RRB GROUP-D ANCIENT HISTORY PREVIOUS YEAR QUESTION P1

ANCIENT HISTORY

 (प्राचीन इतिहास)

RRB Group D History Notes में Ancient Indian History एक महत्वपूर्ण भाग है। इस सेक्शन में भारत की प्राचीन सभ्यता, राजवंशों, ग्रंथों, धर्म और स्थापत्य कला से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। Railway Exam Preparation के लिए यह विषय आपकी General Knowledge को मजबूत बनाता है।

1. सिंधु घाटी सभ्यता _______ वर्ष पुरानी है और दक्षिण में गंगा घाटी के निचले क्षेत्रों व उत्तर में मालवा तक फैली हुई थी।

(a) 1000 ईसा पूर्व

(b) 5000 ईसा पूर्व

(c) 3000 ईसा पूर्व

(d) 8000 ईसा पूर्व

Ans. (c) 3000 ईसा पूर्व

[RRB Group-D, 27 Nov 2018 (Shift-3)]

Explain :- सिंधु घाटी सभ्यता का उद्भव लगभग 3000 ईसा पूर्व माना जाता है, जो विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में एक थी। यह सभ्यता गुजरात के लोथल से लेकर पंजाब के हड़प्पा तक फैली थी। इसके दक्षिणी क्षेत्र गंगा घाटी की निचली सतह तक और उत्तरी विस्तार मालवा क्षेत्र तक पहुँचते थे। उन्नत नगर व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली और योजनाबद्ध शहर इसकी मुख्य विशेषताएँ थीं। इस काल में व्यापार, कृषि और धातु-कर्म भी अत्यंत विकसित था।

2. _______ का विकास 5000 बी. सी. ई. से मालवा के दक्षिण की ओर एवं उत्तर की ओर गंगा घाटी के पुरे तलहटी क्षेत्र में हुआ।

(a) सिन्धु घाटी सभ्यता

(b) आर्य साम्राज्य

(c) मौर्य साम्राज्य

(d) मंगध साम्राज्य

Ans. (a) सिन्धु घाटी सभ्यता

[RRB Group-D, 24 Sep 2018 (Shift-2)]

Explain :- सिंधु सभ्यता के विकास की प्रारंभिक जड़ें लगभग 5000 BCE से पाई जाती हैं, जो इसे दुनिया की सबसे पुरानी कृषि-आधारित संस्कृतियों में शामिल करती हैं। इसका प्रसार मालवा के दक्षिणी क्षेत्र से लेकर गंगा घाटी की पूरी तलहटी तक देखा जाता है। शुरुआती बस्तियों में कच्चे मकान, अनाज भंडारण और पशुपालन के प्रमाण मिलते हैं। इसी काल में ग्रामीण समुदाय संगठित होकर नगर सभ्यता की ओर बढ़ने लगे थे। यह प्रागैतिहासिक काल से ऐतिहासिक शहरी संस्कृति की ओर परिवर्तन का समय था।

3. भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता के जन्म से शुरू होता है, जो लगभग ________ अस्तित्व में आयी थी।

(a) 2500 ईसा पूर्व

(b) 4500 ईसा पूर्व

(c) 1500 ईसा पूर्व

(d) 6500 ईसा पूर्व

Ans. (a) 2500 ईसा पूर्व

[RRB Group-D, 03 Dec 2018 (Shift-2)]

Explain :- भारत के प्राचीन इतिहास का व्यवस्थित प्रारंभ लगभग 2500 ईसा पूर्व सिंधु घाटी सभ्यता के पुष्पित होने से माना जाता है। इसी समय हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे बड़े नगर विकसित हुए। पक्की ईंटों से बने सुव्यवस्थित मकान, चौड़ी सड़कों और उन्नत जल निकासी की प्रणाली से यह सभ्यता प्रसिद्ध हुई। इस काल में व्यापार, हस्तकला और धातुकर्म अत्यंत उन्नत थे। यह नगर जीवन भारत में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विकसित हुआ था।

4. सिंधु सभ्यता के लोग ________ बनाने के लिए तांबे और टिन को मिश्रित करते थे।

(a) सीसा

(b) कांस्य

(c) लोहा

(d) सोना

Ans. (b) कांस्य

[RRB Group-D, 10 Dec 2018 (Shift-3)]

