BIOLOGY (जीव विज्ञान
RRB Group D Biology Practice Set 16
451. स्पंदन गतियां, जिन्हें नाड़ी स्पंद/नब्ज कहा जाता है, क्यों महसूस होती हैं ?
(a) हृदय में प्रवाहित रक्त के कारण
(b) फेफड़ों में प्रवाहित रक्त के कारण
(c) शिराओं में प्रवाहित रक्त के कारण
(d) धमनियों में प्रवाहित रक्त के कारण
Ans: (d) धमनियों में प्रवाहित रक्त के कारण
[RRB Group D 30-09-2022, Shift-II]
Explanation: हृदय के बाएं निलय के संकुचन से जब रक्त तीव्र गति और उच्च दाब के साथ धमनियों में पंप किया जाता है, तो धमनियों की दीवारों पर उत्पन्न खिंचाव के कारण नाड़ी स्पंद महसूस होती है। विश्राम की अवस्था में एक स्वस्थ वयस्क मानव की सामान्य धड़कन या स्पंदन दर 72 से 80 बार प्रति मिनट होती है।
452. निम्नलिखित में से किस रक्त समूह को ‘सर्वदाता’ कहा जाता है ?
(a) AB
(b) B
(c) O
(d) A
Ans: (c) O
[RRB Group D 30-08-2022, Shift-III]
Explanation: रक्त समूह ‘O’ (विशेषकर O ऋणात्मक) को सर्वदाता (यूनिवर्सल डोनर) कहा जाता है क्योंकि इसकी आरबीसी पर कोई एंटीजन नहीं होता, जबकि रक्त समूह AB को सर्वग्राही कहा जाता है। मानव रक्त समूहों (A, B, AB, O) की खोज वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर ने की थी, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला था।
453. रक्तचाप/रक्तदाब के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन गलत है ?
(a) शिराओं में दाब, धमनियों की तुलना में बहुत अधिक होता है।
(b) निलयी संकुचन के दौरान दाब को प्रकुंचन दाब (Systolic pressure) कहा जाता है, और निलयी शिथिलन के दौरान दाब को अनुशिथिलन दाब (Diastolic pressure) कहा जाता है।
(c) सामान्य प्रकुंचन दाब (Systolic pressure) लगभग 120 mm Hg होता है, और अनुशिथिलन दाब (Diastolic pressure) 80 mm Hg होता है।
(d) इस दाब को स्फिग्मोमैनोमीटर का उपयोग करके मापा जाता है।
Ans: (a) शिराओं में दाब, धमनियों की तुलना में बहुत अधिक होता है।
[RRB Group D 28-09-2022, Shift-III]
Explanation: धमनियों में रक्त का दाब शिराओं की तुलना में बहुत अधिक होता है, इसलिए कथन (a) सर्वथा असत्य है। हृदय के क्रमिक संकुचन (सिस्टोल) के कारण धमनियों में रक्त का दबाव रुक-रुक कर तीव्र वेग से प्रवाहित होता है, जबकि शिराओं की गुहा चौड़ी होने से उनमें रक्त का प्रवाह मंद और स्थिर गति से होता है।
454. निम्न में से कौन सा रक्त प्लाज्मा के समरूप होता है, लेकिन यह रंगहीन होता है, और इसमें कम प्रोटीन होता है ?
(a) लाल रक्त कणिकाएं (RBC)
(b) श्वेत रक्त कणिकाएं (WBC)
(c) प्लेटलेट्स
(d) लसीका
Ans: (d) लसीका
[RRB Group D 16-09-2022, Shift-I]
Explanation: लसीका (लिम्फ) का रासायनिक संगठन काफी हद तक रक्त प्लाज्मा के समान होता है, परंतु इसमें लाल रक्त कणिकाओं (हीमोग्लोबिन वर्णक) का पूर्ण अभाव होने के कारण यह एक रंगहीन या हल्के पीले रंग का द्रव है। रुधिर प्लाज्मा की तुलना में लसीका में घुले हुए प्रोटीनों की मात्रा अत्यंत न्यून होती है।
455. निम्नांकित चित्र मानव परिसंचरण तंत्र के किस घटक (भाग) को दर्शाता है ?
