RRB Group D Biology Practice Set 14 Selected Questions

RRB Group D Biology Practice Set 14: Top 30 Selected Questions

BIOLOGY (जीव विज्ञान)

 

RRB Group D Biology Practice Set 14

 

RRB Group D Biology Practice Set 14: रेलवे ग्रुप डी परीक्षा में जनरल साइंस का सेक्शन बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें बायोलॉजी से सीधे और स्कोरिंग प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस RRB Group D Biology Post-14 में हमने आपकी तैयारी को मजबूत बनाने के लिए केवल चुनिंदा प्रश्नों को शामिल किया है। आइए, आज का यह महत्वपूर्ण सेट शुरू करते हैं।

391. _______ अत्यल्प विकसित बच्चों को जन्म देता है-

(a) एकिडना

(b) कंगारू

(c) प्लैटिपस

(d) खरगोश

Ans: (b) कंगारू

[RRB Group-D 31-10-2018, Shift-I]

Explanation: दिए गए विकल्पों में कंगारू ही एकमात्र ऐसा जीव है जो अत्यंत अपरिपक्व शिशु को जन्म देता है। इसके विपरीत एकिडना और प्लैटिपस प्रोटोथीरिया उपवर्ग के जीव हैं जो अंडे देते हैं, जबकि खरगोश यूथीरिया वर्ग का पूर्ण विकसित बच्चा पैदा करने वाला जंतु है।

392. भारत के जंगली जीवन के संदर्भ में, उड़न लोमड़ी ________ है।

(a) एक सारस

(b) एक बगुला

(c) एक चील

(d) एक चमगादड़

Ans: (d) एक चमगादड़

[RRB Group-D 15-11-2018, Shift-I]

Explanation: उड़न लोमड़ी (फ्लाइंग फॉक्स) वास्तव में ग्रेटर इंडियन फ्रूट बैट नामक एक विशाल चमगादड़ है। इसका मुखाकृति लोमड़ी जैसी दिखने के कारण यह नाम पड़ा है। यह एक स्तनधारी जीव है जो केवल फल और फूलों का रस चूसकर जीवन यापन करता है।

393. वह शब्द ढूँढ़ें जो इस समूह से संबंधित नहीं है।

(a) हिरन

(b) साँप

(c) गाय

(d) हाथी

Ans: (b) साँप

[RRB Group-D 01-11-2018, Shift-II]

Explanation: हिरन, गाय और हाथी कशेरुकी जंतुओं के अंतर्गत स्तनधारी (Mammalia) वर्ग से संबंधित हैं, जो बच्चे पैदा करते हैं। इसके विपरीत, साँप सरीसृप (Reptilia) वर्ग का एक रेंगने वाला और अंडे देने वाला असमतापी जीव है, जिससे यह समूह से पूरी तरह भिन्न है।

394. निम्नलिखित में से कौन सा जानवर पराध्वनि उत्पन्न कर सकता है ?

(a) हाथी

(b) पोरपोइसेस

(c) शार्क

(d) पतंगा

Ans: (b) पोरपोइसेस

[RRB Group-D 17-09-2018, Shift-I]

Explanation: पोरपोइसेस (एक प्रकार का समुद्री स्तनधारी जंतु) शिकार करने और दिशा ज्ञान के लिए 20,000 हर्ट्ज से अधिक की पराध्वनि (Ultrasonic Waves) उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं। चमगादड़ और डॉल्फ़िन भी इसी तकनीक का उपयोग करते हैं, जिसे इकोलोकेशन (प्रतिध्वनि निर्धारण) कहा जाता है।

395. निम्न में से किन प्राणियों में पूरे शरीर में रक्त प्रवाह के प्रत्येक चक्र के दौरान, रक्त केवल एक बार हृदय से होकर गुजरता है ?