Explain :- सिंधु सभ्यता के लोग तांबे और टिन को मिलाकर कांस्य नामक मिश्रधातु तैयार करते थे। इसी धातु से वे औजार, हथियार, मूर्तियाँ और घरेलू वस्तुएँ बनाते थे। कांस्य धातु कठोर होने के कारण कृषि व शिकार के उपकरणों के लिए अत्यंत उपयोगी थी। इस तकनीक से उनकी धातुकर्म कला के विकसित होने का पता चलता है। सभ्यता में पाए जाने वाले नृत्य करती युवती की प्रतिमा भी कांस्य धातु में बनी है।

5. निम्नलिखित में से कौन सा सिंधु घाटी सभ्यता का महत्वपूर्ण स्थल नहीं है ?

(a) कालीबंगा

(b) हड़प्पा

(c) मोहनजोदड़ो

(d) आजमगढ़

Ans. (d) आजमगढ़

[RRB Group-D, 24 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- आजमगढ़ उत्तर प्रदेश का जिला है और इसका सिंधु घाटी सभ्यता से कोई पुरातात्विक संबंध नहीं है। इसके विपरीत हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और कालीबंगा सिंधु सभ्यता के प्रमुख प्रामाणिक स्थल हैं। इन स्थलों पर सुव्यवस्थित नगर, अनाज भंडार, मुहरें और धातु उद्योग के प्रमाण मिले हैं। आजमगढ़ न तो भौगोलिक दृष्टि से और न ही सांस्कृतिक दृष्टि से सिंधु सभ्यता के दायरे में आता था। इसलिए यह विकल्प गलत माना जाता है।

6. ‘मोहनजोदड़ो’ नाम का अर्थ ________ में ‘मुर्दों का टीला’ है –

(a) फारसी

(b) उर्दू

(c) हिंदी

(d) सिंधी

Ans. (d) सिंधी

[RRB Group-D, 28 Nov 2018 (Shift-1)]

Explain :- मोहनजोदड़ो नाम सिंधी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ “मुर्दों का टीला” होता है। यह नाम स्थानीय लोगों द्वारा प्रचलित किया गया था, क्योंकि स्थल पर बड़े-बड़े टीले दिखाई देते थे। मोहनजोदड़ो सिंधु नदी के पास विकसित एक प्रमुख नगर था। यहाँ से महान स्नानागार, मकानों के अवशेष और मुहरें मिली हैं। यह स्थल सिंधु सभ्यता की सबसे उन्नत नगर योजनाओं में से एक माना जाता है।

7. सबसे पुराना वेद _______ है।

(a) सामवेद

(b) यजुर्वेद

(c) अथर्ववेद

(d) ऋग्वेद

Ans. (d) ऋग्वेद

[RRB Group-D, 12 Dec 2018 (Shift-1)]

[RRB NTPC, 30 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- ऋग्वेद विश्व के सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में शामिल है और वेदों में सबसे पुराना माना जाता है। इसका रचना-काल लगभग 1500–1000 ईसा पूर्व का माना जाता है। इसमें देवताओं की स्तुतियाँ, मंत्र, सूक्त और प्रार्थनाएँ संग्रहित हैं। यह आर्यों की प्रारंभिक जीवनशैली, समाज, प्रकृति-ज्ञान और धार्मिक भावनाओं को दर्शाता है। सभी वेदों की आधारशिला भी ऋग्वेद को ही माना जाता है।

8. ऋग्वेद में ऐसे ________ मंत्र है जिनमें अप्रमाणिक वलखिल्य भजन शामिल हैं-

(a) 1549

(b) 1028

(c) 760

(d) 1875

Ans. (b) 1028

[RRB Group-D, 29 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- ऋग्वेद में कुल 1028 मंत्र या सूक्त शामिल हैं, जिनमें वलखिल्य सूक्त जैसे कुछ अप्रमाणिक भजन भी जोड़े गए हैं। यह मंत्र 10 मंडलों में विभाजित हैं और प्रत्येक मंडल विभिन्न ऋषियों से संबंधित है। इन मंत्रों में प्राकृतिक देवताओं—इंद्र, अग्नि, वरुण आदि की स्तुति की गई है। यह मंत्र आर्यों की प्रारंभिक सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का मुख्य स्रोत हैं। इसकी रचना वैदिक संस्कृत में हुई थी।