(a) महाधमनी
(b) कोशिका
(c) धमनी
(d) शिरा
Ans: (d) शिरा
[RRB Group D 18-09-2022, Shift-II]
Explanation: मानव परिसंचरण तंत्र में शिराएं (वेन्स) वे महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाएं होती हैं, जो शरीर के विभिन्न अंगों से कार्बन डाइऑक्साइड युक्त अशुद्ध रक्त को एकत्र करके वापस हृदय की ओर ले जाती हैं। इनकी दीवारें धमनियों की तुलना में पतली होती हैं और इनमें रक्त का प्रवाह कम दबाव के साथ होता है।
456. निम्नलिखित में से किस वर्णक में ऑक्सीजन के लिए उच्च बंधुता होती है ?
(a) बिलिरूबिन (Bilirubin)
(b) मेलेनिन (Melanin)
(c) हीमोग्लोबिन (Haemoglobin)
(d) हीमोसायनिन (Haemocyanin)
Ans: (c) हीमोग्लोबिन (Haemoglobin)
[RRB Group D 18-09-2022, Shift-II]
Explanation: मानव शरीर में मुख्य श्वसन वर्णक हीमोग्लोबिन होता है, जो ऑक्सीजन के अणुओं के लिए अत्यधिक उच्च रासायनिक बंधुता (अफ़िनिटी) प्रदर्शित करता है। यह लाल रक्त कणिकाओं (RBCs) में पाया जाने वाला आयरन युक्त प्रोटीन है। इसके विपरीत, रक्त प्लाज्मा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस विलेय अवस्था में संचरित होती है।
457. निम्नांकित आकृति मानव हृदय को दर्शाती है। LA = बायां अलिंद, LV = बायां निलय: RA = दायां अलिंद: RV = दायां निलय। कपाट (valves) कहां स्थित है ?
(a) 1, 2, 4 और 6 क्रमांकित स्थानों पर
(b) 1, 2, 3, 4, 5 और 6 क्रमांकित सभी स्थानों पर
(c) 2, 3, 4 और 5 क्रमांकित स्थानों पर
(d) 4, 5 और 6 क्रमांकित स्थानों पर
Ans: (c) 2, 3, 4 और 5 क्रमांकित स्थानों पर
[RRB Group D 06-10-2022, Shift-I]
Explanation: मानव हृदय की दी गई आंतरिक संरचना में कपाट (वाल्व) मुख्य रूप से अलिंद-निलय के बीच और महाधमनियों के उद्गम स्थलों पर (क्रमांक 2, 3, 4 और 5) स्थित होते हैं। ये कपाट रक्त को केवल एक ही दिशा में बहने की अनुमति देते हैं तथा उसे विपरीत दिशा में जाने से कड़ाई से रोकते हैं।
458. रक्त स्कंदन, ________ की मदद से होता है।
(a) रक्त प्लाज्मा
(b) लाल रक्त कणिकाओं
(c) प्लेटलेट कणिकाओं
(d) श्वेत रक्त कणिकाओं
Ans: (c) प्लेटलेट कणिकाओं
[RRB Group D 26-09-2022, Shift-II]
Explanation: शरीर में चोट लगने पर रक्त स्कंदन (खून का थक्का जमना) मुख्य रूप से प्लेटलेट कणिकाओं (थ्रोम्बोसाइट्स) के सक्रिय सहयोग से संपन्न होता है। यह जैविक प्रक्रिया फाइब्रिन नामक प्रोटीन के धागों का एक सघन जाल बनाकर अत्यधिक रक्तस्राव को रोकती है। इस स्कंदन क्रिया में कैल्शियम आयन भी सहायक होते हैं।
459. मानव परिसंचरण तंत्र में, सभी शिराएं रक्त को हृदय की ओर ले जाती हैं। फुफ्फुसीय शिरा और अन्य शिराओं में क्या अंतर है ?
