RRB Group D Biology Practice Set 15 New Pattern MCQs

RRB Group D Biology Practice Set 15: New Pattern Based MCQs

BIOLOGY (जीव विज्ञान)

 

RRB Group D Biology Practice Set 15

 

RRB Group D Biology Practice Set 15: रेलवे ग्रुप डी परीक्षा में जनरल साइंस का सेक्शन बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें बायोलॉजी से सीधे और स्कोरिंग प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस RRB Group D Biology Post-15 में हमने आपकी तैयारी को मजबूत बनाने के लिए केवल चुनिंदा प्रश्नों को शामिल किया है। आइए, आज का यह महत्वपूर्ण सेट शुरू करते हैं।

421. लार एमाइलेज (Salivary amylase) _________ के पाचन में मदद करता है।

(a) सेल्यूलोज

(b) लिपिड

(c) प्रोटीन

(d) स्टार्च

Ans: (d) स्टार्च

[RRB Group D 15-09-2022, Shift-III]

Explanation: मनुष्य की लार ग्रंथि से स्रावित होने वाले लार में एमाइलेज (टायलिन) नामक एंजाइम पाया जाता है, जो जटिल स्टार्च (मंड) को सरल शर्करा माल्टोज में विखंडित करने में मदद करता है। यही कारण है कि मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट का रासायनिक पाचन आमाशय से पहले ही मुख गुहा में प्रारंभ हो जाता है।

422. निम्न में से किस पशु में छोटी आंत सबसे छोटी होती है ?

(a) गाय

(b) खरगोश

(c) शेर

(d) बकरी

Ans: (c) शेर

[RRB Group-D 27-11-2018, Shift-III]

Explanation: मांसाहारी जंतुओं जैसे शेर की छोटी आंत शाकाहारी पशुओं की तुलना में काफी छोटी होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मांस को पचाना अपेक्षाकृत आसान होता है, जबकि गाय, बकरी और खरगोश जैसे शाकाहारी जीवों को घास-फूस में मौजूद जटिल सेल्यूलोज को पचाने के लिए एक लंबी छोटी आंत की आवश्यकता होती है।

423. मानव पाचन तंत्र में ________ से पित्त रस का स्राव होता है-

(a) यकृत

(b) छोटी आँत

(c) उदर

(d) अग्नाशय

Ans: (a) यकृत

[RRB Group-D 24-09-2018, Shift-I]

Explanation: मानव पाचन तंत्र में पित्त रस का स्राव यकृत (लीवर) द्वारा होता है, जो शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है। स्रावित होने के बाद यह रस पित्ताशय में जाकर संचित होता है। यह एक हरे-पीले रंग का क्षारीय तरल है, जिसका pH मान लगभग 7.7 होता है और इसमें कोई पाचक एंजाइम नहीं पाया जाता है।

424. ________ को पचाने के लिए शाकाहारी को लंबी छोटी आंत की आवश्यकता होती है–

(a) क्लोरोप्लास्ट

(b) सेलुलोज

(c) कार्बोहाइड्रेट

(d) प्रोटीन

Ans: (b) सेलुलोज

[RRB Group-D 28-11-2018, Shift-I]

Explanation: शाकाहारी पशुओं को भोजन में उपस्थित जटिल कार्बोहाइड्रेट ‘सेलुलोज’ को पचाने के लिए एक लंबी छोटी आंत की आवश्यकता होती है, क्योंकि इसके पाचन में अधिक समय और विशेष जीवाणुओं की आवश्यकता होती है। मनुष्यों के पाचन तंत्र में सेलुलोज को पचाने वाले एंजाइम नहीं पाए जाते हैं, जिससे इसका पाचन मानव में नहीं होता।

425. दंतवल्क (टूथ इनैमल) से बना होता है, जो एसिड से नष्ट हो जाने पर, दांतों के क्षय का कारण बनता है।

(a) अमोनियम सल्फेट

(b) कैल्शियम फॉस्फेट

(c) पोटेशियम नाइट्रेट

(d) सोडियम क्लोराइड

Ans: (b) कैल्शियम फॉस्फेट

[RRB Group-D 24-10-2018, Shift-I]

Explanation: दाँतों का बाहरी आवरण जिसे दंतवल्क या टूथ इनैमल कहते हैं, मुख्य रूप से कैल्शियम फॉस्फेट (कैल्शियम हाइड्रॉक्सीएपेटाइट) का बना होता है। यह मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। जब मुँह का pH मान 5.5 से कम अर्थात अम्लीय हो जाता है, तब बैक्टीरिया की क्रिया से इसका क्षरण या दाँतों का सड़ना शुरू होता है।

426. निम्न में से कौन मानव आहार नली का भाग नहीं है ?