(a) सरीसृप

(b) पक्षी

(c) मत्स्य

(d) स्तनधारी

Ans: (c) मत्स्य

[RRB Group-D 22-09-2022, Shift-II]

Explanation: मत्स्य (मछली) वर्ग के जीवों में एकल रक्त परिसंचरण पाया जाता है, जिससे रक्त पूरे चक्र में केवल एक बार हृदय से गुजरता है। इनका हृदय अशुद्ध रक्त पंप करता है जो गिल्स (गलफड़ों) में जाकर ऑक्सीजन युक्त होता है और सीधे पूरे शरीर में वितरित हो जाता है।

396. निम्न में से किन प्राणियों में दो-कक्षीय हृदय होते हैं ?

(a) पक्षी

(b) मत्स्य

(c) सरीसृप

(d) स्तनधारी

Ans: (b) मत्स्य

[RRB Group-D 14-09-2022, Shift-I]

Explanation: मत्स्य वर्ग के जीवों का हृदय द्वि-कक्षीय होता है, जिसमें केवल एक अलिंद और एक निलय पाया जाता है। इस प्रकार के हृदय को शिरापरक हृदय (Venous Heart) भी कहते हैं, क्योंकि इसमें हमेशा केवल अशुद्ध या विऑक्सीजनित रक्त ही प्रवाहित होता है।

397. अधिकांश कशेरुकी समूहों में, रक्त का दोहरा परिसंचरण होता है। हालांकि, इन समूहों में से एक अपवाद है। नीचे दिए गए विकल्पों में से उस समूह को पहचानिए।

(a) उभयचर वर्ग

(b) सरीसृप वर्ग

(c) पक्षी वर्ग

(d) मत्स्य वर्ग

Ans: (d) मत्स्य वर्ग

[RRB Group-D 30-08-2022, Shift-II]

Explanation: उभयचर, सरीसृप, पक्षी और स्तनधारियों में दोहरा परिसंचरण होता है, जबकि मत्स्य वर्ग इसका अपवाद है। मछलियों में द्विकक्षीय हृदय होने के कारण एकल परिसंचरण तंत्र कार्य करता है। गिल्स में शुद्ध हुआ रक्त सीधे अंगों में जाता है, हृदय में वापस नहीं लौटता।

398. कुछ मछलियाँ पानी का घूँट लेकर साँस लेती है। ये मछलियाँ पानी का घूँट ________।

(a) प्रति minute हवा को साँस में लेने वाले जीवों की तुलना में कम बार लेती हैं

(b) प्रक्षुब्ध नदी में रहने पर बहुत देर देर में लेती हैं

(c) प्रति minute हवा में साँस लेने वाली जीवों की तुलना में अधिक बार लेती हैं

(d) पानी की सतह पर होने पर बार-बार लेती हैं।

Ans: (c) प्रति minute हवा में साँस लेने वाली जीवों की तुलना में अधिक बार लेती हैं

[RRB Group-D 06-10-2022, Shift-III]

Explanation: पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा, वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन की तुलना में बहुत कम होती है। इसलिए जलीय जीवों (मछलियों) को पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए स्थलीय जीवों की तुलना में बहुत तेजी से और अधिक बार पानी के घूँट लेकर श्वसन करना पड़ता है।

399. मछलियों के हृदय ________ कक्ष होते हैं।

(a) तीन

(b) दो

(c) एक

(d) चार

Ans: (b) दो

[RRB Group-D 17-09-2018, Shift-II]

Explanation: मछलियों के हृदय में दो कक्ष (एक अलिन्द और एक निलय) होते हैं। इनमें श्वसन क्रिया के लिए क्लोम (गिल्स) पाए जाते हैं, जो जल में विलीन ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं। इनके हृदय से होकर रक्त एक चक्र में केवल एक बार ही प्रवाहित होता है, अतः इनमें दोहरा परिसंचरण नहीं पाया जाता है।

400. मछली में पाया जाता है-

(a) एक कक्षीय हृदय

(b) दो कक्षीय हृदय

(c) तीन कक्षीय हृदय

(d) चार कक्षीय हृदय

Ans: (b) दो कक्षीय हृदय

[RRB Group-D 08-10-2018, Shift-I]