9. ऋग्वेद में ________ मंत्र है –

(a) 1,014

(b) 1,028

(c) 1,035

(d) 1,020

Ans. (b) 1,028

[RRB Group-D, 12 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- ऋग्वेद में कुल 1028 मंत्र होने की पुष्टि अधिकांश वैदिक विद्वानों ने की है। ये मंत्र 10 मंडलों में संकलित किए गए, जिनमें परिवार-ग्रंथ परंपरा भी दिखाई देती है। सूक्तों की भाषा अत्यंत प्राचीन वैदिक संस्कृत में है। इन मंत्रों में जीवन, प्रकृति, यज्ञ, देवताओं और सामाजिक व्यवस्था का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह ज्ञान आर्यों के आरंभिक जीवन को समझने में अत्यंत उपयोगी है।

10. निम्नलिखित में से कौन सा वेद जादुई अनुष्ठानों और वशीकरण के बारे में बताता है ?

(a) अथर्वविद

(b) सामविद

(c) ऋग्वेद

(d) यजुर्वेद

Ans. (a) अथर्वविद

[RRB Group-D, 25 Sep 2018 (Shift-1)]

Explain :- अथर्ववेद चारों वेदों में सबसे व्यावहारिक स्वरूप वाला वेद माना जाता है। इसमें जादुई अनुष्ठानों, तंत्र मंत्र, वशीकरण और रोग-निवारण से संबंधित मंत्र मिलते हैं। ग्रामीण जीवन, घरेलू समस्याएँ और उपचार पद्धति इसमें विस्तृत रूप से वर्णित है। इसमें लोकविश्वासों, ताबीज़ों और औषधीय पौधों का उल्लेख भी मिलता है। यह वेद समाज के सामान्य जीवन से सबसे अधिक जुड़ा हुआ था।

11. निम्नलिखित में से किस उपनिषद् में ‘वसुधैवकुटुम्बकम’ शब्द का उल्लेख किया गया है ?

(a) महा उपनिषद्

(b) छांदोग्य उपनिषद्

(c) बृहृदारण्यका उपनिषद्

(d) केनोपनिषद्

Ans. (a) महा उपनिषद्

[RRB Group-D, 24 Sep 2018 (Shift-3)]

Explain :- ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का उल्लेख महा उपनिषद् में मिलता है, जिसका अर्थ है—“सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है।” यह विचार भारतीय दर्शन की वैश्विक मानवता और सर्वभूत हित की भावना को दर्शाता है। उपनिषद इस सिद्धांत के माध्यम से मानवों के बीच भेदभाव को समाप्त करने का संदेश देते हैं। यह वाक्य भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की उदार, सार्वभौमिक सोच को प्रस्तुत करता है। आज भी यह वाक्य भारत की कूटनीतिक विचारधारा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

12. _______ उपनिषदों में से _______ उपनिषद् मुख्य माने जाते हैं –

(a) 108, 11

(b) 116, 22

(c) 100, 12

(d) 99, 10

Ans. (a) 108, 11

[RRB Group-D, 11 Oct 2018 (Shift-2)]

Explain :- हिंदू परंपरा में कुल 108 उपनिषदों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें विभिन्न वेदों से संबद्ध माना गया है। इनमें से 11 उपनिषदों को ‘मुख्य’ या ‘प्राथमिक’ उपनिषद कहा जाता है। ये दार्शनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और अद्वैत, आत्मा, ब्रह्म तथा मोक्ष जैसे सिद्धांतों की व्याख्या करते हैं। इनके ऊपर शंकराचार्य जैसी महान विभूतियों ने भाष्य भी लिखे। वेदांत दर्शन इन्हीं प्रमुख उपनिषदों पर आधारित है।

13. _______ सबसे पुराना उपनिषदु है।

(a) ईशा उपनिषद्

(b) मांडुक्य उपनिषद्

(c) केना उपनिषद

(d) छांदोग्य उपनिषद्

Ans. (d) छांदोग्य उपनिषद्

[RRB Group-D, 12 Oct 2018 (Shift-1)]

