ANCIENT HISTORY
(प्राचीन इतिहास)
→ RRB Group D Ancient History Questions भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को समझने में सहायक हैं। इस भाग में मौर्य, गुप्त, चोल साम्राज्य, अजंता-एलोरा गुफाएं, तथा प्रसिद्ध ग्रंथों से संबंधित GK Questions बार-बार पूछे जाते हैं। यह Railway Exam aspirants के लिए scoring topic है।
31. सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के आदर्शों के प्रचार के लिए धर्मप्रचारकों को दूरदराज के स्थानों पर भेजा ताकि लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं द्वारा अपने जीवन को प्रेरित कर सकें। इन धर्मप्रचारकों में उनका पुत्र ________ एवं पुत्री _______ भी शामिल थे।
(a) मनोज एवं संजना
(b) महेश एवं संगीता
(c) महेंद्र एवं संघमित्रा
(d) मनदीप एवं सुहासना
Ans. (c) महेंद्र एवं संघमित्रा
[RRB Group-D, 05 Nov 2018 (Shift-2)]
Explain :- सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म को अपनाया और इसके प्रसार के लिए व्यापक मिशन चलाया। उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा ताकि वहां बौद्ध धर्म का प्रचार हो सके। इन दोनों ने सिंहल द्वीप में बौद्ध विहारों की स्थापना की और लोगों को बुद्ध की शिक्षाओं से जोड़ा। श्रीलंका में थेरवाद बौद्ध परंपरा इन्हीं के प्रयासों से स्थापित हुई। यह घटना बौद्ध धर्म के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का महत्वपूर्ण चरण थी।
32. _______ ने धर्म विजया, ‘धार्मिकता द्वारा विजय’ की नीति विकसित की।
(a) बिंदुसार
(b) महेंद्र
(c) अशोक
(d) बिम्बिसार
Ans. (c) अशोक
[RRB Group-D, 04 Dec 2018 (Shift-3)]
Explain :- कलिंग युद्ध की विभीषिका देखने के बाद अशोक ने हिंसक विजय की नीति पूरी तरह त्याग दी। इसके स्थान पर उन्होंने ‘धर्म विजया’ यानी धार्मिक और नैतिक मूल्यों के माध्यम से विजय की नीति अपनाई। अशोक के शिलालेखों में भी धर्म-विजय का उल्लेख मिलता है, जिसमें दया, अहिंसा, सत्य और करुणा को महत्व दिया गया है। यह नीति मौर्य शासन को मानवीय और नैतिक आधार प्रदान करती है। अशोक का यही रूप उन्हें ‘धम्माशोक’ बनाता है।
33. अशोक के शासनकाल की सबसे महत्वपूर्ण घटना कलिंग, आधुनिक युग में _________ पर विजय थी, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण परिवर्तन सिद्ध हुआ।
(a) असम
(b) झारखंड
(c) बिहार
(d) ओडिशा
Ans. (d) ओडिशा
[RRB Group-D, 04 Dec 2018 (Shift-2)]
Explain :- अशोक के शासनकाल की सबसे महत्वपूर्ण घटना कलिंग पर विजय थी, जो वर्तमान ओडिशा क्षेत्र में स्थित था। इस युद्ध में भारी जनहानि हुई, जिसने अशोक के जीवन को गहराई से प्रभावित किया। युद्ध की दर्दनाक परिणति ने उन्हें हिंसा से घृणा और अहिंसा की ओर प्रेरित किया। इसी घटना के बाद वे बौद्ध धर्म के अनुयायी बने। कलिंग युद्ध ने मौर्य साम्राज्य की नीतियों को भी नई दिशा दी।
34. अशोक ने ________ के युद्ध के बाद बौद्ध उपदेशों को अपना लिया था।
(a) बक्सर
(b) कलिंग
(c) पानीपत
(d) मंगध
Ans. (b) कलिंग
[RRB Group-D, 01 Dec 2018 (Shift-2)]
Explain :- अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद अपने जीवन की दिशा बदल दी और बौद्ध धर्म अपनाया। इस युद्ध में लगभग एक लाख लोग मारे गए और कई लोग विस्थापित हुए, जिसके कारण अशोक को गहरा पश्चाताप हुआ। शिलालेखों में उन्होंने इसे ‘विजय की पीड़ा’ कहा है। युद्ध के बाद उन्होंने धम्म नीति शुरू की, जिसमें अहिंसा, सहिष्णुता और नैतिक जीवन पर बल दिया गया। यही घटना अशोक के जीवन का निर्णायक मोड़ बनी।