(a) मुख गुहिका

(b) वायुकोशिका

(c) पित्ताशय

(d) बड़ी आंत

Ans: (b) वायुकोशिका

[RRB Group-D 23-10-2018, Shift-III]

Explanation: वायुकोशिका (एल्विओली) मानव श्वसन तंत्र का हिस्सा होती है, जहाँ फेफड़ों के भीतर गैसों का विनिमय होता है, इसलिए यह आहार नली का भाग नहीं है। इसके विपरीत मुख गुहिका, पित्ताशय, बड़ी आंत, ग्रसिका, आमाशय और छोटी आंत सभी अंग मिलकर मनुष्य के संपूर्ण पाचन तंत्र या आहार नाल का निर्माण करते हैं।

427. लार में _______ एंजाइम होता है।

(a) लिगेज

(b) प्रोटिएज

(c) एमाइलेज

(d) लाइपेज

Ans: (c) एमाइलेज

[RRB Group-D 25-10-2018, Shift-II]

Explanation: मनुष्य की लार में मुख्य रूप से एमाइलेज (टायलिन) एंजाइम पाया जाता है, जो स्टार्च को सरल शर्करा में बदलता है। इसके अतिरिक्त लार में लाइसोजाइम नामक एक अन्य महत्वपूर्ण एंजाइम भी उपस्थित होता है, जो भोजन के साथ आने वाले हानिकारक सूक्ष्म जीवाणुओं को नष्ट करके शरीर की रक्षा करने का कार्य करता है।

428. लार ग्रंधि से _______ एंजाइम स्रावित होता है–

(a) TRIPSIN

(b) लाइपेज

(c) पेप्सिन

(d) एमाइलेज

Ans: (d) एमाइलेज

[RRB Group-D 25-09-2018, Shift-I]

Explanation: लार ग्रंथियों से एमाइलेज नामक पाचक एंजाइम का स्राव होता है, जो मुख गुहा में स्टार्च के आंशिक पाचन को गति प्रदान करता है। अन्य विकल्पों में ट्रिप्सिन अग्न्याशय से, पेप्सिन आमाशय से और लाइपेज वसा के पाचन के लिए स्रावित होता है। मानव मुख में तीन जोड़ी लार ग्रंथियां पाई जाती हैं।

429. पाचन के बाद, कार्बोहाइड्रेट को परिवर्तित कर दिया जाता है–

(a) ग्लाइकोजन

(b) ग्लूकोज़

(c) अमीनो अम्ल

(d) वसायुक्त अम्ल

Ans: (b) ग्लूकोज़

[RRB Group-D 04-12-2018, Shift-III]

Explanation: पाचन की संपूर्ण प्रक्रिया के अंत में जटिल कार्बोहाइड्रेट को शरीर द्वारा अवशोषण योग्य सरल शर्करा अर्थात ग्लूकोज में परिवर्तित कर दिया जाता है। इसी प्रकार पाचक एंजाइमों की क्रिया के फलस्वरूप प्रोटीन को अंतिम रूप से अमीनो अम्लों में तथा वसा को वसीय अम्लों और ग्लिसरॉल में विखंडित किया जाता है।

430. पित्त के कार्य को ________ कहा जा सकता है:

(a) पायसीकरण

(b) अनचयन

(c) ऑक्सीकरण

(d) निस्तापन

Ans: (a) पायसीकरण

[RRB Group-D 05-12-2018, Shift-I]

Explanation: यकृत से निकलने वाले पित्त रस के मुख्य कार्य को वसा का पायसीकरण (इमल्सीफिकेशन) कहा जाता है। इस भौतिक प्रक्रिया के माध्यम से भोजन में उपस्थित वसा के बड़े-बड़े अघुलनशील पिंडों को छोटे जल-मिश्रणीय कणों में बदला जाता है, जिससे अग्न्याशयी लाइपेज एंजाइम उन पर तीव्रता से रासायनिक क्रिया कर सके।

431. अग्न्याशयी रस में मौजूद _______ एंजाइम, प्रोटीन को एमीनो एसिड में परिवर्तित करता है।

