BIOLOGY (जीव विज्ञान)
(ii) सीलेन्ट्रेटा (Coelenterata)
331. _______ का शरीर कोशिका की दो परतों से बना होता है।
(a) सिलेंट्रेट
(b) नेमेटोडा
(c) एनेलिडा
(d) प्लेटीहेल्मिंथीज
Ans: (a) सिलेंट्रेट
[RRB Group-D, 10-10-2018, Shift-II]
Explanation: सिलेंट्रेटा (निडेरिया) संघ के जंतुओं का शारीरिक संगठन द्विस्तरीय (Diploblastic) होता है। इनका शरीर बाहरी एपिडर्मिस तथा आंतरिक गैस्ट्रोडर्मिस नामक दो कोशिकीय परतों से निर्मित होता है, जिनके मध्य अकोशिकीय मेसोग्लिया पाया जाता है। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि इस संघ के जीवों में श्रम विभाजन की शुरुआत होती है और उदाहरण के लिए हाइड्रा इसका प्रमुख उदाहरण है।
332. हाइड्रा, स्टारफिश, प्लेनेरिया निम्न में से किस प्रक्रिया द्वारा उत्पन्न होते हैं ?
(a) विखंडन
(b) बीजाणु द्वारा जनन
(c) मुकुलन
(d) पुनर्जनन
Ans: (d) पुनर्जनन
[RRB Group-D, 03-10-2018, Shift-II]
Explanation: यदि हाइड्रा या प्लेनेरिया जैसे सरल जीवों को कई टुकड़ों में काट दिया जाए, तो प्रत्येक टुकड़ा विकसित होकर एक पूर्ण जीव का निर्माण कर लेता है। इस अलैंगिक जनन की विधि को पुनर्जनन (पुनरुद्भवन) कहा जाता है। विशेष तथ्य यह है कि प्लेनेरिया में पूरे जंतु जगत में सबसे तीव्र पुनरुद्भवन की क्षमता पाई जाती है।
333. निम्नलिखित में से कौन सा जानवर मुकुलन (बडिंग) द्वारा पुनरुत्पादित करता है और पुनर्जनन कार्यान्वित कर सकता है ?
(a) प्लेनेरिया
(b) हाइड्रा
(c) प्लाज्मोडियम
(d) खमीर
Ans: (b) हाइड्रा
[RRB Group-D, 18-09-2018, Shift-I]
Explanation: हाइड्रा निडेरिया संघ का एक सूक्ष्म जलीय जीव है, जो मुकुलन और पुनर्जनन दोनों ही विधियों द्वारा अलैंगिक प्रजनन करने की क्षमता रखता है। विपरीत परिस्थितियों में इसके शरीर का कोई भी हिस्सा टूटकर नया जीव बना सकता है। मूल्य संवर्धन तथ्य यह है कि हाइड्रा की खोज ल्यूवेनहॉक ने की थी और इसमें तंत्रिका तंत्र पाया जाता है परंतु मस्तिष्क नहीं होता।
334. _______ में मुकुलन द्वारा प्रजनन हो सकता है।
(a) लॉबस्टर
(b) स्टारफिश
(c) हाइड्रा
(d) केंचुआ
Ans: (c) हाइड्रा
[RRB Group-D, 22-09-2018, Shift-I]
Explanation: अनुकूल परिस्थितियों में भोजन संचय करके हाइड्रा के शरीर की गैस्ट्रोडर्मिस कोशिकाएं फूल जाती हैं और बाहर की ओर एक उभार बनाती हैं, जिसे कलिका (Bud) कहते हैं। यह कलिका विकसित होकर नया हाइड्रा बनाती है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि केंचुआ एनिलिडा संघ का एक द्विलिंगी जीव है, जो मुकुलन द्वारा नहीं बल्कि लैंगिक रूप से जनन करता है।
335. कलिका द्वारा विकसित नया जीव ________ है।
(a) कीटाणु
(b) पैरामीशियम
(c) हाइड्रा
(d) अमीबा
Ans: (c) हाइड्रा
[RRB Group-D, 23-10-2018, Shift-I]
Explanation: मुकुलन या कलिका (Budding) द्वारा नए जीव का विकास मुख्य रूप से हाइड्रा में देखा जाता है। दिए गए अन्य विकल्पों में अमीबा और पैरामीशियम एककोशिकीय प्रोटोजोआ जीव हैं, जो कलिका द्वारा नहीं बल्कि मुख्य रूप से द्विखंडन विधि द्वारा वंश वृद्धि करते हैं। हाइड्रा एक बहुकोशिकीय जीव है जो मीठे पानी में पाया जाता है।
