RRB Group D Biology Practice Set 08: Baar-Baar Puche Gaye Sawal

BIOLOGY (जीव विज्ञान)

 

RRB Group D Biology Practice Set 08

 

211. एकसंकर संकरण, _________ विभिन्न संस्करणों की विशेषताओं (trait) वाले दो पौधों का संयोजन होता है।

(a) चार

(b) दो

(c) छह

(d) आठ

Ans: (b) दो

[RRB Group-D : 29/08/2022 (Shift-II)]

Explanation: एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross) में एक ही लक्षण के दो विपरीत रूपों (जैसे लंबा और बौना पौधा) का अध्ययन किया जाता है। जब इन दो अलग विशेषताओं वाले पौधों के बीच क्रॉस कराया जाता है, तो वंशागति के पैटर्न का पता चलता है।

Extra Facts: एकसंकर संकरण के F2 पीढ़ी का फेनोटाइपिक अनुपात हमेशा 3:1 होता है। इस प्रयोग से मेंडल ने ‘प्रभाविता का नियम’ और ‘पृथक्करण का नियम’ प्रतिपादित किया था।

212. निम्नलिखित में से कौन सा कण (molecule), संतान द्वारा किसी लक्षण (trait) की वंशागति को नियंत्रित करता है ?

(a) केवल पैतृक DNA

(b) केवल मातृ DNA

(c) प्रोटीन

(d) पैतृक और मातृ DNA

Ans: (d) पैतृक और मातृ DNA

[RRB Group-D – 02/09/2022 (Shift-III)]

Explanation: संतान में वंशागत लक्षणों का निर्धारण माता और पिता दोनों से प्राप्त होने वाले डीएनए (DNA) द्वारा होता है। निषेचन के दौरान पैतृक और मातृ जनन कोशिकाओं का मिलन होता है, जिससे संतान को दोनों जनकों से आनुवंशिक सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।

Extra Facts: डीएनए एक द्विकुंडलित संरचना है जो आनुवंशिक कोड को संचित करती है। संतान के विकास में माता और पिता का आनुवंशिक योगदान समान (50-50 प्रतिशत) होता है।

213. मेंडल ने मटर के पौधों के अनेक विपर्यासी दृश्य लक्षणों के आधार पर प्रयोग किए। उनमें से कुछ निम्नलिखित थे :

(A) गोल और झुर्रिदार बीज

(B) लंबे और छोटे पौधे

(C) सफेद और बैंगनी फूल

इनमें से कौन-से मटर के पौधे में पाए जाने वाले अप्रभावी लक्षण हैं ?

(a) झुर्रिदार, छोटे और बैंगनी

(b) गोल, छोटे और सफेद

(c) बैंगनी, छोटे और गोल

(d) झुर्रिदार, छोटे और सफेद

Ans: (d) झुर्रिदार, छोटे और सफेद

[RRB Group-D – 26/08/2022 (Shift-III)]

Explanation: मेंडल के प्रयोगों में कुछ लक्षण ‘प्रभावी’ थे जो $F_{1}$ पीढ़ी में दिखाई दिए, जबकि ‘अप्रभावी’ लक्षण छिप गए। झुर्रिदार बीज, बौना (छोटा) तना और सफेद फूल अप्रभावी लक्षण हैं, जो केवल तभी प्रकट होते हैं जब प्रभावी जीन अनुपस्थित हो।

Extra Facts: प्रभावी लक्षणों में गोल बीज, लंबा पौधा और बैंगनी फूल शामिल हैं। मेंडल ने मटर के कुल 7 जोड़ी विपर्यासी लक्षणों का अध्ययन किया था।

214. मेंडल के संकरण में, एक शुद्ध लंबे पौधे (TT) का एक बौने पौधे (tt) के साथ संकरण कराया गया। F2 पीढ़ी में जीनोटाइप अनुपात (Genotypic ratio) क्या था ?

(a) 1 : 2 : 1

(b) 1 : 1

(c) 3 : 1

(d) 1 : 3

Ans: (a) 1 : 2 : 1

[RRB Group-D – 20/09/2022 (Shift-I)]

Explanation: F2 पीढ़ी में आनुवंशिक संरचना (Genotype) का अनुपात 1:2:1 होता है, जिसमें 1 शुद्ध लंबा (TT), 2 विषमयुग्मजी लंबे (Tt) और 1 शुद्ध बौना (tt) पौधा प्राप्त होता है। (नोट: आपके मूल डेटा में Ans 3:1 दिया था, जो फेनोटाइप अनुपात है, जीनोटाइप 1:2:1 होता है)।

Extra Facts: F2 पीढ़ी का फेनोटाइप (दृश्य) अनुपात 3:1 होता है, जिसका अर्थ है कि बाहर से देखने पर 75% पौधे लंबे और 25% बौने दिखाई देते हैं।

215. इनमें से कौन वह पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने प्रत्येक पीढ़ी में किसी विशेष लक्षण को प्रदर्शित करने वाले पौधों /जीवों की गणना करने के लिए अपने विज्ञान और गणित के ज्ञान को सम्मिश्रित किया था ?