(a) ट्रिप्सिन

(b) पेप्सिन

(c) एमाइलेज

(d) लाइपेज

Ans: (a) ट्रिप्सिन

[RRB Group-D 22-09-2018, Shift-III]

Explanation: अग्न्याशयी रस में उपस्थित निष्क्रिय ट्रिप्सिनोजेन एंजाइम एंटरोकाइनेज द्वारा सक्रिय ट्रिप्सिन में बदल जाता है। यह सक्रिय ट्रिप्सिन प्रोटीन, पेप्टोन और प्रोटीओज को एमीनो अम्लों (डाईपेप्टाइड्स) में परिवर्तित करता है। अग्न्याशय एक मिश्रित ग्रंथि है जो पाचक रसों के साथ इंसुलिन हार्मोन भी स्रावित करती है।

432. पाचन के दौरान, पित्त की भूमिका ________ होती है–

(a) वसा का अवशोषण

(b) वसा का पायसीकरण

(c) वसा का उत्सर्जन

(d) वसा का पाचन

Ans: (b) वसा का पायसीकरण

[RRB Group-D 24-09-2018, Shift-III]

Explanation: भोजन के पाचन के समय यकृत द्वारा स्रावित पित्त रस मुख्य रूप से वसा का पायसीकरण (इमल्सीफिकेशन) करता है। इस यांत्रिक प्रक्रिया में पित्त लवण वसा की बड़ी अघुलनशील गोलिकाओं को सूक्ष्म बूँदों में विखंडित कर देते हैं, जिससे अग्न्याशयी लाइपेज एंजाइम उन पर आसानी से क्रिया करके उन्हें वसीय अम्ल में बदल सके।

433. मनुष्यों के पाचन तंत्र में उत्सर्जित अम्ल कौन सा होता है ?

(a) सल्फ्यूरिक अम्ल

(b) नाइट्रिक अम्ल

(c) एंटासिड

(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

Ans: (d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

[RRB Group-D 24-10-2018, Shift-II]

Explanation: मानव आमाशय की भित्ति में स्थित ऑक्सिन्टिक (अम्लजन) कोशिकाओं द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का उत्सर्जन होता है। यह तीव्र अम्ल भोजन के साथ आए हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है, मुख के टायलिन एंजाइम के प्रभाव को रोकता है तथा आमाशय के पेप्सिन एंजाइम को सक्रिय करने के लिए उचित अम्लीय माध्यम प्रदान करता है।

434. गले में _______ के छल्ले मौजूद होते हैं।

(a) उपास्थि

(b) जोड़

(c) एरियोलर

(d) स्नायु

Ans: (a) उपास्थि

[RRB Group-D 25-09-2018, Shift-II]

Explanation: मनुष्य के गले की श्वासनली (ट्रैकिया) को पिचकने से बचाने के लिए वहाँ उपास्थि (कार्टिलेज) के बने ‘C’ आकार के छल्ले मौजूद होते हैं। उपास्थि एक लचीला संयोजी ऊतक है जो अंगों को संरचनात्मक सुदृढ़ता प्रदान करता है। बाह्य कर्ण (कान की पट्टी) और नाक का अग्र भाग भी इसी उपास्थि से निर्मित होते हैं।

435. भोजन के पाचन की प्रक्रिया के दौरान होने वाले ऊर्जा परिवर्तन के प्रकार को बताएँ –

(a) रासायनिक ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा

(b) यांत्रिक ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा

(c) रासायनिक ऊर्जा से प्रकाश ऊर्जा

(d) प्रकाश ऊर्जा से रासायनिक ऊर्जा

Ans: (a) रासायनिक ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा

[RRB Group-D 28-11-2018, Shift-I]

Explanation: भोजन के पाचन और उपापचय (मेटाबॉलिज्म) की जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं के दौरान जटिल कार्बनिक पदार्थों के बंध टूटने से संचित रासायनिक ऊर्जा मुख्य रूप से ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित होती है। यह मुक्त हुई ऊष्मा ऊर्जा शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और कोशिकाओं की विभिन्न जैविक क्रियाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

436. मानव में भोजन और हवा के लिए सामान्य मार्ग है।

(a) कंठनली

(b) नासा गुहा

(c) ग्रास नली

(d) ग्रसनी

Ans: (d) ग्रसनी

[RRB Group-D 05-11-2018, Shift-III]