Explain :- छांदोग्य उपनिषद् सामवेद से संबंधित है और इसे सबसे प्राचीन उपनिषदों में गिना जाता है। इसकी रचना वैदिक काल के उत्तरार्ध में हुई मानी जाती है। इसमें उपासना, ध्यान, प्राण, ब्रह्म और आत्मा के गहन दार्शनिक विचार शामिल हैं। यह उपनिषद ब्रह्मज्ञान और आध्यात्मिक जीवन के मार्गों को स्पष्ट करता है। इसकी शैली संवादात्मक और शिक्षात्मक है, इसलिए इसे दार्शनिक साहित्य का आधार स्तम्भ माना जाता है।

14. आर्य संस्कृति के सर्वोच्च काल में, गंगा घाटी के जनपद, जो संख्या में ________ थे, महाजनपद बन गए थे।

(a) 16

(b) 14

(c) 15

(d) 18

Ans. (a) 16

[RRB Group-D, 12 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- वैदिक सभ्यता के उत्कर्ष काल में छोटे-छोटे जनपद विकसित होकर बड़े राज्यों में बदल गए जिन्हें महाजनपद कहा गया। भारत में कुल 16 महाजनपद अस्तित्व में आए, जिनका उल्लेख बौद्ध और जैन ग्रंथों में भी मिलता है। इनमें मगध, कोशल, वत्स, अवंति प्रमुख थे। ये राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के केंद्र बने। इसी काल में राज्य-व्यवस्था अधिक संगठित और शक्तिशाली होती गई।

15. महावीर ________ तीर्थकरों में अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं।

(a) 22

(b) 26

(c) 24

(d) 20

Ans. (c) 24

[RRB Group-D, 11 Oct 2018 (Shift-1)]

Explain :- जैन परंपरा के अनुसार कुल 24 तीर्थंकर हुए, जिनमें भगवान महावीर अंतिम माने जाते हैं। महावीर का जन्म वैशाली के राजवंश में हुआ और उन्होंने कठोर तप के बाद कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया। उनके उपदेश अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य पर आधारित थे। महावीर ने जैन संघ को संगठित किया और जैन धर्म को स्पष्ट स्वरूप प्रदान किया। उनके कारण जैन धर्म का व्यापक प्रसार हुआ।

16. पार्श्वनाथ जो एक क्षत्रिय और बनारस के राजा अश्वसेन का पुत्र था, वह ________ जैन तीर्थंकर बना ?

(a) तेईसवां

(b) चौबीसवां

(c) प्रथम

(d) द्वितीय

Ans. (a) तेईसवां

[RRB Group-D, 24 Sep 2018 (Shift-3)]

Explain :- पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे और इनका जन्म वाराणसी के राजा अश्वसेन के घर हुआ था। वे महावीर से लगभग 250 वर्ष पूर्व माने जाते हैं। पार्श्वनाथ ने चार महाव्रतों—अहिंसा, सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह—का उपदेश दिया। जैन परंपरा में उनका स्थान अत्यंत विशेष है क्योंकि उन्होंने जैन धर्म की आधारभूत शिक्षाओं को स्पष्ट रूप से स्थापित किया। उनके अनुयायी “निर्ग्रंथ” कहलाते थे।

17. ________ का जन्म 560 ईसा पूर्व में हुआ था और 480 ईसा पूर्व में अस्सी वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई थी।

(a) महावीर

(b) हर्ष

(c) बुद्ध

(d) अशोक

Ans. (*)

[RRB Group-D, 03 Dec 2018 (Shift-3)]

NOTE – गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में लुम्बिनी (कपिल वस्तु) तथा मृत्यु 80 वर्ष की अवस्था में 483 ईसा पूर्व में कुशीनारा (उ.प्र.) में हुई थी I

Explain :- इस प्रश्न में बताए गए वर्ष (560–480 ईसा पूर्व) सटीक नहीं हैं; ऐतिहासिक रूप से बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुम्बिनी में माना जाता है। वे शाक्य वंश के राजकुमार थे और बाद में ज्ञान प्राप्त कर ‘बुद्ध’ कहलाए। उनकी मृत्यु 483 ईसा पूर्व कुशीनगर में 80 वर्ष की आयु में हुई। उनके उपदेश चार आर्य सत्य और मध्यम मार्ग पर आधारित थे। बौद्ध धर्म का प्रसार पूरे एशिया तक हुआ।

18. किस वृक्ष के नीचे रानी मायादेवी ने गौतम बुद्ध को जन्म दिया था ?