(a) चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन

(b) जे.बी.एस. हाल्डेन

(c) स्टेनली एल मिलर

(d) ग्रेगर जॉन मेंडल

Ans: (d) ग्रेगर जॉन मेंडल

[RRB Group-D – 07/10/2022 (Shift-II)]

Explanation: ग्रेगर जॉन मेंडल पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने जीव विज्ञान की गुत्थियों को सुलझाने के लिए सांख्यिकी और गणितीय गणनाओं का उपयोग किया। उन्होंने मटर के पौधों की कई पीढ़ियों के आंकड़ों का सटीक विश्लेषण कर वंशागति के सार्वभौमिक नियम प्रतिपादित किए।

Extra Facts: मेंडल के इन शोध कार्यों को ‘एक्सपेरिमेंट्स इन प्लांट हाइब्रिडाइजेशन’ नामक शोध पत्र में प्रकाशित किया गया था। उनके गणितीय दृष्टिकोण को शुरुआती दौर में कई वैज्ञानिकों ने स्वीकार नहीं किया था।

216. मनुष्य में लक्षणों के वंशागति के नियम नीचे वर्णित कुछ तथ्यों से संबंधित होते हैं। इन तथ्यों में से एक के अलावा अन्य सभी सही हैं। गलत विकल्प का चयन कीजिए।

(a) माता और पिता दोनों, बच्चे के लिए समान मात्रा में आनुवंशिक पदार्थों का योगदान करते हैं

(b) प्रत्येक लक्षण के लिए, प्रत्येक बच्चे में दो संस्करण/असंगत जीन होने चाहिए

(c) प्रत्येक लक्षण के लिए, प्रत्येक बच्चे में एक ही संस्करण/असंगत जीन होना चाहिए

(d) प्रत्येक लक्षण माता और पिता दोनों के DNA से प्रभावित हो सकता है

Ans: (c) प्रत्येक लक्षण के लिए, प्रत्येक बच्चे में एक ही संस्करण/असंगत जीन होना चाहिए

[RRB Group-D – 16/09/2022 (Shift-I)]

Explanation: यह कथन गलत है क्योंकि मनुष्य में प्रत्येक लक्षण के लिए दो एलील (जीन के संस्करण) होते हैं, जिनमें से एक माता से और दूसरा पिता से प्राप्त होता है। इन दो संस्करणों के आपसी प्रभाव (प्रभावी या अप्रभावी) से ही बच्चे का शारीरिक लक्षण निर्धारित होता है।

Extra Facts: इन दो संस्करणों को ‘युग्मविकल्पी’ (Alleles) कहा जाता है। यदि दोनों एलील समान हों तो उसे ‘समयुग्मजी’ और अलग हों तो ‘विषमयुग्मजी’ कहते हैं।

217. TtWw जीन प्रारूप वाले निर्मित युग्मकों का प्रतिशत कितना होगा ?

(a) 50%

(b) 37.5%

(c) 25%

(d) 75%

Ans: (c) 25%

[RRB Group-D – 15/09/2022 (Shift-II)]

Explanation: TtWw एक द्विसंकरी (Dihybrid) जीव है। स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार, इससे चार प्रकार के युग्मक (TW, Tw, tW, tw) समान मात्रा में बनेंगे। अतः प्रत्येक प्रकार के युग्मक के बनने की संभावना 1/4 या 25% होती है।

Extra Facts: युग्मक निर्माण के दौरान जीनों का पृथक्करण स्वतंत्र रूप से होता है। यह विविधता जैव-विकास और नई प्रजातियों के उद्भव के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

218. मानवों में लिंग गुणसूत्रों के कितने युग्म मौजूद होते हैं ?

(a) 1 युग्म

(b) 3 युग्म

(c) 2 युग्म

(d) 4 युग्म

Ans: (a) 1 युग्म

[RRB Group-D – 16/09/2022 (Shift-III)]

Explanation: मनुष्य में कुल 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं। इनमें से प्रथम 22 जोड़े ‘ऑटोसोम’ कहलाते हैं, जबकि अंतिम 23वाँ जोड़ा ‘लिंग गुणसूत्र’ (Sex Chromosomes) का होता है। यही 1 जोड़ा (XX या XY) संतान का लिंग निर्धारित करता है।

Extra Facts: महिलाओं में लिंग गुणसूत्र का जोड़ा समान (XX) होता है, जबकि पुरुषों में यह भिन्न (XY) होता है। गुणसूत्रों की खोज वाल्डेयर ने की थी।

219. निम्न में से कौन सा कथन गलत है ?