Explanation: मछलियों के अंतर्गत मुख्य रूप से दो कक्षीय हृदय पाया जाता है। मत्स्य वर्ग के जीवों का शरीर धारा-रेखीय होता है और ये असमतापी (शीत रक्त वाले) जीव होते हैं। इनके द्विकक्षीय हृदय में केवल अशुद्ध रक्त ही संचरित होता है, जिसे शिरापरक हृदय भी कहा जाता है।

401. निम्नलिखित में से मत्स्य वर्ग की विशेषता क्या नहीं है ?

(a) स्यूडोकोलॅम की उपस्थिति

(b) हड्डी/उपास्थि का अंतःकंकाल

(c) गलफड़ों के द्वारा सांस लेना

(d) शल्क का बहिःकंकाल

Ans: (a) स्यूडोकोलॅम की उपस्थिति

[RRB Group-D 17-09-2018, Shift-II]

Explanation: स्यूडोकोलॅम (कूटगुहा) की उपस्थिति मत्स्य वर्ग की नहीं, बल्कि एस्केलमिन्थीज संघ के जीवों की विशेषता है। मत्स्य वर्ग के जीवों की त्वचा शल्क से ढकी होती है, इनमें श्वसन के लिए गलफड़े होते हैं और इनका अंतःकंकाल अस्थि या उपास्थि का बना होता है। ये जीव असमतापी और द्विकक्षीय हृदय वाले होते हैं।

402. दिये गये विकल्पों में से निम्नलिखित कथन के लिए सही विकल्प का प्रयोग करके रिक्त स्थान भरें– ________ एक सही मछली है ।

(a) कैटल फिश

(b) जैली फिश

(c) डॉग फिश

(d) साँप

Ans: (c) डॉग फिश

[RRB Group-D 16-10-2018, Shift-II]

Explanation: दिए गए विकल्पों में से डॉग फिश (कुत्ता मछली) ही एक वास्तविक मछली है, जो संघ कॉर्डेटा के मत्स्य वर्ग के अंतर्गत आती है। इसके विपरीत कैटल फिश मोलस्का संघ से, जेली फिश नाइडेरिया संघ से और साँप सरीसृप वर्ग से संबंधित हैं, जो वास्तविक मछलियाँ नहीं हैं।

403. निम्न में से कौन सा जीव मत्स्य वर्ग से संबंधित है ?

(a) जेलिफिश

(b) डॉग फिश

(c) सिल्वर फिश

(d) स्टार फिश

Ans: (b) डॉग फिश

[RRB Group-D 16-11-2018, Shift-III]

Explanation: डॉग फिश (स्कोलियोडॉन) ही वास्तविक रूप से मत्स्य वर्ग से संबंधित जीव है। अन्य विकल्पों में जेलिफिश निडेरिया संघ का, सिल्वर फिश आर्थ्रोपोडा संघ का कीट है तथा स्टार फिश इकाइनोडर्मेटा संघ का प्राणी है। परीक्षा में भ्रामक नामों से बचने के लिए इनका वर्गीकरण ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक है।

404. निम्नलिखित में से किसके हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं ?

(a) सैलामैंडर

(b) कोबरा

(c) मेंढक

(d) रोहू

Ans: (d) रोहू

[RRB Group-D 05-11-2018, Shift-I]

Explanation: रोहू एक वास्तविक अस्थिल मछली है, जिसके हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं। इसके विपरीत सैलामैंडर और मेंढक उभयचर वर्ग के जीव हैं जिनके हृदय में तीन कक्ष होते हैं, तथा कोबरा सरीसृप वर्ग का जीव है जिसमें अपूर्ण चार कक्षीय (तीन कक्षीय) हृदय पाया जाता है।

405. पित्त रस के कार्य नीचे दिए गए हैं। उस विकल्प का चयन करें, जो पित्त रस के कार्य से संबंधित नहीं है।

