फैक्ट के तौर पर ध्यान रखें कि चमगादड़ के पंख, डॉल्फिन के फ्लिपर और मानव हाथ ‘समजात अंग’ (Homologous Organs) के उदाहरण हैं, क्योंकि इनकी बुनियादी शारीरिक और अस्थि संरचना एक जैसी होती है।
273. मनुष्यों के क्रम-विकास का अध्ययन इंगित करता है कि हम सभी एक ही प्रजाति से संबंधित हैं जो ________ में विकसित हुई है।
(a) अफ्रीका
(b) अमेरिका
(c) मध्य एशिया
(d) पश्चिम एशिया
Ans: (a) अफ्रीका
[RRB Group-D 30-10-2018 (Shift-III)]
Explanation: वैज्ञानिक और आनुवंशिक शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि आधुनिक मानव (Homo sapiens) के क्रम-विकास की शुरुआत सबसे पहले अफ्रीका महाद्वीप से हुई थी। लगभग 2 लाख वर्ष पूर्व मानव इसी क्षेत्र में विकसित हुआ और धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैला। जीव विज्ञान में इसे ‘रिसेंट अफ्रीकन ओरिजिन’ या ‘आउट ऑफ अफ्रीका’ मॉडल कहा जाता है, जो सभी मनुष्यों को एक ही प्रजाति से जोड़ता है।
274. मनूस्य की आनुवंशिकी का पता लगाया जा सकता है:
(a) अफ्रीकी मूल
(b) अमेरिकी मूल
(c) दक्षिणी एशियाई मूल
(d) पूर्वी एशियाई मूल
Ans: (a) अफ्रीकी मूल
[RRB Group-D 28-09-2018 (Shift-I)
RRB Group-D 28-09-2018 (Shift-III)]
Explanation: मानव आनुवंशिकी (Human Genetics) और माइटोकॉन्ड्रियल DNA मैपिंग के गहरे अध्ययन से स्पष्ट होता है कि समस्त आधुनिक मानव जाति का मूल उद्गम स्थल अफ्रीका ही है। अफ्रीका में आज भी सबसे अधिक आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) पाई जाती है, जो यह सिद्ध करती है कि मानव आबादी का सबसे पुराना इतिहास इसी भूभाग में संचित है। यहीं से आदिमानव के पूर्वज एशिया और यूरोप की ओर विस्थापित हुए थे।
275. निम्नलिखित में से कौन प्रजातियों की संख्या को बनाए रखने और उनकी विलुप्तता को रोकने के लिए आवश्यक है ?
(a) प्रजनन
(b) संचरण
(c) श्वसन
(d) पाचन
Ans: (a) प्रजनन
[RRB Group-D 13-12-2018 (Shift-II)]
Explanation: किसी भी जीव प्रजाति के अस्तित्व को धरती पर बनाए रखने और उसे विलुप्त होने से बचाने के लिए प्रजनन (Reproduction) एक अनिवार्य जैविक प्रक्रिया है। प्रजनन के माध्यम से ही जीव अपनी अगली पीढ़ी को जन्म देते हैं और आनुवंशिक गुणों को आगे बढ़ाते हैं। यदि कोई प्रजाति प्रजनन करना बंद कर दे, तो समय के साथ उसकी संख्या शून्य हो जाएगी, जिससे पूरा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) असंतुलित हो सकता है।
276. ‘ओरिजिन ऑफ स्पीशीज’ नामक पुस्तिका किसके द्वारा लिखी गई है ?