(a) सभी बच्चों में Y गुणसूत्र उनकी मां से वंशगत होते हैं।
(b) कुछ प्राणियों, जैसे – घोघे, जीवन में अपना लिंग परिवर्तित कर सकते हैं।
(c) सभी मानव गुणसूत्र युग्मित नहीं होते हैं।
(d) लिंग विभिन्न जातियों में विभिन्न कारकों द्वारा निर्धारित होता है।
Ans: (a) सभी बच्चों में Y गुणसूत्र उनकी मां से वंशगत होते हैं।
[RRB Group-D – 19/09/2022 (Shift-II)]
Explanation: यह कथन गलत है क्योंकि माता में केवल ‘XX’ गुणसूत्र होते हैं, इसलिए वह केवल X गुणसूत्र ही दे सकती है। Y गुणसूत्र हमेशा पिता से वंशगत होता है। लिंग निर्धारण के लिए पिता का गुणसूत्र ही उत्तरदायी होता है।
Extra Facts: घोंघे जैसे कुछ जीव पर्यावरणीय कारकों के आधार पर अपना लिंग बदल सकते हैं। पुरुषों में पाए जाने वाले XY गुणसूत्र को विषमयुग्मजी (Heterozygous) जोड़ा कहा जाता है।

 

220. क्या X गुणसूत्रों वाले शुक्राणुओं और Y गुणसूत्रों वाले शुक्राणुओं के बीच कोई दृश्य भिन्नता होती है ?

(a) नहीं, उनके आकार में कोई अंतर नही होता है, लेकिन गतिशीलता में अंतर होता है।

(b) हां, X-युक्त शुक्राणु बड़े होते हैं।

(c) हां, Y-युक्त शुक्राणु अधिक गतिशील होते हैं।

(d) नहीं, उनके आकार या गतिशीलता में कोई अंतर नही होता है।

Ans: (d) नहीं, उनके आकार या गतिशीलता में कोई अंतर नही होता है।

[RRB Group-D – 27/09/2022 (Shift-I)]

Explanation: वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, X और Y गुणसूत्र युक्त शुक्राणुओं के आकार, गतिशीलता या पीएच (pH) सहनशक्ति में कोई प्रत्यक्ष दृश्य भिन्नता नहीं पाई जाती है। उनके बीच एकमात्र वास्तविक अंतर उनके भीतर मौजूद डीएनए (DNA) की मात्रा और प्रकार का होता है।

Extra Facts: शुक्राणु कोशिका मानव शरीर की सबसे छोटी कोशिका मानी जाती है। एक सामान्य स्खलन में लाखों शुक्राणु होते हैं जिनमें X और Y की संख्या लगभग बराबर होती है।

221. मनुष्य में, संतान का लिंग ________ द्वारा निर्धारित होता है।

(a) मातृ और पितृ दोनों गुणसूत्रों

(b) मातृ गुणसूत्र

(c) ऑटोसोम

(d) पितृ गुणसूत्र

Ans: (d) पितृ गुणसूत्र

[RRB Group-D – 14/09/2022 (Shift-III)]

Explanation: मनुष्य में लिंग का निर्धारण पिता से प्राप्त होने वाले गुणसूत्र पर निर्भर करता है। यदि पिता से ‘X’ गुणसूत्र मिलता है तो संतान लड़की (XX) होगी और यदि ‘Y’ गुणसूत्र मिलता है तो संतान लड़का (XY) होगा।

Extra Facts: मनुष्यों में कुल 46 गुणसूत्र होते हैं जिनमें से 2 जोड़े लिंग गुणसूत्र कहलाते हैं। महिलाओं में ‘XX’ जोड़ा होने के कारण वे केवल X गुणसूत्र ही संतान को प्रदान कर पाती हैं।

222. मेंडल से पहले कई वैज्ञानिकों ने मटर और अन्य जीवों में लक्षणों की वंशागति का अध्ययन शुरू कर दिया था, लेकिन मेंडल वंशागति के नियम देने में सफल रहे। मेंडल की सफलता से संबंधित कुछ तर्क नीचे दिए गए हैं, जिनमें से एक के अलावा अन्य सभी सही हैं। गलत तर्क का चयन कीजिए।

(a) उन्होंने प्रत्येक पीढ़ी में किसी विशेष लक्षण वाली जीवों की गिनती रखी थी।

(b) उन्होंने एक समय में एक लक्षण की वंशागति का अध्ययन किया, जबकि उनमें से पहले के वैज्ञानिकों ने जीव को संपूर्ण रूप में लेकर अध्ययन किया था।