(a) यह अग्नाशयी एंजाइमों की क्रिया के लिए भोजन को क्षारीय माध्यम प्रदान करता है।

(b) इसमें प्रोटीन को पचाने वाला एंजाइम होता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायक होता है

(c) यह अग्नाशयी एंजाइमों की क्रिया की दक्षता को बढ़ाता है।

(d) यह बड़ी वसा गोलिकाओं को छोटी वसा गोलिकाओं में विघटित करता है

Ans: (b) इसमें प्रोटीन को पचाने वाला एंजाइम होता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायक होता है

[RRB Group D 09-09-2022, Shift-II]

Explanation: पित्त रस का निर्माण यकृत में होता है और यह पित्ताशय में जमा रहता है। पित्त रस में कोई भी पाचक एंजाइम नहीं पाया जाता है, इसलिए यह प्रोटीन के पाचन में सीधे भाग नहीं लेता है। इसका मुख्य कार्य वसा का पायसीकरण करना और भोजन के माध्यम को क्षारीय बनाना है।

406. निम्न में से क्या, आहार नाल में अम्लीय आहार को क्षारीय में परिवर्तित करता है ?

(a) जठर रस

(b) आंत्र रस

(c) पित्त रस

(d) अग्नाशयी रस

Ans: (c) पित्त रस

[RRB Group-D 29-09-2022, Shift-II]

Explanation: आमाशय से आने वाला भोजन अत्यधिक अम्लीय होता है, जिसे यकृत द्वारा स्रावित पित्त रस अपने क्षारीय स्वभाव (pH मान लगभग 7.7) के कारण क्षारीय माध्यम में बदल देता है। यह क्षारीय माध्यम अग्न्याशयी रसों को सक्रिय करने और भोजन में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने के लिए आवश्यक होता है।

407. निम्न में से कौन सा वसा के पायसीकरण में शामिल होता है ?

(a) आमाशय

(b) अग्न्याशय

(c) प्लीहा

(d) यकृत

Ans: (d) यकृत

[RRB Group D 12-09-2022, Shift-II]

Explanation: वसा के पायसीकरण की प्रक्रिया में यकृत द्वारा स्रावित पित्त रस शामिल होता है। पायसीकरण के अंतर्गत वसा की बड़ी-बड़ी गोलिकाओं को छोटी सूक्ष्म गोलिकाओं में तोड़ा जाता है, ताकि लाइपेज एंजाइम उन पर सुगमता से कार्य कर सके। यकृत मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि भी है।

408. पाचन के संदर्भ में गलत कथन को पहचानें।

(a) अवशोषण स्वांगीकरण से पहले, लेकिन पाचन के बाद होता है।

(b) स्वांगीकरण अंतर्ग्रहण से पहले, लेकिन अवशोषण के बाद होता है।

(c) पाचन, निष्कासन (बहिःक्षेपण) से पहले, लेकिन अंतर्ग्रहण के बाद होता है।

(d) स्वांगीकरण और अवशोषण, दोनों अंतर्ग्रहण के बाद होते हैं।

Ans: (b) स्वांगीकरण अंतर्ग्रहण से पहले, लेकिन अवशोषण के बाद होता है।

[RRB Group D 11-10-2022, Shift-II]

Explanation: मानव में पोषण प्रक्रिया का सही तार्किक क्रम अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण और अंत में उत्सर्जन है। अतः स्वांगीकरण कभी भी अंतर्ग्रहण से पहले नहीं हो सकता, जिससे कथन (b) पूर्णतः गलत सिद्ध होता है। पाचन प्रक्रिया में जटिल भोज्य पदार्थों को सरल अणुओं में विघटित किया जाता है।

409. आहार में मौजूद वसा छोटी आंत में बड़ी गोलिकाएं क्यों बनाते हैं ?