(a) साल का वृक्ष

(b) अशोक वृक्ष

(c) पीपल का वृक्ष

(d) आम का वृक्ष

Ans. (a) साल का वृक्ष

[RRB Group-D, 12 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- रानी मायादेवी ने गौतम बुद्ध को लुम्बिनी में साल वृक्ष के नीचे जन्म दिया था। यह घटना एक उपवन में हुई जहाँ वे विश्राम के लिए रुकी थीं। जन्म-स्थान पर मायादेवी मंदिर और अशोक स्तंभ आज भी मौजूद हैं। साल वृक्ष का उल्लेख बौद्ध साहित्य में पवित्रता और शांति के प्रतीक के रूप में मिलता है। इस स्थान को अब यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित किया गया है।

19. बौद्ध धर्म की नींव _______ महान सच्चाइयों एवं ________ अंगीय पथ पर आधारित हैं।

(a) छः, चार

(b) दो, आठ

(c) आठ, छ:

(d) चार, आठ

Ans. (d) चार, आठ

[RRB Group-D, 08 Oct 2018 (Shift-2)]

Explain :- बौद्ध धर्म की नींव चार आर्य सत्यों और अष्टांगिक मार्ग पर आधारित है। चार सत्य दुख, दुख का कारण, दुख का निवारण और निवारण का मार्ग बताते हैं। अष्टांगिक मार्ग सही विचार, सही संकल्प, सही वाणी, सही कर्म, सही आजीविका, सही प्रयास, सही स्मृति और सही समाधि पर आधारित है। यह मार्ग जीवन को संतुलित और नैतिक बनाता है। बुद्ध ने इसे मध्य मार्ग कहा क्योंकि यह अतियों से दूर रखता है।

20. निम्नलिखित में से कौन सा भगवान बुद्ध की चार महान सच्चाइयों में नहीं है ?

(a) संसार दुखों का घर है।

(b) दुख का कारण इच्छा है।

(c) यदि इच्छाओं से छुटकारा नहीं मिलता है तो दुखों से निवारण हो सकता है।

(d) यह एट-फोल्ड पथ के पालन से किया जा सकता है।

Ans. (c) यदि इच्छाओं से छुटकारा नहीं मिलता है तो दुखों से निवारण हो सकता है।

[RRB Group-D, 10 Oct 2018 (Shift-1)]

Explain :- चार आर्य सत्य दुख की उपस्थिति, उसके कारण तृष्णा, उसके निवारण और निवारण के मार्ग की व्याख्या करते हैं। विकल्प (c) यह कहता है कि “इच्छाओं से छुटकारा नहीं मिले फिर भी दुखों का निवारण हो सकता है,” जो बौद्ध सिद्धांत के विपरीत है। बौद्ध दर्शन के अनुसार दुख समाप्त करने के लिए तृष्णा का समाप्त होना आवश्यक है। यही निब्बान की ओर पहला कदम माना जाता है। इसलिए यह विकल्प गलत है और प्रश्न का सही उत्तर बनता है।

21. त्रिपिटक पवित्र धर्मग्रंथ कौन से धर्म से संबंधित है ?

(a) हिंदू धर्म

(b) पारसी धर्म

(c) जैन धम्म

(d) बौद्ध धर्म

Ans. (d) बौद्ध धर्म

[RRB Group-D, 20 Sep 2018 (Shift-3)]

Explain :- त्रिपिटक बौद्ध धर्म का प्राचीनतम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण धर्मग्रंथ माना जाता है। इसे तीन भागों—विनय पिटक, सुत्त पिटक और अभिधम्म पिटक—में विभाजित किया गया है। इसमें बौद्ध संघ के नियम, बुद्ध के उपदेश और दार्शनिक विवेचन शामिल हैं। त्रिपिटक की रचना कई शताब्दियों तक चलने वाली परंपरा का परिणाम है। यह बौद्ध धर्म की मूल शिक्षा का सबसे प्रामाणिक स्रोत है।