35. प्रसिद्ध कलिंग युद्ध ने सम्राट अशोक को युद्ध छोड़ने और बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया था, यह युद्ध उड़ीसा में कब लड़ा गया था।
(a) 261 BC
(b) 262 BC
(c) 260 BC
(d) 264 BC
Ans. (a) 261 BC
[RRB Group-D, 23 Oct 2018 (Shift-3)]
Explain :- प्रसिद्ध कलिंग युद्ध 261 ईसा पूर्व में मौर्य सम्राट अशोक और कलिंग राज्य के बीच लड़ा गया था। यह युद्ध दान्तकथा अनुसार अत्यंत विनाशकारी माना गया है। अशोक के तेरहवें शिलालेख में इस युद्ध के परिणाम और उनके पश्चाताप का उल्लेख मिलता है। युद्ध के बाद उन्होंने हिंसा का त्याग कर धम्म का मार्ग अपनाया। इसी वर्ष को बौद्ध धर्म के व्यापक प्रसार की शुरुआत माना जाता है।
36. चंद्रगुप्त का पुत्र ________ मौर्य साम्राज्य के सिंहासन पर बैठने वाला दूसरा शासक था।
(a) घननंद
(b) अशोक
(c) बिम्बिसार
(d) बिन्दुसार
Ans. (d) बिन्दुसार
[RRB Group-D, 08 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- चंद्रगुप्त मौर्य के उत्तराधिकारी उनके पुत्र बिंदुसार थे, जो मौर्य साम्राज्य के दूसरे शासक बने। बिंदुसार को ‘अमित्रघात’ नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने साम्राज्य को दक्षिण दिशा में कर्नाटक तक विस्तार दिया। ग्रीक ग्रंथों में उनका उल्लेख ‘अमित्रोखादस’ के रूप में मिलता है। उनके शासनकाल ने मौर्य साम्राज्य की नींव को और मजबूत बनाया।
37. सम्राट अशोक ________ का पुत्र था, जो मौर्य वंश से संबंधित था।
(a) चंद्रगप्त मौर्य
(b) चंद्रगुप्ति II
(c) बिंदुसार
(d) बिम्बिसार
Ans. (c) बिंदुसार
[RRB Group-D, 15 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- सम्राट अशोक, बिंदुसार के पुत्र और महान चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र थे। वे मौर्य वंश के तीसरे और सबसे प्रसिद्ध शासक बने। अशोक ने साम्राज्य को प्रशासनिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से विकसित किया। कलिंग युद्ध के बाद उन्होंने धम्म नीति को अपनाया और इसका व्यापक प्रचार किया। उनके शिलालेख आज भी प्रशासन और नैतिकता के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
38. सम्राट अशोक ने पत्थर के स्तंभों और पत्थर के तख्तों पर अपने ________ आदेश उत्कीर्ण करवाकर अपने राज्य के प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया ताकि लोग तद्नुसार आचरण कर सके।
(a) 16
(b) 14
(c) ৪
(d) 10
Ans. (b) 14
[RRB Group-D, 26 Oct 2018 (Shift-3)]
Explain :- अशोक ने अपने धम्म संदेशों को जनता तक पहुँचाने के लिए पत्थरों पर शिलालेख उत्कीर्ण करवाए। इनमें 14 प्रमुख शिलालेख (Major Rock Edicts) विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इनमें नैतिक जीवन, पशुओं की रक्षा, दया, सहिष्णुता और न्याय से संबंधित निर्देश शामिल हैं। ये शिलालेख भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में पाए गए हैं। इन्हें अशोक के प्रशासन और विचारधारा का मूल स्रोत माना जाता है।
39. ________, मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी।
(a) मंगध
(b) पाटलिपुत्र
(c) नालंदा
(d) तक्षशिला
Ans. (b) पाटलिपुत्र