336. ________ बडिंग की प्रक्रिया द्वारा प्रजनन के लिए पुनर्जन्म कोशिकाओं का उपयोग करता है।
(a) खमीर
(b) अमीबा
(c) प्लेनेरिया
(d) हाइड्रा
Ans: (d) हाइड्रा
[RRB Group-D, 11-12-2018, Shift-II]
Explanation: हाइड्रा अपने शरीर पर बडिंग (मुकुलन) की प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए विशिष्ट पुनर्जन्म कोशिकाओं (इंटरस्टिशियल सेल्स) का उपयोग करता है। ये कोशिकाएं लगातार विभाजित होकर उभार बनाती हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि हालांकि खमीर (यीस्ट) भी बडिंग करता है, परंतु वह एककोशिकीय कवक है, जबकि हाइड्रा एक बहुकोशिकीय जंतु है।
(iii) प्लेटिहेल्मिन्थीज (Platyhelminthes)
337. जानवरों के किस फाइलम (संघ) को फ्लैटवार्म (चपटे कृमि) भी कहा जाता है ?
(a) सिलेन्ट्रेटा
(b) निमैटोडा
(c) पोरीफेरा
(d) प्लेटीहेल्मिंथीज
Ans: (d) प्लेटीहेल्मिंथीज
[RRB Group-D, 06-12-2018, Shift-III]
Explanation: संघ प्लेटीहेल्मिंथीज के जीवों का शरीर पृष्ठ-अधर तल (Dorsoventrally) से पूरी तरह चपटा होता है, इसीलिए इन्हें फ्लैटवार्म या चपटे कृमि कहा जाता है। ये जीव त्रिस्तरीय और अगुहीय (Acoelomate) होते हैं। अतिरिक्त तथ्य यह है कि इन जीवों में उत्सर्जन के लिए विशिष्ट ‘ज्वाला कोशिकाएं’ (Flame Cells) पाई जाती हैं, जो परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती हैं।
338. निम्नलिखित में से कौन से जानवरों के नेत्र बहुत ही साधारण होते हैं, वास्तव में रोशनी को पहचानने वाली केवल नेत्र बिन्दु होती है ?
(a) फीता कृमि
(b) प्लेनेरिया
(c) राउंडवर्म
(d) एस्केरिस
Ans: (b) प्लेनेरिया
[RRB Group-D, 10-10-2018, Shift-III]
Explanation: प्लेनेरिया चपटे कृमि (प्लेटीहेल्मिंथीज संघ) का सदस्य है। इसके पास बहुत ही प्राथमिक स्तर की आंखें होती हैं जिन्हें नेत्र बिंदु या ओसेली (Ocelli) कहा जाता है। ये बिंदु कोई स्पष्ट बिम्ब या छवि नहीं बनाते, बल्कि केवल प्रकाश की तीव्रता और दिशा का पता लगाते हैं। यह जीव तीव्र प्रकाश से दूर भागने के लिए इनका उपयोग करता है।
339. _______ नामक एक फ्लैटवार्म में बहुत सामान्य ‘आंकें’ होती है जो वास्तव में केवल आंखों के धब्बे होते हैं, जो प्रकाश का पता लगाते हैं।
(a) एस्केरिस
(b) प्लेनेरिया
(c) लीवरफ्लूक
(d) टेपवार्म
Ans: (b) प्लेनेरिया
[RRB Group-D, 26-09-2018, Shift-II]
Explanation: प्लेनेरिया नामक चपटे कृमि में पाए जाने वाले आंखों के धब्बे (Eye Spots) वास्तव में फोटोरिसेप्टर की तरह कार्य करते हैं। यह जीव मुख्य रूप से वर्ग टरबुलेरिया के अंतर्गत आता है और ठंडे व स्वच्छ जलीय स्रोतों में निवास करता है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि इसमें नर और मादा जननांग एक ही जीव में पाए जाते हैं अर्थात् यह उभयलिंगी होता है।
340. टेपवर्म फाइलम _______ से संबंधित है।