(a) जीन-बैप्टिस्ट डी लैमार्क
(b) जॉन बर्डन सैंडरसन हालडेन
(c) चार्ल्स डार्विन
(d) कार्ल लिनियस
Ans: (c) चार्ल्स डार्विन
[RRB Group-D 05-12-2018 (Shift-I)
RRB Group-D 24-09-2018 (Shift-II)]
Explanation: महान प्रकृतविद् चार्ल्स डार्विन द्वारा लिखित ऐतिहासिक पुस्तक ‘On the Origin of Species’ का प्रकाशन 24 नवंबर, 1859 को हुआ था। इस पुस्तक ने जीव विज्ञान के क्षेत्र में तहलका मचा दिया और जैव विकास (Evolution) को समझने का नजरिया बदल दिया। डार्विन ने इसमें ‘प्राकृतिक चयन’ (Natural Selection) का सिद्धांत दिया था, जो यह समझाता है कि प्रकृति केवल सबसे योग्य जीवों को ही जीवित रहने का अवसर देती है।
277. जैविक विकास को ________ के तौर पर परिभाषित किया गया है।
(a) जीन बहाव
(b) उपार्जित गुणों की वंशागति
(c) प्राकृतिक चयन
(d) आनुवंशिक अपवाह
Ans: (c) प्राकृतिक चयन
[RRB Group-D 26-10-2018 (Shift-II)]
Explanation: जैविक विकास (Biological Evolution) को मुख्य रूप से ‘प्राकृतिक चयन’ (Natural Selection) के माध्यम से परिभाषित किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि पर्यावरण में निरंतर होने वाले परिवर्तनों के अनुकूल जो जीव खुद को ढाल लेते हैं, प्रकृति उन्हें चुन लेती है और वे ही अपनी वंशागति आगे बढ़ा पाते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: ‘उपार्जित गुणों की वंशागति’ का सिद्धांत लैमार्क ने दिया था, जिसे डार्विन के प्राकृतिक चयन ने रिप्लेस किया।
278. ______, विकास के सिद्धांतों से संबंधित हैं।
(a) मिलर
(b) चार्ल्स डार्विन
(c) जीन-बैप्टिस्ट लैमार्क
(d) ग्रेगर मेंडल
Ans: (b) चार्ल्स डार्विन
[RRB Group-D 12-10-2018 (Shift-II)]
Explanation: आधुनिक जैव विकास के सिद्धांतों को स्थापित करने का मुख्य श्रेय चार्ल्स डार्विन को जाता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया था कि क्रमिक परिवर्तनों और अनुकूलन क्षमता के कारण ही सरल जीवों से जटिल प्रजातियों का विकास हुआ है। परीक्षा के लिए यह भी याद रखें कि ग्रेगर मेंडल को ‘आनुवंशिकी का जनक’ (Father of Genetics) और लैमार्क को ‘लैमार्कवाद’ (उपार्जित लक्षणों का सिद्धांत) के लिए जाना जाता है।
279. उन्नीसवीं शताब्दी में, ________ ने प्राकृतिक चयन द्वारा प्रजातियों के विकास का सिद्धांत प्रस्तुत किया था।
(a) जोहान मेंडल
(b) चार्ल्स डार्विन
(c) जॉन डाल्टन
(d) जोहान डोबेराइनर
Ans: (b) चार्ल्स डार्विन
[RRB Group-D 15-10-2018 (Shift-II)]
Explanation: उन्नीसवीं सदी (वर्ष 1859) में चार्ल्स डार्विन ने ही ‘प्राकृतिक चयन द्वारा प्रजातियों का विकास’ सिद्धांत दुनिया के सामने रखा था। डार्विन के अनुसार, जीवों में जीवित रहने और संसाधनों के लिए आपस में संघर्ष होता है, जिसमें अनुकूलित जीव ही सफल होते हैं। विकल्प में दिए गए जॉन डाल्टन ने ‘परमाणु सिद्धांत’ दिया था और डोबेराइनर ने रसायन विज्ञान में तत्वों के वर्गीकरण का ‘त्रिक नियम’ (Triads Rule) प्रतिपादित किया था।
280. टैकिग्लोसस ________ के बीच की एक संयोजक कड़ी है।
(a) उभयचरों और सरीसृपों
(b) पक्षियों और स्तनधारियों
(c) सरीसृपों और पक्षियों
(d) सरीसृपों और स्तनधारियों
Ans: (d) सरीसृपों और स्तनधारियों
[RRB Group-D 03-12-2018 (Shift-II)]