(a) फुफ्फुसीय शिरा में रक्त का प्रवाह दाब के साथ होता है
(b) फुफ्फुसीय शिरा में एक छोटी अवकाशिका (lumen) होती है
(c) फुफ्फुसीय शिरा ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती है
(d) फुफ्फुसीय शिरा में कोई वाल्व नहीं होता है
Ans: (c) फुफ्फुसीय शिरा ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती है
[RRB Group D 05-09-2022, Shift-II]
Explanation: मानव परिसंचरण तंत्र में फुफ्फुसीय शिरा (पल्मोनरी वेन) सामान्य शिराओं के विपरीत फेफड़ों से शुद्ध ऑक्सीजन युक्त रक्त को हृदय के बाएं अलिंद में लाती है। अन्य सभी सामान्य शिराएं शरीर के अंगों से केवल अशुद्ध या अनॉक्सीकृत रक्त का ही संवहन करती हैं। रक्त परिसंचरण की खोज विलियम हार्वे ने की थी।
460. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प लाल रुधिर कणिकाओं के बारे में सही नहीं है ?
(a) कार्य – ऑक्सीजन और carbon dioxide का परिवहन
(b) आकृति – वृत्तीय और उभयावतल
(c) लम्बाई – 5.7 μm
(d) हीमोग्लोबिन – मौजूद
Ans: (c) लम्बाई – 5.7 μm
[RRB Group-D 09-10-2018, Shift-II]
Explanation: लाल रुधिर कणिकाओं (RBCs) की वास्तविक लंबाई या व्यास लगभग 7.0 से 7.5 माइक्रोमीटर होता है, इसलिए विकल्प (c) पूर्णतः असत्य है। इन्हें एरिथ्रोसाइट्स भी कहते हैं, जिनका निर्माण वयस्क अवस्था में अस्थिमज्जा में होता है। इनका जीवनकाल 120 दिनों का होता है और ये ऑक्सीजन व कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन करती हैं।
461. निम्नलिखित में से कौन सी नस शरीर के पूर्ववर्ती हिस्सों से रक्त एकत्र करता है ?
(a) निलय (वेंट्रिकल)
(b) महाधमनी
(c) सुपीरियर वेना कावा
(d) इन्फीरियर वेना कावा
Ans: (c) सुपीरियर वेना कावा
[RRB Group-D 12-11-2018, Shift-II]
Explanation: सुपीरियर वेना कावा (उच्च महाशिरा) मानव शरीर के पूर्ववर्ती या ऊपरी अंगों जैसे सिर, गर्दन और हाथों से अशुद्ध रक्त को एकत्रित करके हृदय के दाएं अलिंद में लाती है। इसके विपरीत, इन्फीरियर वेना कावा (निम्न महाशिरा) शरीर के निचले हिस्सों और पैरों से अशुद्ध रुधिर को हृदय तक वापस पहुंचाने का कार्य करती है।
462. वह विकल्प चुनें जो परिसंचरण तंत्र के बारे में सत्य नहीं है।
(a) रक्त, लाल संवहनी संयोजी ऊतक है।
(b) एक वयस्क व्यक्ति में लगभग 6.8 लीटर रक्त होता है।
(c) मानव लाल रुधिर कणिकाओं (RBCs) का जीवन काल 115-120 दिन है।
(d) यह शरीर के भार का लगभग 17-18% होता है।
Ans: (d) यह शरीर के भार का लगभग 17-18% होता है।
[RRB Group-D 08-10-2018, Shift-I]
Explanation: मानव परिसंचरण तंत्र में रक्त शरीर के कुल वजन का लगभग 7% से 8% भाग होता है, न कि 17% से 18%, इसलिए विकल्प (d) गलत है। मानव रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है जिसका औसत आयतन पुरुषों में 5 से 6 लीटर तथा महिलाओं में थोड़ा कम होता है।
463. वह विकल्प चुनें जो संवहनी तंत्र के संदर्भ में सत्य नहीं है—
(a) यह शरीर के वजन के लगभग 7-8% होता है।
(b) रक्त उच्च दबाव पर, झटके से और तेजी से उनमें बहता है।
(c) रक्त को सामान्यतः जीवन धारा (रिवर ऑफ लाइफ) कहा जाता है।
(d) मानव हृदय का आकार एक बंद मुट्ठी जितना है।
Ans: (b) रक्त उच्च दबाव पर, झटके से और तेजी से उनमें बहता है।