(a) ऐस्केहेल्मिंथीज
(b) एनिलिडा
(c) प्लेटीहेल्मिंथीज
(d) निमैटोडा
Ans: (c) प्लेटीहेल्मिंथीज
[RRB Group-D, 07-12-2018, Shift-I]
Explanation: टेपवर्म (फीताकृमि) प्लेटीहेल्मिंथीज संघ का एक प्रमुख अंतःपरजीवी (Endoparasite) जंतु है, जो मनुष्यों और अन्य पशुओं की आंत में पाया जाता है। ग्रीक भाषा में प्लेटी का अर्थ ‘चपटा’ और हेल्मिंथीज का अर्थ ‘कृमि’ होता है। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि इन परजीवियों में कोई विकसित पाचन तंत्र नहीं होता, ये सीधे त्वचा से पोषक तत्व अवशोषित करते हैं।
(iv) एस्केहेल्मिन्थीज (Aschelminthes)
341. _______ एस्केरिस का साधारण नाम है।
(a) पिन वार्म
(b) अर्थ वार्म
(c) राउंड वार्म
(d) टेप वार्म
Ans: (c) राउंड वार्म
[RRB Group-D, 01-10-2018, Shift-II]
Explanation: एस्केरिस को सामान्य भाषा में राउंडवर्म (गोलकृमि) कहा जाता है, जो निमेटोडा या एस्केहेल्मिंथीज संघ के अंतर्गत आता है। यह मनुष्य की छोटी आंत में रहने वाला एक हानिकारक अंतःपरजीवी जीव है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि इसकी वजह से बच्चों में एस्केरियासिस नामक रोग उत्पन्न होता है।
342. इनमें से कौन सा, केंचुए का श्वसन अंग है ?
(a) क्लोम कोष्ठ
(b) त्वचा
(c) फेफड़े (वायुकोश)
(d) श्वास रंध्र
Ans: (b) त्वचा
[RRB Group D, 18/09/2022, Shift-III]
Explanation: केंचुआ श्वसन के लिए किसी विशिष्ट अंग का उपयोग नहीं करता, बल्कि वह अपनी नम और श्लेष्मयुक्त त्वचा (Moist Skin) द्वारा गैसों का विनिमय करता है। मूल्य संवर्धन तथ्य यह है कि केंचुए को ‘किसानों का मित्र’ कहा जाता है और यह एनिलिडा संघ का सदस्य है।
(v) एनीलिडा (Annelida)
343. _______ का उपयोग वर्मी कम्पोस्टिंग में किया जाता है।
(a) फीता कृमियों (Tapeworms)
(b) गोल कृमियों (Roundworms)
(c) केंचुओं (Earthworms)
(d) चपटे कृमियों (Flatworms)
Ans: (c) केंचुओं (Earthworms)
[RRB Group D, 16/09/2022, Shift-III]
Explanation: वर्मीकम्पोस्टिंग एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें केंचुओं की सहायता से जैविक कचरे, जैसे गोबर और पौधों के अवशेषों को उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उर्वरक में बदला जाता है। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि वर्मीकम्पोस्ट में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
344. _______ एनेलिडा वर्ग से संबंधित नहीं है।
(a) केंचुआ
(b) नेरिस
(c) जोंक
(d) एस्केरिस
Ans: (d) एस्केरिस
[RRB Group-D, 18-09-2018, Shift-II]
Explanation: एस्केरिस एनेलिडा वर्ग का नहीं बल्कि एस्केहेल्मिंथीज (निमेटोडा) संघ का प्राणी है, जबकि केंचुआ, जोंक और नेरिस एनेलिडा संघ के अंतर्गत आते हैं। एनेलिडा संघ के जीवों का शरीर खंडयुक्त होता है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि एनेलिडा जीवों में बंद परिसंचरण तंत्र पाया जाता है।
(vi) आर्थोपोडा (Arthropoda)