[RRB Group-D, 15 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी और प्राचीन भारत का एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र रहा। चंद्रगुप्त मौर्य, बिंदुसार और अशोक ने यहीं से विशाल साम्राज्य का संचालन किया। यह नगर गंगा, सोन और गंडक नदियों के संगम के पास रणनीतिक रूप से विकसित हुआ था। विदेशी यात्रियों—मेगस्थनीज़ और फाह्यान—ने इसकी भव्यता का वर्णन किया है। यह उस समय का सबसे सुदृढ़ और योजनाबद्ध नगर था।
40. कौटिल्य का अर्थशास्त्र हमें _________ प्रशासन के बारे में जानकारी देता है।
(a) गुप्त
(b) मौर्य
(c) प्रतिहार
(d) राष्ट्रकूट
Ans. (b) मौर्य
[RRB Group-D, 28 Sep 2018 (Shift-2)]
Explain :- कौटिल्य का ‘अर्थशास्त्र’ मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक प्रणाली का सबसे विस्तृत और प्रामाणिक ग्रंथ है। इसमें राजा के कर्तव्यों, न्याय व्यवस्था, कर प्रणाली, सेना, जासूसी तंत्र और अर्थव्यवस्था का विस्तार से वर्णन है। अर्थशास्त्र चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में रचित माना जाता है। यह ग्रंथ राजकीय नीतियों और शासन विज्ञान का प्राचीनतम स्रोत है। इससे मौर्य काल की शक्ति और प्रशासनिक दक्षता का स्पष्ट चित्र मिलता है।
41. कुषाण राजाओं में सबसे मशहूर ________ थे, जो कुषाण राजवंश में तीसरे शासक थे।
(a) कृतवर्मा
(b) कृष्णदेवराय
(c) कौटिल्य
(d) कनिष्क
Ans. (d) कनिष्क
[RRB Group-D, 05 Dec 2018 (Shift-2)]
Explain :- कनिष्क कुषाण वंश का तीसरा और सबसे प्रसिद्ध शासक था। उसने एक विशाल साम्राज्य स्थापित किया जो मध्य एशिया से भारत तक फैला था। कनिष्क बौद्ध धर्म का महान संरक्षक माना जाता है। उसके काल में चौथी बौद्ध परिषद का आयोजन कश्मीर में हुआ। उसने सोने के सिक्कों का प्रचलन बढ़ाया और कला-संस्कृति को भी बढ़ावा दिया। कुशाण शासन का ‘स्वर्ण युग’ कनिष्क के समय ही माना जाता है।
42. ईसा पूर्व _________ शताब्दी की शुरुआत में, कुषाणों ने भारत की उत्तर-पश्चिम सीमा पर अपना अधिकार स्थापित किया।
(a) तीसरी
(b) चौथी
(c) पहली
(d) दूसरी
Ans. (c) पहली
[RRB Group-D, 05 Dec 2018 (Shift-1)]
Explain :- कुषाण मूलतः यूची जनजाति का एक भाग थे, जिन्होंने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के अंत और पहली शताब्दी ई. की शुरुआत में भारत की उत्तर-पश्चिम सीमा पर अधिकार स्थापित किया। वे वर्तमान अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत तक फैल गए। कुशाण काल भारत-रोमन व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस काल में कला, संस्कृति और सिक्का प्रणाली का विकास हुआ। यह काल भारतीय इतिहास में संक्रमण का दौर भी है।
43. ओडिशा के उदयगिरी से हाथीगुम्फा शिलालेख कलिंग के राजा _________ ने लिखा था।
(a) खारवेल
(b) महेंद्र
(c) बिम्बिसार
(d) अशोक
Ans. (a) खारवेल
[RRB Group-D, 12 Dec 2018 (Shift-2)]
Explain :- उदयगिरी (ओडिशा) की हाथीगुम्फा गुफा का शिलालेख कलिंग के राजा खारवेल द्वारा खुदवाया गया था। यह शिलालेख उनकी सैन्य विजय, जनकल्याण कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों का विस्तृत विवरण देता है। यह प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा गया है। खारवेल को कलिंग का पुनरुत्थानकर्ता माना जाता है। यह शिलालेख प्राचीन भारत के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है।
44. हर्षवर्धन के राजसभा कवि कौन थे ?