22. त्रिपिटक _______ उपदेशों का सबसे पहला संग्रह है।

(a) जैन

(b) हिंदू

(c) बौद्ध धर्म

(d) आर्य

Ans. (c) बौद्ध धर्म

[RRB Group-D, 09 Oct 2018 (Shift-2)]

Explain :- त्रिपिटक बुद्ध के उपदेशों का सबसे पहला और सबसे विस्तृत संग्रह है। इसमें बुद्ध के जीवनकाल के प्रवचनों और संघ की व्यवहार-संहिता को सुव्यवस्थित रूप में रखा गया है। यह संग्रह श्रावस्ती, राजगीर और वैशाली जैसे स्थानों में हुए सम्मेलनों में संकलित हुआ। त्रिपिटक पालि भाषा में उपलब्ध है, इसलिए इसे पालि कैनन भी कहा जाता है। यह बौद्ध धर्म की मूल शिक्षाओं का आधारभूत ग्रंथ है।

23. गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश ________ में दिया था।

(a) कपिलवस्तु

(b) बोध गया

(c) सारनाथ

(d) पाटलिपुत्र

Ans. (c) सारनाथ

[RRB Group-D, 08 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ के मृगदाव (इसिपतन) में दिया था, जिसे ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ कहा जाता है। इस उपदेश में उन्होंने चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग का प्रतिपादन किया। पाँच भिक्षुओं को उन्होंने इस अवसर पर दीक्षा दी, जिससे बौद्ध संघ की शुरुआत हुई। यह घटना बौद्ध धर्म के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहीं से बुद्ध की शिक्षाएँ समाज में फैलनी आरंभ हुईं।

24. बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए विजयवाड़ा में कौन सा चीनी विद्वान रहा ?

(a) दांग जहोंग्शू

(b) जुआन जांग

(c) कुई विपिंग

(d) डाँगफांग शुओ

Ans. (b) जुआन जांग

[RRB Group-D, 22 Sep 2018 (Shift-2)]

Explain :- जुआनजांग चीन के प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु और यात्री थे जिन्होंने 7वीं शताब्दी में भारत की यात्रा की। वे बौद्ध ग्रंथों और विश्वविद्यालयों का अध्ययन करने के लिए विजयवाड़ा (अमरावती क्षेत्र) भी रुके। भारत में उन्होंने नालंदा, तक्षशिला और कई बौद्ध केंद्रों का विस्तृत विवरण लिखा। उनके यात्रा-वृत्तांत से प्राचीन भारत की शिक्षा, धर्म और संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। बौद्ध साहित्य के अध्ययन में उनका योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

25. बोधगया किस भारतीय राज्य में स्थित है ?

(a) ओडिशा

(b) बिहार

(c) झारखंड

(d) पश्चिम बंगाल

Ans. (b) बिहार

[RRB Group-D, 30 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- बोधगया बिहार के गया ज़िले में स्थित है और बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। यहीं गौतम बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। इस स्थान पर महाबोधि मंदिर बना हुआ है जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित किया गया है। बोधगया प्राचीन काल से ही तीर्थ स्थल और शिक्षा केंद्र रहा है। बौद्ध अनुयायी इसे ‘बुद्ध की ज्ञानभूमि’ के रूप में सम्मान देते हैं।

26. गौतम बुद्ध ने अपने उपदेशों में जन साधारण की भाषा ________ का प्रयोग किया –

(a) मगधी

(b) संस्कृत

(c) प्राकृत

(d) पालि

Ans. (d) पालि

[RRB Group-D, 11 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- गौतम बुद्ध ने अपने उपदेश पालि भाषा में दिए क्योंकि यह जनसाधारण द्वारा समझी जाने वाली सरल भाषा थी। उस समय संस्कृत केवल ब्राह्मणों तक सीमित थी, इसलिए पालि ने बुद्ध के संदेश को आम जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बौद्ध धर्म के प्रारंभिक ग्रंथ भी पालि भाषा में लिखे गए। इससे बौद्ध विचारधारा का तेज़ी से प्रसार हुआ। पालि भाषा को बौद्ध साहित्य की मूल भाषा माना जाता है।