Explanation: टैकिग्लोसस (Tachyglossus), जिसे सामान्य भाषा में ‘एकिडना’ या ‘कांटेदार चींटीखोर’ भी कहा जाता है, सरीसृप (Reptiles) और स्तनधारी (Mammals) वर्ग के बीच की एक दुर्लभ संयोजक कड़ी (Connecting Link) है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह सरीसृपों की तरह अंडे देता है, लेकिन स्तनधारियों की तरह इसके शरीर पर बाल और शिशुओं को दूध पिलाने के लिए ग्रंथियां मौजूद होती हैं। डक-बिल्ड प्लैटिपस भी इसी श्रेणी का एक अन्य जीव है।
281. जैविक विविधता का आधारभूत स्रोत ________ है-
(a) उत्परिवर्तन
(b) कॉस्मिक विकास
(c) वंशानुक्रम
(d) किण्वक क्रिया
Ans: (a) उत्परिवर्तन
[RRB Group-D 31-10-2018 (Shift-I)]
Explanation: जैव विविधता (Biodiversity) का सबसे मूल और प्राथमिक स्रोत उत्परिवर्तन (Mutation) है। जीवों की कोशिकाओं के DNA में होने वाले अचानक और स्थायी परिवर्तन को ही उत्परिवर्तन कहते हैं। यही परिवर्तन पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़कर नई प्रजातियों के जन्म का कारण बनता है। एक्स्ट्रा फैक्ट: हॉलैंड के वनस्पतिशास्त्री ह्यूगो डी ब्रीज (Hugo de Vries) ने सबसे पहले ‘उत्परिवर्तन का सिद्धांत’ (Mutation Theory) प्रतिपादित किया था।
282. ________ लाखों वर्षों से आदिम जीवों में क्रमिक परिवर्तनों का अनुक्रम है, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रजातियों का गठन होता है–
(a) एनालॉग्स ऑर्गन
(b) होमोलोग्स ऑर्गन
(c) जीवाश्म
(d) क्रमागत उन्नति
Ans: (d) क्रमागत उन्नति
[RRB Group-D 16-10-2018 (Shift-II)]
Explanation: क्रमागत उन्नति या जैव विकास (Evolution) वह धीमी और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें लाखों वर्षों के दौरान आदिम (सरल) जीवों के DNA में क्रमिक परिवर्तन होते हैं और अंततः नई व जटिल प्रजातियों का निर्माण होता है। पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत एककोशकीय जीवों से हुई थी, जो इसी क्रमागत उन्नति के कारण आज इतनी विविधतापूर्ण हो चुकी है। जीवाश्म (Fossils) इस क्रमिक विकास के प्रत्यक्ष प्रमाण होते हैं।
283. आप विकास के सिद्धान्त को किससे जोड़ सकते हैं ?
(a) मिलर
(b) डार्विन
(c) उरे
(d) मेंडेल
Ans: (b) डार्विन
[RRB Group-D 04-10-2018 (Shift-II)]
Explanation: जैव विकास के वैज्ञानिक सिद्धांत को मुख्य रूप से चार्ल्स डार्विन के नाम के साथ जोड़ा जाता है। डार्विन ने बताया कि सीमित प्राकृतिक संसाधनों के कारण जीवों को भोजन, आवास और अस्तित्व के लिए ‘जीवन संघर्ष’ करना पड़ता है। वहीं, विकल्प में दिए गए ‘स्टैनले मिलर’ और ‘हैरॉल्ड उरे’ ने प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से आदिम पृथ्वी जैसा वातावरण बनाकर जीवन की रासायनिक उत्पत्ति (Chemical Evolution) को प्रमाणित करने का प्रयास किया था।
284. ________ एक अंग्रेजी प्रकृतिवादी, भूवैज्ञानिक और जीवविज्ञानी हैं जो विकास से संबंधित विज्ञान में उनके योगदान के लिए जाने जाते हैं।
(a) चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन
(b) आर एच. व्हिटकर
(c) मेंडलीव
(d) लिनाउस
Ans: (a) चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन
[RRB Group-D 10-10-2018 (Shift-II)]
Explanation: चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन इंग्लैंड के एक महान प्रकृतिवादी, भूवैज्ञानिक और जीवविज्ञानी थे। उन्होंने एच.एम.एस. बीगल (HMS Beagle) नामक जहाज से पूरी दुनिया की यात्रा की और गैलापागोस द्वीपसमूह के जीवों का बारीकी से अध्ययन करके विकासवाद की थ्योरी दी थी। अन्य विकल्पों की बात करें तो, आर.एच. व्हिटकर ने जीवों के ‘पांच-जगत वर्गीकरण’ (Five Kingdom Classification) और कार्ल लिनियस ने ‘द्विनाम पद्धति’ (Binomial Nomenclature) की खोज की थी।