(c) उन्होंने अपने विज्ञान और गणित के ज्ञान को मिश्रित किया।

(d) उन्होंने छोटे आकार के नमूनों के आधार पर काम किया था।

Ans: (d) उन्होंने छोटे आकार के नमूनों के आधार पर काम किया था।

[RRB Group-D – 22/08/2022 (Shift-II)]

Explanation: मेंडल की सफलता का रहस्य उनके नमूनों का बड़ा आकार (Large Sample Size) था, न कि छोटा। उन्होंने हजारों पौधों पर प्रयोग किए जिससे उनके सांख्यिकीय निष्कर्ष सटीक निकले। उन्होंने गणित और जीव विज्ञान के सिद्धांतों का बेहतरीन समन्वय किया था।Extra Facts: मेंडल ने अपने प्रयोगों के लिए मटर के 7 जोड़ी विपरीत लक्षणों को चुना था। उनके कार्यों को 1900 में तीन वैज्ञानिकों (कोरेन्स, डी व्रीज, शेरमाक) ने दोबारा खोजा था।

223. जब मेंडल ने मटर के लंबे पौधों का संकरण मटर के बौने पौधों के साथ कराया, तो प्राप्त सभी संतति, लंबे पौधे थे। जब उन्होंने गोल बीज वाले पौधों का झुर्रिदार बीज वाले पौधों के साथ संकरण कराया, तो प्राप्त सभी संतति, गोल बीज वाले पौधे थे। यदि वे झुर्रिदार बीजों वाले लंबे पौधों का संकरण, गोल बीज वाले बौने पौधों के साथ कराते, तो प्राप्त संतति पौधे किस प्रकार के होते ?

(a) झुर्रिदार बीज वाले लंबे पौधे

(b) झुर्रिदार बीज वाले बौने पौधे

(c) गोल बीज वाले बौने पौधे

(d) गोल बीज वाले लंबे पौधे

Ans: (d) गोल बीज वाले लंबे पौधे

[RRB Group- D – 11/10/2022 (Shift-II)]

Explanation: मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार, जब दो प्रभावी लक्षणों (लंबाई और गोल बीज) का संकरण अप्रभावी लक्षणों के साथ कराया जाता है, तो F1 पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण ही प्रकट होते हैं। अतः प्राप्त संतति गोल बीज वाली और लंबी होगी। Extra Facts: इस प्रकार के संकरण को ‘द्विसंकरी संकरण’ (Dihybrid Cross) कहा जाता है। इसमें प्रभावी एलील्स (Alleles) हमेशा अप्रभावी एलील्स के प्रभाव को दबा देते हैं।

224. मानव नरों में मौजूद लिंग गुणसूत्र XY हैं। इनके बीच क्या अंतर है ?

(a) इनके आकार में कोई अंतर नहीं होता है

(b) X-गुणसूत्र बड़ा होता है, जबकि Y-गुणसूत्र छोटा होता है

(c) Y- गुणसूत्र में X-गुणसूत्र से अधिक जीन होते हैं।

(d) Y- गुणसूत्र बड़ा होता है, जबकि X-गुणसूत्र छोटा होता है

Ans: (b) X-गुणसूत्र बड़ा होता है, जबकि Y-गुणसूत्र छोटा होता है

[RRB Group-D – 24/08/2022 (Shift-II)]

Explanation: मानव नरों में X-गुणसूत्र का आकार Y-गुणसूत्र की तुलना में काफी बड़ा होता है। X-गुणसूत्र में लगभग 900 से 1000 जीन होते हैं, जबकि Y-गुणसूत्र में केवल 70 से 80 जीन ही पाए जाते हैं जो मुख्य रूप से नर विकास से संबंधित होते हैं।

Extra Facts: Y-गुणसूत्र का मुख्य कार्य ‘SRY जीन’ के माध्यम से भ्रूण में वृषण (Testis) के विकास को शुरू करना है। यदि यह गुणसूत्र अनुपस्थित हो, तो भ्रूण मादा के रूप में विकसित होता है।

225. लक्षणों की वंशागति को नियंत्रित करने वाले नियमों की खोज में मेंडल के सफल होने का एक कारण इनमें से क्या था ?