27. जातक कथाओं में _______ के जन्म और उनके पूर्व जीवन का वर्णन मिलता है –

(a) बुद्ध

(b) भगवान विश्णु

(c) महावीर

(d) भगवान कृष्ण

Ans. (a) बुद्ध

[RRB Group-D, 10 Oct 2018 (Shift-3)]

Explain :- जातक कथाएँ गौतम बुद्ध के पूर्व जन्मों की कहानियों का संग्रह हैं। इन कथाओं में बुद्ध के रूप में जन्म लेने से पहले उनकी विभिन्न योनियों में की गई नैतिक और धार्मिक शिक्षाप्रद घटनाएँ वर्णित हैं। जातक कथाओं का उद्देश्य नैतिकता, करुणा, सत्य और धर्म के मूल्यों को सिखाना था। ये कथाएँ बौद्ध साहित्य का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं और बौद्ध कला में भी इनका चित्रण मिलता है। इन्हें पालि कैनन में शामिल किया गया है।

28. जैन धर्म और बौद्ध धर्म के उदय में भारत में ईसा पूर्व ________ शताब्दी में धार्मिक अशांति देखी गई थी।

(a) पाँचवीं

(b) चौथी

(c) छठी

(d) सातवीं

Ans. (c) छठी

[RRB Group-D, 09 Oct 2018 (Shift-1)]

Explain :- छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत में वैदिक यज्ञों की जटिलता, सामाजिक असमानता और ब्राह्मणवादी नियंत्रण के कारण व्यापक धार्मिक असंतोष उत्पन्न हुआ। इसी वातावरण में महावीर और बुद्ध जैसे महान सुधारकों का उदय हुआ। इस काल में नए धार्मिक आंदोलनों ने सरल, नैतिक और अहिंसक जीवन पर ज़ोर दिया। शूद्रों और सामान्य जनता को इन धर्मों में समान स्थान मिला। आर्थिक परिवर्तनों ने भी नए विचारों के उदय को बढ़ावा दिया।

29. गौतम बुद्ध की माँ का नाम क्या था ?

(a) माया

(b) त्रिशला

(c) कनिका

(d) कौशल्या

Ans. (a) माया

[RRB Group-D, 05 Oct 2018 (Shift-1)]

Explain :- गौतम बुद्ध की माता का नाम रानी मायादेवी था, जो कपिलवस्तु के शाक्य वंश की महारानी थीं। उन्होंने लुम्बिनी उपवन में साल वृक्ष के नीचे बुद्ध को जन्म दिया। जन्म के सात दिन बाद मायादेवी का निधन हो गया और बुद्ध का पालन-पोषण उनकी मौसी महाप्रजापति गौतमी ने किया। बौद्ध साहित्य में मायादेवी को पवित्रता और मातृत्व के प्रतीक के रूप में वर्णित किया गया है। उनके नाम पर लुम्बिनी में मंदिर भी स्थित है।

30. बौद्ध धर्म में दिए गए आचार के नियम _______ और पंचशील सिद्धांत के नाम से जाने जाते हैं।

(a) पंचांगिक मार्ग

(b) साष्टांगिक मार्ग

(c) अष्टांगिक मार्ग

(d) चतुर्थक मार्ग

Ans. (*) RRB द्वारा इस प्रश्‍न को निरस्त कर दिया गया है । 

[RRB Group-D, 10 Oct 2018 (Shift-2)]

Explain :- यह प्रश्न RRB द्वारा निरस्त किया गया क्योंकि विकल्पों और प्रश्न की भाषा में स्पष्टता नहीं थी। बौद्ध धर्म में आचार नियमों को पंचशील, और साधना मार्ग को अष्टांगिक मार्ग कहा जाता है, पर प्रश्न में दोनों को मिश्रित रूप में पूछा गया था। विकल्प भी सही मिलान नहीं करते थे, जिससे प्रश्न भ्रमितकारी बन गया। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे रद्द कर दिया गया। इसलिए इसका कोई मान्य उत्तर नहीं माना गया।

 

RRB GROUP-D INDIAN POLITY  PREVIOUS YEAR QUESTION P1

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