285. ________ विकास का सिद्धांत हमें बताता है, कि कैसे जीवन सरल से अधिक जटिल रूपों से विकसित हुआ।
(a) लैमार्क
(b) डार्विन
(c) वालेस
(d) मेंडल
Ans: (b) डार्विन
[RRB Group-D 28-09-2018 (Shift-II)]
Explanation: चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित विकास का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से यह समझाता है कि पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत अत्यंत सरल और सूक्ष्म जीवों से हुई थी, जो समय के साथ बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल ढलते गए। इसी निरंतर अनुकूलन के कारण अरबों वर्षों में धीरे-धीरे मानव जैसे अत्यंत जटिल जीवों का विकास संभव हो सका। डार्विन ने इसे ‘सिद्धांत ऑफ डिसेंट WITH मॉडिफिकेशन’ भी कहा था।
286. किसने सुझाव दिया था कि जीवन सरल अकार्बनिक (अजैवी) अणुओं से विकसित हुआ है ?
(a) मरे
(b) डार्विन
(c) हाल्डेन
(d) मेंडल
Ans: (c) हाल्डेन
[RRB Group-D 05-11-2018 (Shift-I)]
Explanation: ब्रिटिश वैज्ञानिक जे.बी.एस. हाल्डेन (J.B.S. Haldane) ने वर्ष 1929 में यह क्रांतिकारी विचार दिया था कि आदिम पृथ्वी पर उपस्थित सरल अकार्बनिक अणुओं (जैसे मीथेन, अमोनिया, जलवाष्प) की रासायनिक प्रतिक्रियाओं से ही पहले जटिल कार्बनिक यौगिक बने और अंततः जीवन की उत्पत्ति हुई। इस परिकल्पना को ‘ओपेरिन-हाल्डेन सिद्धांत’ कहा जाता है। बाद में मिलर और उरे के प्रयोग ने प्रयोगशाला में इस रासायनिक विकास को सही साबित किया था।
287. ________ विकासवादी संबंधों के प्रमाण प्रदान करता है।
(a) नदी तल
(b) जीवाश्म
(c) समुद्री तल
(d) चट्टान
Ans: (b) जीवाश्म
[RRB Group-D 01-11-2018 (Shift-II)]
Explanation: प्राचीन काल के मृत पौधों और जंतुओं के जो परिरक्षित अवशेष या उनकी छाप पृथ्वी की परतों और चट्टानों में सुरक्षित मिलती है, उन्हें जीवाश्म (Fossils) कहते हैं। जीवाश्मों का अध्ययन करके वैज्ञानिक यह सटीक पता लगाते हैं कि लाखों वर्ष पहले कौन से जीव धरती पर रहते थे और वर्तमान जीवों से उनका क्या संबंध है। जीवाश्मों की आयु ज्ञात करने के लिए ‘कार्बन डेटिंग’ (Carbon-14) विधि का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है।
288. सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत सिद्धांतों में से एक के अनुसार पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति से पहले पृथ्वी के वायुमंडल में ________ मिश्रण शामिल था।
(a) H2, CO2, NH3 और CH4
(b) H2S, CH4 और NH3
(c) O2, NH3, CH4 और जलवाष्प
(d) ओजोन CH4, O2 और जलवाष्प
Ans: (a) H2, CO2, NH3 और CH4
[RRB Group-D 20-09-2018 (Shift-III)]
Explanation: ओपेरिन-हाल्डेन सिद्धांत के अनुसार, आदिम पृथ्वी का वायुमंडल अपचायक (Reducing) था, जिसमें मुक्त ऑक्सीजन अनुपस्थित थी। प्रारंभिक वायुमंडल में मुख्य रूप से हाइड्रोजन (H2), carbon dioxide (CO2), अमोनिया (NH3), मीथेन (CH4) और जलवाष्प का मिश्रण शामिल था। एक्स्ट्रा फैक्ट: सूर्य की पराबैंगनी (UV) किरणों ने बाद में जलवाष्प को तोड़कर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विखंडित किया था।
289. प्रारंभिक पृथ्वी का वातावरण मुख्य रूप से बना था :
(a) NH3, CH4 और H2S
(b) NH3, H2S और O2
(c) NH3, CH4 और O2
(d) CH4, H2S और O2
Ans: (a) NH3, CH4 और H2S
[RRB Group-D 10-10-2018 (Shift-I)]