(a) वे वैज्ञानिक विधियों में प्रशिक्षित थे।

(b) उन्होंने विकासवादी प्रक्रियाओं के अपने ज्ञान का उपयोग किया

(c) उन्होंने संतति की संख्यात्मक गणना की।

(d) उन्होंने जंतुओं के बजाय पादपों का प्रयोग किया।

Ans: (c) उन्होंने संतति की संख्यात्मक गणना की।

[RRB Group-D – 29/09/2022 (Shift-I)]

Explanation: मेंडल की सफलता का मुख्य स्तंभ उनका सांख्यिकीय दृष्टिकोण था। उन्होंने केवल लक्षणों को देखा ही नहीं, बल्कि प्रत्येक पीढ़ी में प्राप्त पौधों की सटीक संख्यात्मक गणना की और उन पर गणितीय अनुपात लागू किए, जिससे वंशागति के नियम स्पष्ट हो सके।

Extra Facts: मेंडल ने अपने प्रयोगों के लिए ‘उद्यान मटर’ (Pisum sativum) का चयन किया था। उन्होंने प्रभावी और अप्रभावी लक्षणों के बीच 3:1 का प्रसिद्ध फेनोटाइपिक अनुपात प्राप्त किया था।

226. यदि मेंडल ने F2 पीढ़ी का अध्ययन नहीं किया होता तो क्या होता ?

(a) वह पता नहीं लगा पाते कि कौन से लक्षण प्रभावी थे

(b) वह कई लक्षणों का अध्ययन नहीं कर पाते

(c) वह पता नहीं लगा पाते कि अप्रभावी लक्षण नष्ट नहीं होते हैं

(d) वह हाइब्रिड पौधे प्राप्त कर पाने में सक्षम नहीं होते

Ans: (c) वह पता नहीं लगा पाते कि अप्रभावी लक्षण नष्ट नहीं होते हैं

[RRB Group-D – 11/10/2022 (Shift-III)]

Explanation: F1 पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण ही दिखाई देते हैं, जबकि अप्रभावी लक्षण छिप जाते हैं। F2 पीढ़ी के अध्ययन से ही यह साबित हुआ कि अप्रभावी लक्षण नष्ट नहीं हुए थे, बल्कि अगली पीढ़ी में पुनः स्वतंत्र रूप से प्रकट होने की क्षमता रखते थे।

Extra Facts: F2 पीढ़ी में अप्रभावी लक्षण 25% पौधों में दोबारा दिखाई देते हैं। इसे ‘पृथक्करण का नियम’ (Law of Segregation) कहा जाता है, जो बताता है कि जीन जोड़े युग्मक निर्माण के समय अलग हो जाते हैं।

227. पीले बीजों वाले तद्रूप प्रजनन वाले एक लंबे मटर के पौधे का संकरण हरे बीजों वाले तद्रूप प्रजनन वाले बौने मटर के पौधे के साथ कराया जाता है। F1 पीढ़ी में, सभी पौधे लंबे थे। इस प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है ?

(a) लंबापन, बौनेपन पर प्रभावी/हावी था।

(b) एक जनक पौधा समयुग्मजी था, और दूसरा विषमयुग्मजी था।

(c) जनक पौधे विषमयुग्मजी थे।

(d) यह जीनों के स्वतंत्र अपव्यूहन को दर्शाता है।

Ans: (a) लंबापन, बौनेपन पर प्रभावी/हावी था।

[RRB Group-D – 05/09/2022 (Shift-II)]

Explanation: मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार, जब दो विपरीत लक्षणों वाले शुद्ध पौधों के बीच संकरण कराया जाता है, तो F1 पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण ही दिखाई देता है। यहाँ सभी पौधों का लंबा होना यह सिद्ध करता है कि लंबापन एक प्रभावी गुण है।

Extra Facts: अप्रभावी लक्षण (बौनापन) F1 पीढ़ी में मौजूद तो रहता है, लेकिन प्रभावी जीन की उपस्थिति के कारण स्वयं को व्यक्त नहीं कर पाता। यह लक्षण केवल F2 पीढ़ी में पुनः प्रकट होता है।

228. मेंडल के प्रयोगों में दो लक्षणों के बीच द्विसंकर संकरण के परिणामस्वरूप प्राप्त अनुपात कितना होगा ?

(a) 9 : 1 : 3 : 3

(b) 1 : 3 : 9 : 3

(c) 9 : 4 : 2 : 1

(d) 9 : 3 : 3 : 1

Ans: (d) 9 : 3 : 3 : 1

[RRB Group-D – 06/10/2022 (Shift-III)]

Explanation: द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross) में जब दो जोड़ी विपरीत लक्षणों का अध्ययन किया जाता है, तो F2 पीढ़ी का बाह्य स्वरूप (Phenotype) अनुपात हमेशा 9:3:3:1 प्राप्त होता है। यह परिणाम सिद्ध करता है कि विभिन्न लक्षणों के जीन स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं।

Extra Facts: ग्रेगर जॉन मेंडल को ‘आनुवंशिकी का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के माध्यम से ‘स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम’ (Law of Independent Assortment) प्रतिपादित किया था।

229. मेंडल ने दो प्रयोग किए: (1) लंबे पौधों के पराग को छोटे पौधों के बीजांड को निषेचित करने के लिए लिया, और (2) छोटे पौधों के पराग को लंबे पौधों के बीजांड को निषेचित करने के लिए लिया। यदि हम इन दो प्रयोगों से उत्पन्न पौधों की तुलना करें, तो हम क्या परिणाम देखेंगे ?