Explanation: मानव शरीर में ग्रसनी (फैरिंग्स) भोजन और वायु दोनों के संचरण के लिए एक साझा या उभयनिष्ठ मार्ग की तरह कार्य करती है। ग्रसनी आगे चलकर ग्रास नली और श्वासनली (कंठ के माध्यम से) में विभक्त होती है। भोजन निगलते समय एपिग्लॉटिस नामक ढक्कन श्वासनली को बंद कर देता है जिससे भोजन फेफड़ों में नहीं जाता।

437. यकृत _______ कार्य करता है।

(a) श्वसन

(b) उत्सर्जन

(c) परिसंचरण

(d) पाचन

Ans: (d) पाचन

[RRB Group-D 15-11-2018, Shift-III]

Explanation: यकृत (लीवर) मुख्य रूप से पाचन क्रिया में पित्त रस का निर्माण करके सहायता करता है। यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है जो ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संचित करती है। यकृत अमोनिया को यूरिया में बदलकर उत्सर्जन में भी सहायक होता है तथा भ्रूणावस्था में यह रक्त निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न करता है।

438. शाकाहारियों को ________ को पचाने के लिए लंबी छोटी आंत की आवश्यकता होती है–

(a) वसा

(b) सेल्यूलोज

(c) प्रोटीन

(d) विटामिन

Ans: (b) सेल्यूलोज

[RRB Group-D 20-09-2018, Shift-II]

Explanation: शाकाहारी जंतुओं के मुख्य भोजन (पेड़-पौधों) की कोशिका भित्ति में जटिल कार्बोहाइड्रेट ‘सेल्यूलोज’ पाया जाता है। इस सेल्यूलोज के पूर्ण पाचन और अवशोषण में अधिक समय लगता है तथा इसके लिए विशेष सहजीवी जीवाणुओं की आवश्यकता होती है, इसीलिए शाकाहारी पशुओं की छोटी आंत मांसाहारी जीवों की तुलना में अधिक लंबी होती है।

439. खेलते समय रवि के घुटने में चोट लग गई, जिससे खून बह रहा था। कुछ समय बाद, उसने देखा कि खून बहना बंद हो गया था, और एक गहरे लाल रंग के थक्के ने घाव को भर दिया था। किस प्रकार की कोशिकाएं रक्त का थक्का जमाने में मदद करती हैं ?

(a) लाल रक्त कणिकाएं

(b) इओसिनोफिल्स

(c) लिम्फोसाइट्स

(d) प्लेटलेट्स

Ans: (d) प्लेटलेट्स

[RRB Group D 28-09-2022, Shift-II]

Explanation: रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स कोशिकाएं चोट लगने पर थक्का जमाकर खून के बहाव को रोकने में मुख्य भूमिका निभाती हैं। इस प्रक्रिया को होमियोस्टैसिस भी कहा जाता है। चिकित्सा विज्ञान में प्लेटलेट्स की संख्या का सटीक विश्लेषण सीबीसी (कम्प्लीट ब्लड काउंट) टेस्ट द्वारा आसानी से किया जाता है।

440. रक्त का द्रव मैट्रिक्स क्या कहलाता है।

(a) WBC (श्वेत रक्त कणिकाएं)

(b) RBC (लाल रक्त कणिकाएं)

(c) प्लेटलेट्स

(d) प्लाज्मा

Ans: (d) प्लाज्मा

[RRB Group D 20-09-2022, Shift-III]

Explanation:रक्त का अजीवित तरल भाग या द्रव मैट्रिक्स प्लाज्मा कहलाता है, जो संपूर्ण रक्त का लगभग 60% भाग बनाता है। इस प्लाज्मा में 90% जल के साथ प्रोटीन, लवण और ग्लूकोज उपस्थित होते हैं। शरीर में पचे हुए भोजन एवं विभिन्न हार्मोनों का संवहन इसी माध्यम से होता है।

441. श्वसन वर्णक, हीमोग्लोबिन इनमें से किसमें मौजूद होता है ?