(a) क्योंकि आमाशय में मौजूद लाइपेन एंजाइम वसा को पूरी तरह से नहीं पचा पाते हैं

(b) क्योंकि वसा, आमाशय में उत्पन्न जलयुक्त कर्दम (slurry) के साथ अच्छी तरह मिश्रित नहीं हो पाते हैं

(c) क्योंकि वसा, आमाशय में भोजन के मंथन (churning) के दौरान कार्बोहाइड्रेट में फंस जाते हैं

(d) क्योंकि प्रोटीन और वसा आपस में मिलकर कोलाइडल पदार्थ बनाते हैं

Ans: (b) क्योंकि वसा, आमाशय में उत्पन्न जलयुक्त कर्दम (slurry) के साथ अच्छी तरह मिश्रित नहीं हो पाते हैं

[RRB Group D 22-09-2022, Shift-II]

Explanation: वसा जल में अमिश्रणीय (अघुलनशील) होते हैं, जिसके कारण आमाशय के जलयुक्त कर्दम (काइम) में ये आपस में मिलकर छोटी आंत में बड़ी गोलिकाओं का रूप ले लेते हैं। इन बड़ी गोलिकाओं को तोड़ने के लिए ही यकृत से पित्त लवणों का स्राव होता है, जो पाचन क्रिया को सुगम बनाते हैं।

410. नीचे दिये गये कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए।

कथन-I : मानव आमाशय, नाइट्रिक अम्ल का उत्पादन करता है।

कथन-II : हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, आमाशय को क्षति पहुँचाए बिना भोजन के पाचन में मदद करता है।

(a) केवल कथन I सही है।

(b) दोनों कथन सही हैं। कथन I, कथन II की सही व्याख्या है।

(c) केवल कथन II सही है।

(d) दोनों कथन सही हैं कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है।

Ans: (c) केवल कथन II सही है।

[RRB Group D 22-08-2022, Shift-I]

Explanation: मानव आमाशय नाइट्रिक अम्ल का नहीं, बल्कि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का उत्पादन करता है, जिससे कथन I सर्वथा असत्य है। यह हाइड्रोक्लोरिक अम्ल आमाशय की आंतरिक परत (श्लेष्मा) के कारण आमाशय को नुकसान पहुंचाए बिना भोजन को अम्लीय बनाता है और जीवाणुओं को नष्ट कर पाचन में सहायता करता है।

411. मनुष्यों की छोटी आंत में मौजूद अंकुरों (villi) की कुछ विशेषताएं नीचे दी गई है:

(i) ये बहुत पतली दीवारों से लगी हुई अंगुलीनुमा संरचनाएं हैं

(ii) ये एक बड़ा सतही क्षेत्रफल प्रदान करती हैं

(iii) इनमें भोजन के पारण के लिए छोटे-छोटे छिद्र होते हैं

(iv) रक्त केशिकाओं द्वारा भरपूर आपूर्ति

कौन से विकल्प अंकुरों (villi) को भोजन का अवशोषण करने में सक्षम बनाने वाली विशेषताओं को दर्शाते हैं ?

(a) केवल (i)

(b) (i), (ii) और (iii)

(c) केवल (ii) और (iii)

(d) केवल (i) और (iii)

Ans: (b) (i), (ii) और (iii)

[RRB Group D 26-08-2022, Shift-III]

Explanation: छोटी आंत की आंतरिक भित्ति पर उंगलीनुमा रसांकुर (विली) पाए जाते हैं। ये संरचनाएं अत्यधिक पतली दीवारों वाली होती हैं, अवशोषण के लिए सतही क्षेत्रफल को बढ़ाती हैं और इनमें महीन छिद्र होते हैं। इनके माध्यम से पचा हुआ सरल भोजन आसानी से विसरित होकर रक्त प्रवाह में सम्मिलित हो जाता है।

412. कारबोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन कहाँ होता है ?