Explanation: प्रारंभिक पृथ्वी का वातावरण अत्यधिक गर्म था और धरातल से विमुक्तगैसों में अमोनिया (NH3), मीथेन (CH4), हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) और जलवाष्प की प्रधानता थी। उस समय मुक्त ऑक्सीजन (O2) बिल्कुल नहीं थी, इसलिए विकल्प (b), (c) और (d) स्वतः असत्य हो जाते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: इसी गैसीय वातावरण में आकाशीय बिजली और तड़प के कारण प्रथम कार्बनिक यौगिकों का संश्लेषण हुआ था।
290. ________ गैस उस समय अपनी मुक्त अवस्था में मौजूद नहीं थी जब पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न हुआ था।
(a) ऑक्सीजन
(b) मीथेन
(c) अमोनिया
(d) हाइड्रोजन
Ans: (a) ऑक्सीजन
[RRB Group-D 02-11-2018 (Shift-II)]
Explanation: पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के समय ऑक्सीजन (O2) गैस अपनी मुक्त गैसीय अवस्था में मौजूद नहीं थी, बल्कि जलवाष्प और ऑक्साइड्स के रूप में बंधी थी। जीवन की शुरुआत अनॉक्सी (Anaerobic) जीवों के रूप में हुई थी। एक्स्ट्रा फैक्ट: जब सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) का विकास हुआ, तब उन्होंने प्रकाश संश्लेषण द्वारा पहली बार वायुमंडल में मुक्त ऑक्सीजन को विमुक्त किया।
291. निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने अपनी पुस्तक “ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज” में कार्बनिक विकास के लिए एक क्रियाविधि का सुझाव दिया है?
(a) कार्ल वोएस
(b) अर्नेस्ट हिकेल
(c) रॉबर्ट व्हिटेकर
(d) चार्ल्स डार्विन
Ans: (d) चार्ल्स डार्विन
[RRB Group-D 19-09-2018 (Shift-II)]
Explanation: वर्ष 1859 में ब्रिटिश वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज” प्रकाशित की थी। इसमें उन्होंने कार्बनिक जैव-विकास (Organic Evolution) की व्याख्या करने के लिए ‘प्राकृतिक चयन का सिद्धांत’ दिया था। एक्स्ट्रा फैक्ट: विकल्प में दिए गए कार्ल वोएस ने जीवों के वर्गीकरण के लिए ‘थ्री-डोमेन सिस्टम’ (Three-domain system) का प्रतिपादन किया था।
292. सजीव जीवों के वर्गीकरण की मूल इकाई ________ है।
(a) जगत्
(b) जाति
(c) वंश
(d) कुल
Ans: (b) जाति
[RRB Group-D 09-10-2018 (Shift-I)]
Explanation: सजीवों के वर्गीकरण (Taxonomy) की सबसे छोटी और बुनियादी आधारभूत इकाई ‘जाति’ यानी स्पीशीज (Species) है। एक जाति के जीव आपस में प्राकृतिक रूप से प्रजनन करने में सक्षम होते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: वर्गीकरण का यह पदानुक्रम नीचे से ऊपर की ओर जाति → वंश → कुल → गण → वर्ग → संघ → जगत के क्रम में चलता है, जहाँ ‘जगत’ सर्वोच्च इकाई है।
293. निम्नलिखित में लीनियस पदानुक्रम के अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें-
(a) जगत-कुल-वंश-जाति-वर्ग-संघ-गण
(b) जगत-गण-जाति-वंश-वर्ग-कुल-संघ
(c) जगत-संघ-वर्ग-गण-कुल-वंश-जाति
(d) जाति-वंश-कुल-गण-वर्ग-संघ-जगत
Ans: (c) जगत-संघ-वर्ग-गण-कुल-वंश-जाति
[RRB Group-D 05-12-2018 (Shift-II)]
Explanation: कैरोलस लीनियस द्वारा प्रतिपादित वर्गीकरण की श्रेणियों का सही अवरोही क्रम (बड़े से छोटा) जगत → संघ → वर्ग → गण → कुल → वंश → जाति है। इसे अंग्रेजी में Kingdom → Phylum→ Class → Order → Family → Genus → Species कहते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: कैरोलस लीनियस को आधुनिक ‘वर्गिकी का पिता’ (Father of Taxonomy) कहा जाता है।
294. प्राणी वर्गीकरण का पदानुक्रम निम्न में से कौन है ?