[RRB Group-D 04-10-2018, Shift-II]
Explanation: संपूर्ण संवहनी तंत्र में रक्त का प्रवाह एक समान गति या समान दबाव से नहीं होता है। धमनियों में रक्त उच्च दाब पर झटके से बहता है, जबकि शिराओं में रक्त का प्रवाह अत्यंत कम दबाव और निरंतर धीमी गति से होता है। मानव हृदय का भार लगभग 300 ग्राम होता है।
464. वह विकल्प चुनें जो संवहनी तंत्र के संदर्भ में सत्य नहीं है।
(a) मानव आरबीसी (RBCs) का जीवन काल 115-120 दिन है।
(b) यह शरीर के वजन के लगभग 7-8% होता है।
(c) रक्त कम दबाव पर, उनमें झटके से और तेजी से बहता है।
(d) रक्त को सामान्यतः जीवन धारा कहा जाता है।
Ans: (c) रक्त कम दबाव पर, उनमें झटके से और तेजी से बहता है।
[RRB Group-D 04-10-2018, Shift-I]
Explanation: संवहनी तंत्र में रक्त धमनियों के भीतर सदैव उच्च दबाव (हाई प्रेशर) पर तथा तीव्र गति से बहता है, कम दबाव पर नहीं। इसीलिए विकल्प (c) पूर्णतः असत्य है। लाल रक्त कणिकाओं का मुख्य कार्य ऑक्सीजन का परिवहन करना है और ये अंततः प्लीहा में नष्ट होती हैं।
465. मनुष्यों के शरीर में उपस्थित निम्न में से किस कोशिका में केन्द्रक नहीं होता है ?
(a) एरिथ्रोसाइट्स
(b) तंत्रिका कोशिका
(c) अरेखित स्नायु तंतु
(d) श्वेत कोशिका
Ans: (a) एरिथ्रोसाइट्स
[RRB Group-D 23-10-2018, Shift-III]
Explanation: मनुष्यों तथा अन्य स्तनधारियों की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं (एरिथ्रोसाइट्स) में केंद्रक नहीं पाया जाता है, ताकि ऑक्सीजन के संयोजन के लिए अधिक स्थान मिल सके। ऊँट और लामा इसके अपवाद हैं। इनका निर्माण अस्थिमज्जा में होता है तथा फोलिक अम्ल इनके विकास में सहायक है।
466. रक्त एक ________ ऊतक है।
(a) मांसपेशी
(b) वाहिका
(c) संयोजी
(d) तंत्रिका
Ans: (c) संयोजी
[RRB Group-D 05-10-2018, Shift-I]
Explanation: रक्त मुख्य रूप से एक क्षारीय तरल संयोजी ऊतक होता है, जिसका pH मान लगभग 7.4 निर्धारित है। यह ऊतक प्लाज्मा और विभिन्न रुधिर कणिकाओं से मिलकर बनता है। इसमें उपस्थित हीमोग्लोबिन नामक आयरन युक्त श्वसन वर्णक के कारण ही रक्त का रंग चटख लाल दिखाई देता है।
467. मानव रक्त में सबसे बड़ी कणिकाएं _________ हैं।
(a) लसीका कोशिकाएं
(b) क्षार रंगों से रंगी कोशिकाएं
(c) लाल कोशिकाएं
(d) श्वेत कोशिकाएं
Ans: (d) श्वेत कोशिकाएं
[RRB Group-D 27-09-2018, Shift-III]
Explanation: मानव रुधिर में आकार की दृष्टि से सबसे बड़ी कणिकाएं श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC) होती हैं, जिनका व्यास 12 से 15 माइक्रोमीटर होता है। ये आकार में लाल रक्त कणिकाओं से काफी बड़ी होती हैं, परंतु संख्या में बहुत कम होती हैं। इनका मुख्य कार्य शरीर को संक्रमण से बचाना है।
468. ________ में तंतुबंध नहीं होते है-
(a) वृक्क
(b) रक्त
(c) हृदय
(d) यकृत
Ans: (b) रक्त
[RRB Group-D 16-10-2018, Shift-III]
Explanation: रक्त को छोड़कर शरीर के अन्य सभी संयोजी ऊतकों की कोशिकाएं संरचनात्मक प्रोटीन के तंतु (जैसे कोलैजन या इलास्टिन) स्रावित करती हैं, इसलिए रक्त में तंतुबंध नहीं पाए जाते। यकृत, वृक्क और हृदय में ये तंतु उपस्थित रहकर उन्हें यांत्रिक शक्ति, सुदृढ़ता तथा उचित लचीलापन प्रदान करते हैं।
469. हीमोग्लोबिन में निम्न में से कौन-सी धातु मौजूद है ?