(a) छोटी आँत में

(b) आमाशय में

(c) मलाशय में

(d) बड़ी आँत में

Ans: (a) छोटी आँत में

[RRB Group D 17-09-2022, Shift-III]

Explanation: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा तीनों घटकों का पूर्ण पाचन मानव शरीर की छोटी आंत (क्षुद्रांत्र) में ही संपन्न होता है। छोटी आंत आहार नाल का सबसे लंबा भाग (लगभग 6 से 7 मीटर) है, जहाँ आमाशय, यकृत और अग्न्याशय से आने वाले पाचक रस मिलकर पाचन क्रिया पूर्ण करते हैं।

413. मुख गुहिका (Buccal cavity), मानव तंत्र का एक हिस्सा है।

(a) परिसंचरण

(b) उत्सर्जन

(c) पाचन

(d) श्वसन

Ans: (c) पाचन

[RRB Group D 06-09-2022, Shift-III]

Explanation: मुख गुहिका (बक्कल कैविटी) मानव पाचन तंत्र का प्रारंभिक और महत्वपूर्ण अंग है। भोजन के पाचन की शुरुआत यहीं से होती है, जहाँ दाँतों द्वारा भोजन को यांत्रिक रूप से चबाया जाता है और लार ग्रंथियों से स्रावित लार (एमाइलेज एंजाइम) कार्बोहाइड्रेट के रासायनिक पाचन की प्रक्रिया को प्रारंभ करती है।

414. इनमें से कौन सा एंजाइम स्टार्च को सरल शर्करा में विखंडित करता है ?

(a) पेप्सिन

(b) लाइपेज

(c) एमाइलेज

(d) ट्रिप्सिन

Ans: (c) एमाइलेज

[RRB Group D 17-09-2022, Shift-I]

Explanation: एमाइलेज (टायलिन) एंजाइम जटिल स्टार्च (मंड) को सरल माल्टोज और ग्लूकोज शर्करा में विखंडित करने का कार्य करता है। यह एंजाइम मुख्य रूप से लार और अग्न्याशयी रस में पाया जाता है। अन्य विकल्पों में पेप्सिन तथा ट्रिप्सिन प्रोटीन का, और लाइपेज वसा का पाचन करने वाले प्रमुख एंजाइम हैं।

415. मानव शरीर के किस भाग में अंकुर (villi) मौजूद होते हैं ?

(a) यकृत

(b) छोटी आंत

(c) नेत्र

(d) वृक्क

Ans: (b) छोटी आंत

[RRB Group D 28-09-2022, Shift-III]

Explanation: मानव शरीर में पचे हुए पोषक तत्वों का सर्वाधिक अवशोषण छोटी आंत में होता है, और इसी कार्य को सुगम बनाने के लिए इसकी आंतरिक सतह पर उंगली के समान सूक्ष्म प्रवर्ध या अंकुर (विली) पाए जाते हैं। ये अंकुर अवशोषण की दर को तीव्र करने के लिए सतही क्षेत्रफल बढ़ाते हैं।

416. मनुषष्य के पाचन तंत्र में होने वाली कौन सी क्रिया गंदगी पर साबुन के पायसीकरण की क्रिया के समान होती है ?

(a) पित्त रस द्वारा क्षारीय माध्यम प्रदान किया जाना

(b) पित्त लवणों द्वारा बड़ी वसा गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में विघटित किया जाना

(c) पित्त रस एंजाइमों द्वारा स्टार्च के पाचन में सहायता करना

(d) पित्त रस द्वारा अम्लीय माध्यम प्रदान किया जाना

Ans: (b) पित्त लवणों द्वारा बड़ी वसा गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में विघटित किया जाना

[RRB Group D 17-08-2022, Shift-II]

Explanation:पाचन तंत्र में वसा के पायसीकरण की प्रक्रिया साबुन की क्रिया के समान होती है। इसमें यकृत से स्रावित पित्त लवण वसा की बड़ी गोलिकाओं को सूक्ष्म गोलिकाओं में तोड़ देते हैं, जिससे पाचक एंजाइम लाइपेज इन पर आसानी से क्रिया कर सके। यह क्रिया वसा के पाचन और अवशोषण के लिए बेहद आवश्यक होती है।

417. निम्नाँकित चित्र मानव आहार नाल के एक भाग को दर्शाता है। इस भाग में कौन सी क्रिया हो रही है, और कैसे ?