(a) लाल रक्त कणिकाओं में

(b) रक्त प्लेटलेट्स में

(c) श्वेत रक्त कणिकाओं में

(d) रक्त प्लाज्मा में

Ans: (a) लाल रक्त कणिकाओं में

[RRB Group D 11-10-2022, Shift-II]

Explanation: मानव शरीर का मुख्य श्वसन वर्णक हीमोग्लोबिन होता है, जो लाल रुधिर कणिकाओं (RBCs) में पाया जाता है। यह आयरन युक्त एक जटिल प्रोटीन है, जिसके कारण रक्त का रंग लाल दिखाई देता है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन को अवशोषित कर पूरे शरीर में संचरित करता है।

442. इनमें से कौन-सी वाहिका रक्त की हृदय से, फेफड़ों के अलावा, शरीर के विभिन्न अंगों तक ले जाती है ?

(a) महाधमनी

(b) महाशिरा

(c) फुफ्फुस धमनी

(d) फुफ्फुस शिरा

Ans: (a) महाधमनी

[RRB Group D 11-10-2022, Shift-III]

Explanation: महाधमनी (एओर्टा) मानव शरीर की सबसे बड़ी और मुख्य धमनी है, जो हृदय के बाएं निलय से निकलती है। यह शुद्ध ऑक्सीजन युक्त रक्त को फेफड़ों के अतिरिक्त शरीर के सभी अंगों और ऊतकों तक पहुंचाती है। इसके विपरीत फुफ्फुस धमनी अशुद्ध रक्त को फेफड़ों तक ले जाती है।

443. मानव जैसे कुछ जीवों के हृदयों में ऑक्सीजन रहित रक्त को ऑक्सीजन युक्त रक्त से पृथक क्यों रखा जाता है ?

(a) पेशियों की वृद्धि और उसके कामकाज में मदद करने के लिए

(b) फेफड़ों में रक्त का ऑक्सीजनीकरण (Oxygenation)

(c) एक बड़े शरीर वाले जीव को ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए

(d) शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखने में मदद करने के लिए

Ans: (d) शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखने में मदद करने के लिए

[RRB Group D 14-09-2022, Shift-I]

Explanation: पक्षियों और मनुष्यों जैसे समतापी जीवों में शुद्ध और अशुद्ध रक्त को अलग रखना अनिवार्य होता है। यह व्यवस्था शरीर को उच्च दक्षता के साथ प्रचुर ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करती है, जिससे उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग जीव अपने शरीर के आंतरिक तापमान को सदैव स्थिर बनाए रखने में करते हैं।

444. मनुष्यों में सामान्य प्रकुंचन और अनुशिथिलन दाब कितना होता है ?

(a) 130 mm Hg/80 mm Hg

(b) 130 mm Hg/90 mm Hg

(c) 120 mm Hg/90 mm Hg

(d) 120 mm Hg/80 mm Hg

Ans: (d) 120 mm Hg/80 mm Hg

[RRB Group D 08-09-2022, Shift-III]

Explanation: एक स्वस्थ वयस्क मनुष्य का सामान्य रक्तचाप 120/80 mmHg होता है। इसमें ऊपरी मान 120 mmHg हृदय के प्रकुंचन (सिस्टोलिक) दाब को और निचला मान 80 mmHg अनुशिथिलन (डायस्टोलिक) दाब को दर्शाता है। रक्तचाप को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर नामक उपकरण का प्रयोग किया जाता है।

445. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प धमनियों की विशेषताओं का सही वर्णन करता है ?

(a) मोटी भित्तियां होती हैं, रक्त का प्रवाह निम्न दाब के तहत होता है, शरीर के विभिन्न भागों से रक्त एकत्रित करती है

(b) वाल्व युक्त पतली भित्तियां, रक्त का प्रवाह उच्च दाब के तहत होता है, शरीर के विभिन्न भागों तक रक्त ले जाती हैं

(c) मोटी भित्तियां, कोई भी वाल्व नहीं होता है, रक्त का प्रवाह उच्च दाब के तहत होता है, शरीर के विभिन्न भागों तक रक्त ले जाती हैं

(d) वाल्व युक्त पतली भित्तियां, रक्त का प्रवाह निम्न दाब के तहत होता है, शरीर के विभिन्न भागों से रक्त एकत्रित करती हैं।

Ans: (c) मोटी भित्तियां, कोई भी वाल्व नहीं होता है, रक्त का प्रवाह उच्च दाब के तहत होता है, शरीर के विभिन्न भागों तक रक्त ले जाती हैं

[RRB Group D 08-09-2022, Shift-III]