345. कीटों में गैस के विनिमय के लिए वायु नलियों का एक जाल होता है इन्हें ________ कहा जाता है।
(a) धमनियाँ
(b) श्वासप्रणाल
(c) केशिकाएं
(d) श्वासरंध्र
Ans: (b) श्वासप्रणाल
[RRB Group – D : 06/10/2022, Shift-II]
Explanation: कीटों में श्वसन के लिए रक्त या फेफड़ों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि उनके पूरे शरीर में वायु नलियों का एक तंत्र फैला होता है जिसे श्वासप्रणाल (Trachea) कहते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि ये नलिकाएं बाहर की तरफ जिन छोटे छिद्रों से खुलती हैं, उन्हें श्वासरंध्र (Spiracles) कहा जाता है।
346. ________ समूह से संबंधित पशुओं में जुड़े हुए पैर होते हैं।
(a) पोरीफेरा
(b) मोलस्का
(c) आर्थ्रोपोडा
(d) एनेलिडा
Ans: (c) आर्थ्रोपोडा
[RRB Group-D, 24-10-2018, Shift-III]
Explanation: आर्थ्रोपोडा संघ का नाम ही इसके विशिष्ट लक्षण ‘संधियुक्त उपांगों’ (Jointed Legs) पर आधारित है, जिसका अर्थ जुड़े हुए पैर होता है। इस संघ के जीवों का बाह्य कंकाल काइटिन नामक कार्बोहाइड्रेट से बना होता है। मूल्य संवर्धन तथ्य यह है कि मक्खी, मच्छर, बिच्छू और केकड़े इसी संघ के अंतर्गत आते हैं।
347. ________ जन्तुओं का सबसे बड़ा समूह है।
(a) निमैटोडा
(b) आर्थ्रोपोडा
(c) एनेलिडा
(d) मोलस्का
Ans: (b) आर्थ्रोपोडा
[RRB Group-D, 30-10-2018, Shift-III]
Explanation: आर्थ्रोपोडा प्राणिजगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसके अंतर्गत पृथ्वी पर पाए जाने वाले कुल जीवों की लगभग दो-तिहाई जातियां शामिल हैं। इनका शरीर सिर, वक्ष और उदर में विभाजित होता है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि इस संघ के अधिकांश जीव एकलिंगी होते हैं और इनमें खुला परिसंचरण तंत्र होता है।
348. _______ कदाचित जानवरों का सबसे बड़ा समूह है।
(a) आर्थ्रोपोडा
(b) मोलस्का
(c) सीलेन्ट्रेटा
(d) निमेटोडा
Ans: (a) आर्थ्रोपोडा
[RRB Group-D, 08-10-2018, Shift-III]
Explanation: जीव विज्ञान में आर्थ्रोपोडा संघ को जंतु जगत का विशालतम समूह माना गया है, जिसमें कीट वर्ग सबसे बड़ा है। इस संघ के जीव जल, थल और वायु तीनों स्थानों पर सफलता से जीवन यापन करते हैं। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि इनमें श्वसन के लिए बुक-लंग्स, गिल्स या ट्रैकिया पाए जाते हैं।
349. ________ संभवतः प्राणियों का सबसे बड़ा समूह है।
(a) चूर्णप्रावार (मोलस्का)
(b) ऐनेलिडा
(c) शूलचर्मी (इकाइनोडर्मेटा)
(d) आर्थ्रोपोडा
Ans: (d) आर्थ्रोपोडा
[RRB Group-D, 01-11-2018, Shift-II]
Explanation: आर्थ्रोपोडा समूह के सदस्यों में द्विपार्श्व सममिति पाई जाती है और इनका शरीर खंडयुक्त होता है। इसमें रुधिर परिसंचरण तंत्र खुले प्रकार का होता है, जिससे रक्त सीधे कोटरों (Haemocoel) में बहता है। मूल्य संवर्धन तथ्य यह है कि कॉकरोच, खटमल और झींगा मछली इसी संघ के प्रसिद्ध जीव हैं।
(vii) मोलस्का (Mollusca)
350. निम्नलिखित में से कौन चूर्णप्रावार मोलस्का संघ से संबंधित नहीं है ?