(चित्र में दर्शाया गया टेक्स्ट – Food, Oesophagus, Stomach)

(a) मौजूद एंजाइमों के कारण क्रमाकुंचन

(b) लयबद्ध संकुचन और पेशीय भित्तियों के शिथिलन के कारण क्रमाकुंचन

(c) लयबद्ध संकुचन और पेशीय भित्तियों के शिथिलन के कारण पाचन

(d) मौजूद एंजाइमों के कारण पाचन

Ans: (b) लयबद्ध संकुचन और पेशीय भित्तियों के शिथिलन के कारण क्रमाकुंचन

[RRB Group D 30-09-2022, Shift-III]

Explanation: मानव आहार नाल की ग्रास नली (ओसोफैगस) में भोजन को आगे बढ़ाने के लिए इसकी पेशीय भित्तियों में एक विशेष गति होती है। इस गति को क्रमाकुंचन (पेरिस्टालसिस) कहते हैं, जो पेशियों के लयबद्ध संकुचन और शिथिलन से उत्पन्न होती है। उल्लेखनीय है कि ग्रास नली में किसी भी प्रकार का पाचन नहीं होता है।

418. एक वयस्क मनुष्य के मुख में केवल _______ कृंतक होते हैं।

(a) दस

(b) चार

(c) आठ

(d) बारह

Ans: (c) आठ

[RRB Group D 06-10-2022, Shift-I]

Explanation: एक वयस्क मनुष्य के मुख में कुल 32 स्थायी दाँत होते हैं, जिनमें कृंतक (इंसाइज़र) दाँतों की संख्या केवल 8 होती है (4 ऊपरी जबड़े में और 4 निचले जबड़े में)। ये दाँत मुख्य रूप से भोजन को काटने और कुतरने का कार्य करते हैं। इसके अलावा मुख में 4 रदनक, 8 अग्रचवर्णक और 12 चवर्णक दाँत पाए जाते हैं।

419. स्तंभों को सुमेलित कीजिए।

समूह-I: I. मुख, II. दांत, III. जीभ, IV. लार

समूह-II: A. भोजन को चबाना, B. भोजन की रोलिंग, C. संपूर्ण भोजन का सेवन, D. भोजन को निगलना

(a) I-A; II-D; III-A; IV-A

(b) I-A; II-B; III-C; IV-D

(c) I-B; II-C; III-D; IV-C

(d) I-C; II-A; III-B; IV-D

Ans: (d) I-C; II-A; III-B; IV-D

[RRB Group D 26-09-2022, Shift-II]

Explanation: मानव मुख के अंगों का कार्य के आधार पर सही सुमेलन विकल्प (d) है। यहाँ मुख का मुख्य कार्य संपूर्ण भोजन का अंतर्ग्रहण (सेवन) करना है, दाँत भोजन को यांत्रिक रूप से चबाते हैं, जीभ लार के साथ भोजन की रोलिंग (मिश्रण) करती है तथा लार भोजन को चिकना बनाकर निगलने में सहायता प्रदान करती है।

420. निम्नलिखित में से आहारनाल का कौन सा भाग कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन करता है।

(a) छोटी आँत

(b) आमाशय

(c) अन्न प्रणाली

(d) बड़ी आँत

Ans: (a) छोटी आँत

[RRB Group D 09-09-2022, Shift-I]

Explanation: मानव आहार नाल में स्थित छोटी आंत (क्षुद्रांत्र) वह स्थान है जहाँ कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन संपन्न होता है। यहाँ यकृत से पित्त रस और अग्न्याशय से अग्न्याशयी रस आकर मिलते हैं। पाचन पूर्ण होने के बाद भोजन के सरल घटकों का अवशोषण भी इसी आंत की विली द्वारा किया जाता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top