(a) संघ, वर्ग, कुल, गण, प्रजाति, वंश
(b) संघ, वर्ग, कुल, गण, वंश, प्रजाति
(c) संघ, वर्ग, गण, कुल, वंश, प्रजाति
(d) संघ, गण, कुल, वर्ग, वंश, प्रजाति
Ans: (c) संघ, वर्ग, गण, कुल, वंश, प्रजाति
[RRB Group-D 22-09-2018 (Shift-I)]
Explanation: जीवों के वैज्ञानिक वर्गीकरण का सटीक पदानुक्रम संघ (Phylum), वर्ग (Class), गण (Order), कुल (Family), वंश (Genus) और प्रजाति/जाति (Species) है। इस व्यवस्था में जैसे-जैसे हम ऊपर से नीचे (संघ से जाति की ओर) बढ़ते हैं, जीवों के बीच पारस्परिक समानताएं बढ़ती जाती हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: दो अलग-अलग वंशों के जीवों में समानताएं एक ही वंश के जीवों की तुलना में कम होती हैं।
295. पाँच जगत प्रणाली में, वर्गीकरण का मुख्य आधार ________ होता है:
(a) पोषण
(b) श्वसन
(c) उत्सर्जन
(d) संचलन
Ans: (a) पोषण
[RRB Group-D 15-11-2018 (Shift-I)]
Explanation: आर. एच. व्हिटेकर द्वारा वर्ष 1969 में प्रतिपादित पाँच जगत प्रणाली (Five Kingdom System) में वर्गीकरण का मुख्य आधार पोषण की विधि (Mode of Nutrition) और कोशिका संरचना थी। इसके तहत जीवों को मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप और जंतु जगत में बांटा गया। एक्स्ट्रा फैक्ट: कवक (Fungi) को पादपों से अलग करने का मुख्य कारण उनका अवशोषण द्वारा परपोषी पोषण करना था।
296. वर्गीकरण के विभिन्न पदानुक्रमों में, किस समूह में अधिकतम समान लक्षण वाले जीवों की संख्या सर्वाधिक है ?
(a) वंश (जीनस)
(b) गण (ऑर्डर)
(c) कुल (फैमिली)
(d) जगत (किंगडम)
Ans: (d) जगत (किंगडम)
[RRB Group-D 29-10-2018 (Shift-III)]
Explanation: टैक्सोनॉमी के पदानुक्रम में ‘जगत’ (Kingdom) सबसे सर्वोच्च और विशालतम समूह है। इस स्तर पर जीवों की संख्या सर्वाधिक होती है, जिनमें केवल कुछ बुनियादी लक्षण ही समान होते हैं। जैसे-जैसे हम नीचे ‘जाति’ की ओर बढ़ते हैं, जीवों की संख्या घटती है लेकिन व्यक्तिगत समानताएं बढ़ती हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: ‘एनिमेलिया’ जगत में चींटी से लेकर हाथी तक सभी बहुकोशकीय जंतु शामिल हैं।
297. कुछ जीवाणु प्रकाश संश्लेषी होते हैं। इन कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषक वर्णक कहाँ स्थित होते हैं ?