(a) प्रयोग 1 में छोटे पौधे उत्पन्न होंगे, और प्रयोग 2 में भी छोटे पौधे उत्पन्न होंगे

(b) प्रयोग 1 में लंबे पौधे उत्पन्न होंगे, और प्रयोग 2 में भी लंबे पौधे उत्पन्न होंगे

(c) प्रयोग 1 में लंबे पौधे उत्पन्न होंगे, और प्रयोग 2 में छोटे पौधे उत्पन्न होंगे

(d) प्रयोग 1 में पौधे उत्पन्न होंगे, और प्रयोग 2 में लंबे पौधे उत्पन्न होंगे

Ans: (b) प्रयोग 1 में लंबे पौधे उत्पन्न होंगे, और प्रयोग 2 में भी लंबे पौधे उत्पन्न होंगे

[RRB Group-D – 06/10/2022 (Shift-III)]

Explanation: इन प्रयोगों को ‘व्युत्क्रम संकरण’ (Reciprocal Cross) कहा जाता है। मेंडल ने पाया कि चाहे नर पौधा लंबा हो या मादा, F1 पीढ़ी के परिणाम हमेशा समान रहते हैं। चूंकि लंबापन प्रभावी गुण है, इसलिए दोनों स्थितियों में सभी संतति लंबे ही प्राप्त होंगे।

Extra Facts: यह प्रयोग दर्शाता है कि मटर में लिंग (Male/Female) का लक्षणों की वंशागति पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता। आनुवंशिक सूचनाएँ दोनों जनकों से समान रूप से स्थानांतरित होती हैं।

230. निम्नांकित चित्र में, दो पौधों के बीच संकरण को F2 पीढ़ी तक दिखाया गया है। इस संकरण से निकाले जा सकने वाले कुछ निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं। किस विकल्प में गलत निष्कर्ष दिया गया है।

cross fertilisation – पर- निषेचन

self fertilisation – स्व- निषेचन

(a) केवल लाल रंग ही प्रभावी है।

(b) लक्षण वंशगत होते हैं, लेकिन व्यक्त नहीं होते हैं।

(c) लाल और हरा दोनों ही प्रभावी हैं, हालांकि हरे का उत्पादन कम संख्या में होता है।

(d) हरा अप्रभावी होता है।

Ans: (c) लाल और हरा दोनों ही प्रभावी हैं, हालांकि हरे का उत्पादन कम संख्या में होता है।

[RRB Group-D – 08/09/2022 (Shift-I)]

Explanation:वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लाल और हरा दोनों प्रभावी नहीं हो सकते। F1 पीढ़ी में केवल लाल रंग का दिखना साबित करता है कि लाल ‘प्रभावी’ और हरा ‘अप्रभावी’ लक्षण है। हरा रंग केवल F2 पीढ़ी में अपनी शुद्ध अवस्था में ही प्रकट होता है।

Extra Facts: मेंडल के पृथक्करण के नियम के अनुसार, अप्रभावी लक्षण (जैसे हरा रंग) अगली पीढ़ी में बिना किसी मिलावट के पुनः शुद्ध रूप में वापस आता है, जिससे इसकी आनुवंशिक शुद्धता बनी रहती है।

231. मेंडल के मटर के पौधों पर प्रयोगों के संबंध में इनमें से कौन-सा कथन गलत है ?

(a) मेंडल ने विपरीत दृश्य लक्षणों वाले- गोल/झुर्रिदार बीजों, लंबे/बौने उद्यान मटर के कई पौधों का उपयोग किया

(b) उन्होंने एक लंबा पौधा और एक बौना पौधा लिया, उनके संकरण द्वारा संतति पौधे उत्पन्न किए और परिणामी F1 संतति में सभी पौधे लंबे थे।

(c) द्वितीय पीढ़ी या F2 पीढ़ी में, जो कि F1 पीढ़ी के लंबे पौधों की संतति थीं, सभी पौधे लंबे थे।

(d) F2 संतति में लंबाई और बौनेपन के गुणों का प्रकट होना यह इंगित करता है कि दोनों गुण F1 पौधों में वंशानगत हुए थे।

Ans: (c) द्वितीय पीढ़ी या F2 पीढ़ी में, जो कि F1 पीढ़ी के लंबे पौधों की संतति थीं, सभी पौधे लंबे थे।

[RRB Group-D – 29/09/2022 (Shift-II)]