(a) जयदेव
(b) बाणभट्ट
(c) चंद्रबरदाई
(d) विल्हण
Ans. (b) बाणभट्ट
[RRB Group-D, 15 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- हर्षवर्धन के राजसभा कवि बाणभट्ट संस्कृत साहित्य के महान लेखक थे। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘हर्षचरित’ और ‘कादंबरी’ शामिल हैं। हर्षचरित में हर्षवर्धन के जीवन, शासन और व्यक्तित्व का वर्णन मिलता है। बाणभट्ट की भाषा साहित्यिक और अलंकारयुक्त थी। उन्हें संस्कृत गद्य का श्रेष्ठ कलाकार माना जाता है।
45. हर्ष की मृत्यु के बाद सातरवीं शताब्दी के आसपास _________ प्रभुत्व में आए और उनके काल को भारत के अंधे युग के रूप में माना जाता था।
(a) राजपूत
(b) अंग्रेज
(c) तुर्क
(d) मुगल
Ans. (a) राजपूत
[RRB Group-D, 30 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- हर्षवर्धन की मृत्यु (647 ई.) के बाद उत्तर भारत में राजनीतिक विखंडन हुआ। इस काल में राजपूतों का उदय हुआ और विभिन्न राजपूत राज्यों ने उत्तर भारत में प्रभुत्व स्थापित किया। इस समय को कभी-कभी राजनीतिक अस्थिरता के कारण ‘अंधकार युग’ भी कहा जाता है। इसी दौर में छोटे-छोटे राज्यों के बीच संघर्ष बढ़ा। यह काल भारतीय इतिहास में संक्रमण काल माना जाता है।
46. चंद्रगुप्त द्वितीय ने गुप्त साम्राज्य का _________ ईस्वी में गुजरात तक विस्तार कर लिया था।
(a) 930
(b) 903
(c) 309
(d) 390
Ans. (d) 390
[RRB Group-D, 03 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) गुप्त साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली शासकों में से एक थे। लगभग 390 ईस्वी में उन्होंने गुजरात क्षेत्र को अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया। इससे गुप्त साम्राज्य का विस्तार पश्चिमी तट तक हो गया। उनके शासन में कला, संस्कृति और साहित्य का उत्कर्ष हुआ। उज्जैन उनका महत्वपूर्ण केंद्र था। गुप्त काल को ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है।
47. चीनी यात्री इत्सिंग (Itsing) _________ में तीन वर्ष ठहरकर संस्कृत सीखा था।
(a) ताम्रलिप्ति
(b) नालंदा
(c) पाटलिपुत्र
(d) बोध गया
Ans. (a) ताम्रलिप्ति
[RRB Group-D, 22 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- चीनी यात्री इत्सिंग (I-Tsing) 7वीं सदी में भारत आया था। उसने ताम्रलिप्ति (वर्तमान तमलुक, पश्चिम बंगाल) में लगभग तीन वर्षों तक ठहरकर संस्कृत सीखी। ताम्रलिप्ति उस समय समुद्री व्यापार और शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र था। बाद में इत्सिंग नालंदा विश्वविद्यालय भी गया। उसने भारत में बौद्ध धर्म और शिक्षा प्रणाली पर महत्वपूर्ण विवरण लिखे।
48. हर्षवधर्धन की मृत्यु के बाद, प्रतिहार, पाल एवं राष्ट्रकूट वंश के राजाओं ने _________ पर आधिपत्य प्राप्त करने के लिए दूसरे के साथ युद्ध किया।
(a) बादामी
(b) कन्नौज
(c) दिल्ली
(d) गुजरात
Ans. (b) कन्नौज
[RRB Group-D, 12 Nov 2018 (Shift-3)]
Explain :- हर्ष की मृत्यु के बाद उत्तर भारत में कन्नौज पर अधिकार के लिए तीन शक्तिशाली वंशों—गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट—के बीच संघर्ष हुआ। इसे ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ कहा जाता है। प्रत्येक वंश कन्नौज को सामरिक व राजनीतिक केंद्र के रूप में महत्व देता था। यह संघर्ष लगभग 150 वर्षों तक चला। अंततः प्रतिहारों ने कन्नौज पर प्रभुत्व स्थापित किया।
49. _________ सातवीं और आठवीं सदी में बहुत शक्तिशाली हो गए और कांचीपुरम उनकी राजधानी थी।
(a) पल्लव
(b) प्रतिहार
(c) पाल
(d) चोल