(a) Fe
(b) Ca
(c) K
(d) Al
Ans: (a) Fe
[RRB Group-D 05-12-2018, Shift-II]
Explanation: हीमोग्लोबिन अणुओं के केंद्रीय भाग में लौह धातु यानी आयरन (Fe) मौजूद होती है, जो मुख्य रूप से फेरस आयन के रूप में अवस्थित रहती है। यह ग्लोबिन नामक जटिल प्रोटीन के साथ संयुक्त होकर ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड गैसों के साथ अस्थाई बंध बनाने की अद्वितीय क्षमता रखती है।
470. हृदय पेशी कोशिकाएं होती हैं:
(a) बेलनाकार, शाखा युक्त और बहुनाभिकीय (मल्टीन्यूक्लिएट)
(b) बेलनाकार, शाखा युक्त और एकनाभिकीय (यूनीन्यूक्लिएट)
(c) बेलनाकार, शाखाविहीन और एकनाभिकीय (यूनीन्यूक्लिएट)
(d) लम्बी, शाखा युक्त और बहुनाभिकीय (मल्टीन्यूक्लिएट)
Ans: (b) बेलनाकार, शाखा युक्त और एकनाभिकीय (यूनीन्यूक्लिएट)
[RRB Group-D 16-11-2018, Shift-III]
Explanation: मानव हृदय की दीवारें बनाने वाली हृदय पेशी कोशिकाएं विशेष रूप से बेलनाकार, आपस में शाखाओं द्वारा जुड़ी हुई और एकनाभिकीय होती हैं। ये कोशिकाएं एक विशिष्ट अनैच्छिक प्रकृति की होती हैं, जो बिना थके जीवनभर निरंतर लयबद्ध रूप से संकुचित होकर शरीर में रक्त का संचरण सुनिश्चित करती हैं।
471. हृदय मांसपेशियां _________ होती हैं।
(a) तर्कुरूपी, अशाखित बहु-नाभिक और एकल-नाभिक
(b) बेलनाकार, शाखित और एकल-नाभिक
(c) बेलनाकार, अशाखित और एकल-नाभिक
(d) तर्कुरूपी, अशाखित और एकल-नाभिक
Ans: (b) बेलनाकार, शाखित और एकल-नाभिक
[RRB Group-D 05-10-2018, Shift-II]
Explanation: मानव हृदय का निर्माण करने वाली कार्डियक या हृदय मांसपेशियां संरचनात्मक रूप से बेलनाकार, आपस में शाखा युक्त और एकनाभिकीय (सिंगल न्यूक्लिएटेड) होती हैं। ये अनैच्छिक पेशियां जीवनभर बिना थके लयबद्ध रूप से संकुचित और शिथिल होती रहती हैं, जिससे शरीर में रक्त का परिसंचरण निरंतर सुचारू बना रहता है।
472. निम्नलिखित में से कौन सी नलिका है जो दिल से निकलती है और शरीर में विभिन्न अंगों में रक्त संचारित करती है ?