(a) घोंघा
(b) एंटीडोन
(c) ऑक्टोपस
(d) कैटन
Ans: (b) एंटीडोन
[RRB Group-D, 04-12-2018, Shift-II]
Explanation: एंटीडोन (सी-लिली) मोलस्का संघ का जीव नहीं है, बल्कि यह इकाइनोडर्मेटा संघ से संबंधित है। घोंघा, ऑक्टोपस और काइटन (कैटन) मोलस्का संघ के जीव हैं, जिनका शरीर अत्यंत कोमल होता है और सुरक्षा के लिए कैल्सियम कार्बोनेट के कड़े कवच से ढका रहता है। मोलस्का जंतु जगत का दूसरा सबसे बड़ा संघ है।
(viii) इकाइनोडर्मेटा (Echinodermata)
351. ________ पूरी तरह से मुक्त रहने वाले समुद्री जीव हैं।
(a) मोलस्का
(b) आर्थ्रोपोडा
(c) इकाइनोडर्मेटा
(d) नेमैटोडा
Ans: (c) इकाइनोडर्मेटा
[RRB Group-D, 09-10-2018, Shift-II]
Explanation: इकाइनोडर्मेटा संघ के सभी जंतु विशिष्ट रूप से केवल खारे पानी (समुद्र) में मुक्त रूप से निवास करते हैं; इनकी कोई भी प्रजाति मीठे पानी या स्थल पर नहीं पाई जाती। इसके विपरीत मोलस्का, आर्थ्रोपोडा और निमैटोडा के जीव जलीय और स्थलीय दोनों प्रकार के आवासों में पाए जाते हैं।
352. ‘जल संवहनी प्रणाली’ _______ में पाई जाती है।
(a) समुद्री-खीरा
(b) समुद्रफूल (समुद्री-एनिमोन)
(c) समुद्री-पिच्छक (समुद्री-पेन)
(d) अश्वमीन
Ans: (a) समुद्री-खीरा
[RRB Group-D, 03-12-2018, Shift-III]
Explanation: जल संवहन तंत्र (Water Vascular System) इकाइनोडर्मेटा संघ के जीवों का एक अनूठा और मुख्य लक्षण है, जो समुद्री-खीरा (सी-कुकुम्बर) में पाया जाता है। यह प्रणाली उन्हें गमन, श्वसन और भोजन पकड़ने में सहायता करती है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि समुद्रफूल सिलेंट्रेटा संघ का सदस्य है।
353. स्टारफिश _______ समूह से संबंधित है।
(a) इकाइनोडर्मेटा
(b) एनीलिडा
(c) पोरीफेरा
(d) निमैटोडा
Ans: (a) इकाइनोडर्मेटा
[RRB Group-D, 11-11-2018, Shift-II]
Explanation: स्टारफिश (तारा मछली) का शरीर कांटों से ढका होता है और यह इकाइनोडर्मेटा समूह के अंतर्गत आती है। यह एक वास्तविक मछली नहीं है, बल्कि एक अकशेरुकी समुद्री जीव है। मूल्य संवर्धन तथ्य यह है कि स्टारफिश में खोया हुआ अंग दोबारा उगाने की तीव्र पुनरुद्भवन (Regeneration) क्षमता पाई जाती है।
354. संघ के प्राणी अनन्य रूप से समुद्र में मुक्त जीवन जीने वाले प्राणी हैं।
(a) निमैटोडा
(b) चूर्णप्रावार (मोलस्का)
(c) आर्थ्रोपोडा
(d) शूलचर्मी (इकाइनोडर्मेटा)
Ans: (d) शूलचर्मी (इकाइनोडर्मेटा)
[RRB Group-D, 02-11-2018, Shift-II]
Explanation: शूलचर्मी या इकाइनोडर्मेटा संघ के जीवों की त्वचा कैल्सियम युक्त शूलों (कांटों) से ढकी होती है और ये अनन्य रूप से (Completely) समुद्रवासी होते हैं। इनमें वयस्क अवस्था में अरीय सममिति पाई जाती है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि इस संघ के जीवों में मस्तिष्क का पूर्ण अभाव होता है।
355. _______ केवल समुद्र में पायी जाने वाली मछली है–
(a) जैली फिश
(b) सिल्वर फिश
(c) डॉग फिश
(d) स्टार फिश
Ans: (d) स्टार फिश
[RRB Group-D, 16-10-2018, Shift-III]
Explanation: फैक्ट-चेक के अनुसार, दिए गए विकल्पों में स्टारफिश (इकाइनोडर्मेटा संघ) केवल और केवल समुद्र में पाई जाती है। हालांकि, यह वास्तविक मीन (मछली) नहीं है। डॉग फिश वास्तविक शार्क प्रजाति की मछली है, जेली फिश निडेरिया संघ का जीव है और सिल्वर फिश वास्तव में आर्थ्रोपोडा संघ का एक बिना पंख वाला कीट है।
(ix) कॉर्डेटा (Chordata)
356. निम्नलिखित में से कौन कशेरुकी की विशेषता नहीं है ?