Explanation:धमनियों की दीवारें मोटी और लचीली होती हैं क्योंकि इनमें रक्त का प्रवाह हृदय से तीव्र झटके के साथ उच्च दाब पर होता है। धमनियों के अंदर कपाट (वाल्व) नहीं पाए जाते हैं और ये ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त को हृदय से दूर शरीर के अंगों तक ले जाती हैं।

446. उच्च रक्तचाप (High blood pressure) को अतिरक्तदाब (Hypertension) भी कहा जाता है, जो ________ के कारण होता है।

(a) मांसपेशियों के संकुचन

(b) धमनिकाओं के संकुचन

(c) शिराओं के शिथिलन

(d) धमनिकाओं के शिथिलन

Ans: (b) धमनिकाओं के संकुचन

[RRB Group-D 18-09-2022, Shift-I]

Explanation: उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की स्थिति मुख्य रूप से धमनिकाओं (आर्टेरियोल्स) के अत्यधिक संकुचन के कारण उत्पन्न होती है। जब ये महीन रक्त वाहिकाएं संकुचित होकर संकरी हो जाती हैं, तो रक्त प्रवाह मार्ग में प्रतिरोध बहुत बढ़ जाता है, जिससे हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है।

447. रक्त का इनमें से कौन सा घटक प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है, और कीटाणुओं से लड़ने में शरीर की मदद करता हैं ?

(a) लाल रक्त कणिकाएं

(b) श्वेत रक्त कणिकाएं

(c) रक्त प्लाज्मा

(d) रक्त प्लेटलेट्स

Ans: (b) श्वेत रक्त कणिकाएं

[RRB Group-D 06-10-2022, Shift-II]

Explanation: श्वेत रक्त कणिकाएं (WBC) जिन्हें ल्यूकोसाइट्स भी कहा जाता है, शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को सुदृढ़ कर हानिकारक कीटाणुओं व संक्रमण से रक्षा करती हैं। इनका निर्माण मुख्य रूप से लाल अस्थि मज्जा, लिम्फ नोड्स और प्लीहा में होता है तथा इनका औसत जीवनकाल लगभग 12 से 20 दिनों का होता है।

448. मानव हृदय में, फुफ्फुसीय शिरा ________ से जुड़ी होती है।

(a) बाएँ अलिंद

(b) दाएँ अलिंद

(c) बाएँ निलय

(d) दाएँ निलय

Ans: (a) बाएँ अलिंद

[RRB Group-D 06-10-2022, Shift-II]

Explanation: मानव हृदय के चार कक्षों में से फुफ्फुसीय शिरा (पल्मोनरी वेन) फेफड़ों से शुद्ध ऑक्सीजन युक्त रक्त लेकर सीधे बाएँ अलिंद में प्रवेश करती है। मानव हृदय एक बंद मुट्ठी के आकार का पेशीय अंग होता है, जिसका मुख्य कार्य निरंतर स्पंदन द्वारा पूरे शरीर में रक्त संचरण को बनाए रखना है।

449. लसीका, आँतों में पचित और अवशोषित ________ का परिवहन करती है।

(a) एंजाइमों

(b) कार्बोहाइड्रेट्स

(c) वसा

(d) प्रोटीन

Ans: (c) वसा

[RRB Group D 08-09-2022, Shift-II]

Explanation: लसीका (लिम्फ) तंत्र मुख्य रूप से आँतों में पचित तथा अवशोषित वसा (लिपिड) के संवहन और परिवहन का महत्वपूर्ण कार्य करती है। पोषक तत्वों के परिवहन के अतिरिक्त यह प्रणाली अंतरालीय द्रव के नियमन तथा शरीर की प्रतिरक्षा निगरानी को सुचारू रूप से बनाए रखने में भी बेहद सहायक होती है।

450. इनमें से कौन सा, आंत से पचे हुए और अवशोषित वसा का परिवहन करता है ?

(a) शिरा

(b) प्लाज्मा

(c) लसीका

(d) प्लेटलेट्स

Ans: (c) लसीका

[RRB Group D 14-09-2022, Shift-III]

Explanation: क्षुद्रांत्र (छोटी आंत) द्वारा अवशोषित किए गए वसा के अणुओं का परिवहन मुख्य रूप से लसीका वाहिनियों (लैक्टियल) के माध्यम से परिसंचरण तंत्र में किया जाता है। लसीका एक रंगहीन तरल है जो ऊतकों से अपशिष्ट को हटाने और वसा के अवशोषण में विशिष्ट भूमिका निभाता है।

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