Ans. (a) पल्लव
[RRB Group-D, 26 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- पल्लव वंश दक्षिण भारत का शक्तिशाली राजवंश था, जो 7वीं–8वीं सदी में अत्यंत प्रभावशाली हुआ। उनकी राजधानी कांचीपुरम थी, जो शिक्षा, कला और व्यापार का प्रमुख केंद्र था। पल्लवों ने द्रविड़ स्थापत्य शैली को विकसित किया। महाबलीपुरम के शैलकृत मंदिर इन्हीं की देन हैं। उनके प्रमुख शासक नरसिंहवर्मन प्रथम और महेंद्रवर्मन थे।
50. _________ पांड्य वंश की राजधानी थी।
(a) गया
(b) कांचीपुरम
(c) मदुरै
(d) द्वारसमुद्र
Ans. (c) मदुरै
[RRB Group-D, 01 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- पांड्य वंश की राजधानी मदुरै थी, जो तमिल संस्कृति, साहित्य और व्यापार का प्रमुख केंद्र था। संगम साहित्य का मुख्य विकास इसी क्षेत्र में हुआ। मदुरै में मीनाक्षी मंदिर पांड्यों की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। पांड्य राज्य दक्षिण भारत के तीन प्रमुख तमिल राज्यों में से एक था। यह राज्य समुद्री व्यापार के लिए भी प्रसिद्ध था।
51. _________ ने मदुरै के आस-पास के क्षेत्र पर शासन किया और तेरहवीं शताब्दी में सर्वोच्चता प्राप्त की –
(a) राजपूत
(b) चोल
(c) चेर
(d) पांड्या
Ans. (d) पांड्या
[RRB Group-D, 24 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- पांड्य वंश ने मदुरै के आसपास के क्षेत्र पर शासन किया। 13वीं शताब्दी में पांड्यों की शक्ति अपने चरम पर पहुँची। इस काल में व्यापार, विशेषकर मोती व्यापार, अत्यधिक विकसित हुआ। चोला वंश के पतन के बाद पांड्य दक्षिण भारत में प्रमुख शक्ति बन गए। उनकी राजधानी मदुरै सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र थी।
52. विंध्याशक्ति _________ वंश के संस्थापक थे ?
(a) वाकाटक
(b) काकतीय
(c) पांडव
(d) चोल
Ans. (a) वाकाटक
[RRB Group-D, 17 Sep 2018 (Shift-3)]
Explain :- विंध्यशक्ति वाकाटक वंश के प्रथम शासक और संस्थापक थे। वाकाटक मध्य भारत का एक महत्वपूर्ण राजवंश था। उन्होंने दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में शासन स्थापित किया। यह वंश बाद में गुप्तों का सहयोगी बना। वाकाटक काल कला, संस्कृति और गुफा स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है।
53. पाल राजवंश का पहला राजा कौन था ?
(a) गोपाल
(b) देवपाल
(c) मैदनपाल
(d) नन्दलाल
Ans. (a) गोपाल
[RRB Group-D, 22 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- गोपाल पाल राजवंश के प्रथम राजा और संस्थापक थे। उन्हें बंगाल के लोगों ने सामूहिक रूप से चुनकर राजा बनाया था—यह भारत के इतिहास में अनोखी घटना है। गोपाल ने अराजकता समाप्त कर स्थिर शासन स्थापित किया। पाल वंश बौद्ध धर्म के महान संरक्षक भी बने। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों का विस्तार इसी वंश में हुआ।
54. तमिल कवि ‘कंबन’ ने निम्नलिखित में से किस ग्रन्थ के तमिल संस्करण का संकलन किया है ?
(a) महाभारत
(b) रामायण
(c) ऋग्वेद
(d) भगवद् गीता
Ans. (b) रामायण
[RRB Group-D, 27 Nov 2018 (Shift-3)]
Explain :- तमिल कवि कंबन ने ‘कंब रामायण’ की रचना की। यह रामायण का तमिल संस्करण है, जिसे ‘रामावतारम्’ भी कहा जाता है। कंबन की भाषा काव्यात्मक और अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। यह ग्रंथ तमिल साहित्य की महान कृतियों में गिना जाता है। इसे भक्ति साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं में रखा जाता है।
55. निम्नलिखित में से किसने प्राचीन भारत में ‘मृच्छकटिका’ पुस्तक संकलित की है ?