(a) पृष्ठरज्जु
(b) व्यासीय सममिति
(c) आंतरिक कंकाल
(d) द्विभागीय सममिति
Ans: (b) व्यासीय सममिति
[RRB Group-D, 12-11-2018, Shift-II]
Explanation: कशेरुकी (Vertebrates) जीवों में द्विपार्श्व या द्विभागीय सममिति (Bilateralsymmetry) पाई जाती है, न कि व्यासीय (अरीय) सममिति। व्यासीय सममिति मुख्य रूप से इकाइनोडर्मेटा और सिलेंट्रेटा संघ के जीवों में पाई जाती है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि कशेरुकी जीवों में पूर्ण विकसित केंद्रीय तंत्रिका तंत्र मौजूद होता है।
357. निम्नलिखित में से कौन सा जीव कशेरुकी नहीं है ?
(a) केंचुआ
(b) छिपकली
(c) मछली
(d) मेंढक
Ans: (a) केंचुआ
[RRB Group-D, 26-10-2018, Shift-III]
Explanation: केंचुआ एक अकशेरुकी (Invertebrate) प्राणी है जिसे एनीलिडा संघ के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है, क्योंकि इसमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती। इसके विपरीत मछली, छिपकली और मेंढक कॉर्डेटा संघ के कशेरुकी प्राणी हैं। मूल्य संवर्धन तथ्य यह है कि केंचुए में श्वसन सीधे नम त्वचा द्वारा होता है।
358. निम्न में से कौन-सा कथन गलत है ?
सभी रज्जुकी (कॉर्डेटा) _______।
(a) में पृष्ठीय तंत्रिका नाल होती है
(b) डिप्लोब्लास्टिक होते हैं
(c) सिलोमेट होते हैं
(d) में मेरुदण्ड होता है
Ans: (b) डिप्लोब्लास्टिक होते हैं
[RRB Group-D, 20-09-2018, Shift-I]
Explanation: फैक्ट-चेक के अनुसार, कॉर्डेटा संघ के सभी जीव ट्रिप्लोब्लास्टिक (त्रिस्तरीय) होते हैं, अर्थात उनका भ्रूणीय विकास तीन परतों—एक्टोडर्म, मेसोडर्म और एंडोडर्म से होता है। वे डिप्लोब्लास्टिक (द्विस्तरीय) नहीं होते। एक्स्ट्रा फैक्ट यह है कि कॉर्डेटा जंतु जगत का सबसे विकसित और आधुनिक संघ माना जाता है।
359. निम्नलिखित में से कौन सी कशेरुकियों की एक विशेषता नहीं है ?
(a) उनके जीवन के एक स्तर पर पृष्ठरज्जु (नोटोकॉर्ड) का निर्माण होता है।
(b) वे असममित होते हैं।
(c) वे त्रिस्तरीय (ट्रिप्लोब्लास्टिक) होते हैं।
(d) वे सीलोमेट होते हैं।
Ans: (b) वे असममित होते हैं
[RRB Group-D, 02-11-2018, Shift-III]
Explanation: कशेरुकी जीव पूरी तरह सममित होते हैं और उनमें द्विपार्श्व सममिति पाई जाती है, जिससे उनका शरीर दो समान हिस्सों में बांटा जा सकता है। जंतु जगत में केवल पोरीफेरा संघ के स्पंज ही मुख्य रूप से असममित (Asymmetrical) होते हैं। कशेरुकी जीवों में बंद परिसंचरण तंत्र अनिवार्य रूप से उपस्थित रहता है।
(i) उभयचर (Amphibia)
360. निम्न विकल्पों में से तीन कक्षीय हृदय वाले जीव का नाम बताइए।
(a) बाघ
(b) कबूतर
(c) मछली
(d) सैलामैंडर
Ans: (d) सैलामैंडर
[RRB Group D, 09/09/2022, Shift-II]
Explanation: सैलामैंडर एक उभयचर (Amphibian) जंतु है, जिसके हृदय में तीन कक्ष (दो अलिंद और एक निलय) पाए जाते हैं। बाघ एक स्तनधारी है और कबूतर पक्षी है, इन दोनों में चार कक्षीय हृदय होता है। अतिरिक्त तथ्य यह है कि मछली में केवल दो कक्षीय हृदय पाया जाता है।