(a) शिराएँ
(b) फेफड़े तक जाने वाली रक्त कोशिका
(c) धमनी
(d) फेफड़ों की धमनियां
Ans: (c) धमनी
[RRB Group-D 05-11-2018, Shift-I]
Explanation: हृदय से निकलकर शुद्ध ऑक्सीजन युक्त रक्त को शरीर के विभिन्न अंगों व ऊतकों तक पहुँचाने वाली नलिकाओं को धमनी (आर्टरी) कहते हैं। धमनियों में रक्त उच्च दाब पर प्रवाहित होता है। इसका अपवाद पल्मोनरी धमनी है, जो हृदय से फेफड़ों तक अशुद्ध रक्त ले जाती है।
473. हृदय चक्र क्या है ?
(a) एक धड़कन और एक नाड़ी दर
(b) एक तन्त्रानुसारी और एक फुफ्फुसी चक्र
(c) हृदय के संकुचन और शिथिलीकरण का एक चक्र
(d) दो बार एट्रीयोवेंट्रिकुलर कपाट का खुलना
Ans: (c) हृदय के संकुचन और शिथिलीकरण का एक चक्र
[RRB Group-D 02-11-2018, Shift-II]
Explanation: एक संपूर्ण हृदय स्पंदन के प्रारंभ होने से लेकर अगले स्पंदन की शुरुआत के बीच के घटनाक्रम को हृदय चक्र (कार्डियक साइकिल) कहते हैं। इसमें अलिंदों और निलयों का क्रमिक संकुचन (सिस्टोल) तथा शिथिलन (डायस्टोल) शामिल होता है। एक स्वस्थ मनुष्य में यह चक्र लगभग 0.8 सेकंड में पूरा होता है।
474. निम्न में से किसकी तुलना सैनिकों से की जा सकती है ?
(a) लाल रक्त कोशिकाएं
(b) प्लाज्मा
(c) रक्त बिम्बाणु
(d) श्वेत रक्त कोशिकाएं
Ans: (d) श्वेत रक्त कोशिकाएं
[RRB Group-D 02-11-2018, Shift-I]
Explanation: श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) को मानव शरीर का ‘सैनिक’ कहा जाता है क्योंकि ये प्रतिरक्षा प्रणाली का मुख्य हिस्सा हैं। ये कोशिकाएं शरीर में प्रवेश करने वाले हानिकारक जीवाणुओं, विषाणुओं और बाह्य रोगाणुओं को नष्ट कर संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती हैं। इन्हें चिकित्सा विज्ञान में ल्यूकोसाइट्स भी कहते हैं।
475. निम्नलिखित में से किसे मानव शरीर का ‘सैनिक’ कहा जाता है ?
(a) डब्ल्यू बी सी
(b) पेट
(c) हृदय
(d) आर बी सी
Ans: (a) डब्ल्यू बी सी
[RRB Group-D 10-10-2018, Shift-I]
Explanation: डब्ल्यूबीसी (WBC) या श्वेत रक्त कणिकाएं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के कारण शरीर के रक्षक या सैनिक कहलाती हैं। इनका निर्माण अस्थिमज्जा में होता है। इनमें केंद्रक उपस्थित होता है और इनकी संख्या कम होने पर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
476. निम्नलिखित में से कौन सा WBC के बारे में सही नहीं है ?