Explanation: यह कथन गलत है क्योंकि F2 पीढ़ी में सभी पौधे लंबे नहीं होते हैं। F2 पीढ़ी में लंबे और बौने पौधों का अनुपात 3:1 होता है, जिसका अर्थ है कि लगभग 25% पौधे बौने (अप्रभावी लक्षण वाले) भी प्राप्त होते हैं।

Extra Facts: मेंडल के प्रयोगों ने सिद्ध किया कि कारक (जीन) जोड़ों में होते हैं। F1 पीढ़ी विषमयुग्मजी (Tt) होती है, जिसके स्व-निषेचन से F2 पीढ़ी में लक्षणों का पृथक्करण संभव होता है।

232. लैंगिक प्रजनन में _______ के/का _______ शामिल होते हैं।

(a) समान लिंग, दो जनक

(b) विपरीत लिंगों, एक जनक

(c) विपरीत लिंगों, दो जनक

(d) कोई भी लिंग, एक जनक

Ans: (c) विपरीत लिंगों, दो जनक

[RRB Group-D 12-10-2018 (Shift-II)]

Explanation: लैंगिक प्रजनन में दो विपरीत लिंगों (नर और मादा) वाले जनकों की भागीदारी आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया में नर और मादा युग्मकों (Gametes) का संलयन होता है, जिसके परिणामस्वरूप नए जीव यानी युग्मनज (Zygote) का निर्माण होता है।

Extra Facts: लैंगिक जनन से संतानों में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है, जो जैव-विकास के लिए आवश्यक है। इसके विपरीत, अलैंगिक जनन में केवल एक ही जनक की आवश्यकता होती है।

233. मानव के अनिषेचित अंडे में होते हैं-

(a) XX क्रोमोसोम्स

(b) एक X क्रोमोसोम्स

(c) XY क्रोमोसोम्स

(d) एक Y क्रोमोसोम्स

Ans: (b) एक X क्रोमोसोम्स

[RRB Group-D 01-10-2018 (Shift-II)]

Explanation: मानव मादा में लिंग गुणसूत्र का जोड़ा समरूप (XX) होता है। जब अंडाणु का निर्माण अर्धसूत्री विभाजन द्वारा होता है, तो प्रत्येक अनिषेचित अंडे (Egg cell) में केवल एक ‘X’ गुणसूत्र ही पहुँचता है। अंडाणु में कभी भी Y गुणसूत्र नहीं पाया जाता।

Extra Facts: पुरुषों के शुक्राणुओं में या तो X या फिर Y गुणसूत्र पाया जाता है। यही कारण है कि आने वाली संतान का लिंग हमेशा पिता के शुक्राणु के प्रकार पर निर्भर करता है।

234. पुरुष शुक्राणु में गुणसूत्रों की संख्या है।

(a) 24

(b) 23

(c) 48

(d) 46

Ans: (b) 23

[RRB Group-D 12-10-2018 (Shift-I)]

Explanation: मानव की सामान्य दैहिक कोशिकाओं में 46 गुणसूत्र होते हैं, लेकिन जनन कोशिकाओं जैसे पुरुष के शुक्राणु (Sperm) में अर्धसूत्री विभाजन के कारण गुणसूत्रों की संख्या आधी यानी केवल 23 रह जाती है। यह एक अगुणित (Haploid) कोशिका होती है।

Extra Facts: निषेचन के समय जब 23 गुणसूत्रों वाला शुक्राणु और 23 गुणसूत्रों वाला अंडाणु मिलते हैं, तो युग्मनज में पुनः गुणसूत्रों की संख्या सामान्य (46) बहाल हो जाती है।

235. मानव शुक्राणु में कितने गुणसूत्र मौजूद हैं ?

(a) 21

(b) 24

(c) 23

(d) 22

Ans: (c) 23

[RRB Group-D 05-10-2018 (Shift-I)]

Explanation: मानव शुक्राणु एक नर युग्मक है, जिसमें गुणसूत्रों का केवल एक सेट (23 गुणसूत्र) पाया जाता है। इन 23 गुणसूत्रों में से 22 ऑटोसोम (अलैंगिक) होते हैं और अंतिम 1 गुणसूत्र लिंग गुणसूत्र (या तो X या Y) होता है।

Extra Facts: शुक्राणु मानव शरीर की सबसे छोटी कोशिका है। इसका निर्माण पुरुषों के वृषण (Testis) में ‘शुक्रजनन’ (Spermatogenesis) की जैविक प्रक्रिया द्वारा संपन्न होता है।

236. किस प्रकार का पुनर्जनन अधिक विविधता ला सकता है ?