(a) कल्हन
(b) शूद्रक
(c) विक्रमवेद
(d) बाणभट्ट
Ans. (b) शूद्रक
[RRB Group-D, 23 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- ‘मृच्छकटिक’ (मिट्टी की गाड़ी) एक प्रख्यात संस्कृत नाटक है। इसके रचनाकार राजा शूद्रक माने जाते हैं। नाटक में चारुदत्त और वसंतसेना की कथा प्रमुख है। इसमें सामाजिक जीवन, राजनीति और प्रेम के चित्रण मिलते हैं। यह प्राचीन भारतीय नाट्य साहित्य की श्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है।
56. संगम काल के महाकाव्य ‘शिल्प्पादिकारम्’ और मणिमेखलै’ _________ भाषा में लिखे गए थे।
(a) पालि
(b) पैशाची
(c) संस्कृत
(d) तमिल
Ans. (d) तमिल
[RRB Group-D, 16 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- ‘शिल्प्पादिकारम्’ और ‘मणिमेखलै’ संगम काल के प्रमुख तमिल महाकाव्य हैं। ये तमिल साहित्य की आधारभूत कृतियाँ मानी जाती हैं। शिल्प्पादिकारम् में कनकी और कोवलन की कथा है। मणिमेखलै बौद्ध प्रभाव वाला काव्य है। दोनों ग्रंथ प्राचीन दक्षिण भारतीय समाज और संस्कृति का चित्र प्रस्तुत करते हैं।
57. निम्नलिखित में से किसने संस्कृत नाटक ‘मुद्राराक्षस’ लिखा था ?
(a) नागार्जुन
(b) सोमदेव
(c) विशाखदत्त
(d) कालीदास
Ans. (c) विशाखदत्त
[RRB Group-D, 08 Oct 2018 (Shift-1)]
Explain :- ‘मुद्राराक्षस’ एक राजनीतिक संस्कृत नाटक है। इसके लेखक विशाखदत्त थे। नाटक में चाणक्य, चंद्रगुप्त और राक्षस (नंद वंश के मंत्री) की घटनाओं का वर्णन है। इसमें राजनीति, रणनीति और कूटनीति का विस्तृत चित्रण मिलता है। यह संस्कृत साहित्य के श्रेष्ठ राजनीति-आधारित नाटकों में गिना जाता है।
58. निम्नलिखित में से कौन सा प्राचीन ग्रंथ ‘पाँचवां वेद’ भी कहा जाता है ?
(a) शिवपुराण
(b) रामायण
(c) भगवद् गीता
(d) महाभारत
Ans. (d) महाभारत
[RRB Group-D, 27 Sep 2018 (Shift-3)]
Explain :- महाभारत को उसकी विशालता, ज्ञान, धर्म और दर्शन के कारण ‘पाँचवां वेद’ कहा जाता है। यह विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य माना जाता है। इसमें राजधर्म, गुरु धर्म, युद्ध नीति और जीवन के अनेक महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं। गीता भी इसी का अंग है। इसके रचयिता वेदव्यास माने जाते हैं।
59. निम्नलिखित में से किसने ‘रघुवंशम’ संकलित किया है ?
(a) सूरदास
(b) कबीरदास
(c) कालिदास
(d) तुलसीदास
Ans. (c) कालिदास
[RRB Group-D, 08 Oct 2018 (Shift-2)]
Explain :- ‘रघुवंशम्’ महान संस्कृत कवि कालिदास का प्रसिद्ध महाकाव्य है। इसमें रघुवंश के राजाओं का वर्णन है, जिनमें भगवान राम भी शामिल हैं। भाषा, छंद और काव्यशैली इसे अत्यंत उत्कृष्ट बनाते हैं। इसे संस्कृत साहित्य की सर्वोत्तम रचनाओं में से एक माना जाता है। कालिदास को ‘महाकवि’ की उपाधि इसी कारण मिली।
60. ‘पंचतंत्र’ का लेखक कौन है ?
(a) श्री हर्ष
(b) विष्णु शर्मा
(c) वाल्मीकि
(d) कालीदास
Ans. (b) विष्णु शर्मा
[RRB Group-D, 08 Oct 2018 (Shift-2)]
[RRB NTPC, 03 Mar 2016 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- ‘पंचतंत्र’ एक विश्व-प्रसिद्ध नीति कथा ग्रंथ है। इसके लेखक पंडित विष्णु शर्मा माने जाते हैं। इसमें पशु कथाओं के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण नीति सिद्धांत सिखाए गए हैं। यह ग्रंथ बच्चों और शासकों दोनों के लिए शिक्षा का साधन था। पंचतंत्र के अनुवाद दुनिया की कई भाषाओं में किए गए।