(a) आकार -18-25 μm (माइक्रोमीटर)
(b) आकृति – अमीबीय या वृत्ताकार
(c) वे ”सैनिक” के रूप में कार्य करते हैं और रोगाणुओं को मारते हैं।
(d) नाभिक – केन्द्रित
Ans: (a) आकार -18-25 μm (माइक्रोमीटर)
[RRB Group-D 10-10-2018, Shift-II]
Explanation: मानव रक्त में उपस्थित श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) का वास्तविक आकार लगभग 12 से 15 माइक्रोमीटर (μm) होता है, इसलिए विकल्प (a) गलत दिया गया है। ये कोशिकाएं केंद्रक युक्त होती हैं तथा इनका कोई निश्चित आकार नहीं होता है। ये अमीबा की भांति अपनी आकृति बदलने में पूरी तरह सक्षम होती हैं।
477. निम्नलिखित में से कौन सा संवहनी तंत्र के बारे में सच नहीं है-
(a) एक वयस्क व्यक्ति में लगभग 6.8 लीटर रक्त होता है
(b) संवहनी तंत्र शरीर का वजन लगभग 7-8% बनाता है
(c) मानव RBC का जीवन काल 115-120 दिन है
(d) रक्त सफेद या लाल संवहनी संयोजी ऊतक है
Ans: (d) रक्त सफेद या लाल संवहनी संयोजी ऊतक है
[RRB Group D 03-10-2018, Shift-I]
Explanation: मानव शरीर में रक्त केवल लाल रंग का तरल संवहनी संयोजी ऊतक होता है, यह सफेद नहीं होता, इसलिए विकल्प (d) असत्य है। रक्त का लाल रंग इसमें उपस्थित हीमोग्लोबिन वर्णक के कारण होता है। रक्त शरीर में गैसों, पचे हुए भोजन, हार्मोन और उत्सर्जी पदार्थों के संवहन का कार्य करता है।
478. हृदय मेम्ब्रेन (झिल्ली) की दो परतों से ढका होता है। इन झिल्लियों को क्या कहा जाता है ?
(a) पल्मोनरी मेम्ब्रेन
(b) पेरिकार्डियल मेम्ब्रेन
(c) प्रीकेवल मेम्ब्रेन
(d) सिस्टेमेटिक मेम्ब्रेन
Ans: (b) पेरिकार्डियल मेम्ब्रेन
[RRB Group-D 01-11-2018, Shift-II]
Explanation: मानव हृदय बाहर से एक दोहरी झिल्ली वाले आवरण से सुरक्षित रहता है, जिसे पेरिकार्डियल मेम्ब्रेन (हृदयावरण) कहते हैं। इन दोनों परतों के बीच में पेरिकार्डियल द्रव भरा होता है, जो हृदय को बाहरी झटकों, घर्षण और यांत्रिक चोटों से बचाता है तथा उसे संकुचन के समय सुचारू गति प्रदान करता है।
479. यौवनारंभ के दौरान आवाज़ बदल जाती है। ऐसा क्यों होता है ?
(a) सिगरेट पीने के कारण
(b) पेशीय विकास के कारण
(c) फेफड़ों के विकास के कारण
(d) स्वरयंत्र (लैरिंक्स) के विकास के कारण
Ans: (d) स्वरयंत्र (लैरिंक्स) के विकास के कारण
[RRB Group D 01-09-2022, Shift-II]
Explanation: किशोरावस्था या यौवनारंभ के समय हार्मोनल बदलावों के कारण गले में स्थित स्वरयंत्र (लैरिंक्स) का तीव्र विकास होता है, जिससे आवाज में भारीपन या बदलाव आ जाता है। लड़कों में यह स्वरयंत्र बाहर की ओर स्पष्ट दिखाई देने लगता है, जिसे ‘एडम्स एप्पल’ (कंठमणि) के नाम से जाना जाता है।
480. श्वसन की इनमें से किस अभिक्रिया में ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है ?
(a) पाइरूवेट के CO2, H2O और ऊर्जा में रूपांतरण
(b) पाइरूवेट के एथेनॉल में रूपांतरण
(c) ग्लूकोज के पाइरूवेट में रूपांतरण
(d) पाइरूवेट के CO2 में रूपांतरण
Ans: (a) पाइरूवेट के CO2, H2O और ऊर्जा में रूपांतरण
[RRB Group-D 17-08-2022, Shift-I]
Explanation: वायवीय श्वसन के दौरान ऑक्सीजन की उपस्थिति में आक्सीकरण की प्रक्रिया होती है। यह क्रिया मुख्य रूप से कोशिकाओं के माइटोकॉन्ड्रिया में संपन्न होती है, जहाँ पाइरूवेट का पूर्ण विखंडन होकर कार्बन डाइऑक्साइड, जल और प्रचुर मात्रा में ऊर्जा (ATP) मुक्त होती है।