(a) विशेष झिल्लियों पर
(b) हरित लवक में
(c) कोशिका के कोशिका द्रव्य में
(d) प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन (infolding) में
Ans: (d) प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन (infolding) में
[RRB Group-D 11-10-2022 (Shift-III)]
Explanation: जीवाणु (Bacteria) प्रोकेरियोटिक जीव होते हैं, इसलिए उनमें यूकेरियोट्स की तरह सुविकसित हरित लवक (Chloroplast) नहीं पाया जाता। प्रकाश संश्लेषी जीवाणुओं में प्रकाश संश्लेषक वर्णक (जैसे बैक्टीरियोक्लोरोफिल) प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन (Infolding) से बनी थैलीनुमा संरचनाओं में पाए जाते हैं, जिन्हें क्रोमैटोफोर कहते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: नील-हरित शैवाल भी इसी प्रकार प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
298. राइजोपस नामक ब्रेड फफूंद (bread mould Rhizopus) में इनमें से किस प्रकार का अलैंगिक प्रजनन प्रदर्शित होता है ?
(a) पुनरुद्भावन
(b) बीजाणु निर्माण
(c) विखंडन
(d) मुकुलन
Ans: (b) बीजाणु निर्माण
[RRB Group-D 05-09-2022 (Shift-III)]
Explanation: राइजोपस (ब्रेड मोल्ड) एक कवक है, जो मुख्य रूप से ‘बीजाणु निर्माण’ (Spore Formation) द्वारा अलैंगिक जनन करता है। इसके बीजाणुधानी (Sporangium) में छोटे-छोटे बीजाणु बनते हैं, जो हवा द्वारा फैलकर अनुकूल नमी मिलने पर ब्रेड या अन्य कार्बनिक पदार्थों पर अंकुरित हो जाते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: विकल्प में दिया गया ‘मुकुलन’ (Budding) यीस्ट और हाइड्रा में पाया जाने वाला प्रजनन प्रकार है।
299. इनमें से कौन सा एककोशिकी जीव है ?
(a) जूँ
(b) पैरामीशियम
(c) ब्रेड फफूंद
(d) अमरबेल
Ans: (b) पैरामीशियम
[RRB Group-D 08-09-2022 (Shift-II)]
Explanation: पैरामीशियम एक कोशिकीय (Unicellular) यूकेरियोटिक जीव है, जो प्रोटिस्टा जगत के अंतर्गत आता है। इसका आकार चप्पल जैसा होता है, इसलिए इसे ‘स्लीपर एनीमलक्यूल’ भी कहते हैं। इसके विपरीत, जूँ एक बहुकोशकीय कवक है, ब्रेड फफूंद बहुकोशकीय कवक है और अमरबेल (Cuscuta) एक बहुकोशकीय परजीवी पौधा है। एक्स्ट्रा फैक्ट: पैरामीशियम चलन के लिए अपनी सतह पर उपस्थित सीलिया (Cilia) का उपयोग करता है।
300. अमीबा में, भोजन का ग्रहण ________ द्वारा होता हैं।
(a) मुंह
(b) शरीर की पूरी त्वचा
(c) कशाभिका की गति
(d) पक्ष्माभ की गति
Ans: (b) शरीर की पूरी त्वचा
[RRB Group-D 25-08-2022 (Shift-II)]
Explanation: अमीबा एक कोशिकीय जीव है जिसका कोई निश्चित मुख नहीं होता। यह अपने शरीर की पूरी त्वचा या प्लाज्मा झिल्ली की मदद से भोजन ग्रहण करता है। भोजन के कण के नजदीक आने पर यह अस्थायी उंगली जैसी संरचनाएं बनाता है, जिन्हें कूटपाद या स्यूडोपोडिया (Pseudopodia) कहते हैं, जो भोजन को घेरकर खाद्य धानी (Food Vacuole) में बंद कर लेती हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट: इस प्रक्रिया को एंडोसाइटोसिस कहा जाता है।