(a) बीजांड द्वारा जनन

(b) पुनर्जनन

(c) लैंगिक

(d) मुकुलन

Ans: (c) लैंगिक

[RRB Group-D 09-10-2018 (Shift-II)]

Explanation: लैंगिक जनन में दो अलग-अलग जनकों (नर और मादा) के डीएनए का मिलन होता है। अर्धसूत्री विभाजन के दौरान होने वाले ‘जीन विनिमय’ (Crossing over) के कारण आनुवंशिक कूट बदलते हैं, जिससे उत्पन्न होने वाली संतान में सर्वाधिक आनुवंशिक विविधता देखने को मिलती है।

Extra Facts: अलैंगिक जनन (जैसे मुकुलन या विखंडन) से उत्पन्न संतानें आनुवंशिक रूप से हूबहू अपने जनक के समान होती हैं, जिन्हें वैज्ञानिक भाषा में ‘क्लोन’ कहा जाता है।

237. पीढ़ी (F1) में दिखाई देने वाला लक्षण हैं-

(a) मिश्रित लक्षण

(b) प्रबलता

(c) प्रबल और परिसारी

(d) प्रतिसारी

Ans: (b) प्रबलता

[RRB Group-D 08-10-2018 (Shift-I)]

Explanation: मेंडल के प्रभाविता (प्रबलता) के नियम के अनुसार, जब दो विपरीत शुद्ध आनुवंशिक लक्षणों वाले पौधों के बीच क्रॉस कराया जाता है, तो प्रथम पीढ़ी F1 में केवल प्रभावी लक्षण ही प्रकट होता है। अप्रभावी लक्षण इस पीढ़ी में छिपा रहता है।

Extra Facts: F1 पीढ़ी में छिपे हुए अप्रभावी (प्रतिसारी) लक्षण अगली पीढ़ी F2 में 3:1 के बाह्य स्वरूप अनुपात में पुनः स्वतंत्र रूप से दिखाई देने लगते हैं।

238. ________ ने वंशानुक्रम के नियमों को प्रतिपादित किया था।

(a) ग्रेगर मेंडल

(b) चार्ल्स डार्विन

(c) स्टेनले मिलर

(d) हेरोल्ड रे

Ans: (a) ग्रेगर मेंडल

[RRB Group-D 26-10-2018 (Shift-II)]

Explanation: आस्ट्रिया के वैज्ञानिक ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधों पर लगातार सात वर्षों तक प्रयोग कर वंशागति के मौलिक सिद्धांतों की खोज की थी। इसी महान खोज के कारण उन्हें ‘आधुनिक आनुवंशिकी का जनक’ कहा जाता है।

Extra Facts: मेंडल ने वंशागति के तीन मुख्य नियम दिए थे: प्रभाविता का नियम, पृथक्करण का नियम और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम। उन्होंने अपने शोध में सांख्यिकी का प्रयोग किया था।

239. ________ प्रयोग हमें गुणों की विरासत को एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी में ले जाने के लिए तंत्र प्रदान करते हैं।

(a) स्टेन्ली मिलर के

(b) डार्विन के

(c) मेंडल के

(d) हैरोल्ड उरे के

Ans: (c) मेंडल के

[RRB Group-D 15-11-2018 (Shift-II)]

Explanation: ग्रेगर मेंडल के संकरण प्रयोगों ने पहली बार यह स्पष्ट किया कि जैविक लक्षण अपरिवर्तित इकाइयों (जिन्हें उन्होंने ‘कारक’ कहा था) के माध्यम से माता-पिता से संतानों में स्थानांतरित होते हैं। यही आनुवंशिकता का मुख्य आधार बना।

Extra Facts: मेंडल द्वारा बताए गए ‘कारकों’ को ही आगे चलकर वर्ष 1909 में वैज्ञानिक विल्हेम जोहानसन ने ‘जीन’ नाम दिया, जो डीएनए के क्रियात्मक खंड होते हैं।

240. ________ ने सजीव वस्तुओं में लक्षणों की आनुवंशिकता के सिद्धांतों के प्रतिपादन में योगदान दिया।

(a) स्टेनली मिलर

(b) जे.बी. एस हेल्डेन

(c) चार्ल्स डार्विन

(d) ग्रेगर मेंडल

Ans: (d) ग्रेगर मेंडल

[RRB Group-D 18-09-2018 (Shift-II)]

Explanation: सजीवों में लक्षणों के माता-पिता से पीढ़ी-दर-पीढ़ी गमन की गणितीय और वैज्ञानिक व्याख्या सर्वप्रथम ग्रेगर जॉन मेंडल ने की थी। उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि आनुवंशिकता निश्चित नियमों के तहत संचालित होती है।

Extra Facts: मेंडल के सिद्धांतों को उनके जीवनकाल में पहचान नहीं मिली थी। उनकी मृत्यु के पश्चात वर्ष 1900 में ह्यूगो डी व्रीज, कार्ल कोरेन्स और एरिच शेरमाक ने स्वतंत्र रूप से उनके नियमों की पुनर्खोज की।

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