ANCIENT HISTORY
(प्राचीन इतिहास)
→ यह नोट्स RRB NTPC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किए गए महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह है। इसमें उत्तरों के साथ सरल और संक्षिप्त व्याख्या दी गई है ताकि विद्यार्थी आसानी से याद कर सकें।
सामग्री पूरी तरह कॉपीराइट-फ्री, शैक्षणिक उपयोग हेतु उपयुक्त और परीक्षा-उपयोगी है।
1. इनमें से कौन सा पाषाण युग (Stone Age) के तीन प्रमुख कालों के अंतर्गत नहीं आता है ?
(a) पुरापाषाण
(b) नवपषाण
(c) ताम्रपाषाण
(d) मध्यपाषाण
Ans. (c) ताम्रपाषाण
[RRB NTPC, 12 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- पाषाण युग में मनुष्य पत्थर के औजारों का उपयोग करता था। पाषाण युग के तीन चरण पुरापाषाण, मध्यपाषाण तथा नवपाषाण है। ताम्रपाषाण युग नवपाषाण युग के बाद आरम्भ हुआ जिसमें मनुष्य तांबे के औजारों का उपयोग करने लगा। लगभग 5000 ई.पू. में मनुष्य ने सर्वप्रथम तांबा धातु का प्रयोग किया था।
2. भीमबेटका की गुफाओं की खोज कब हुई थी ?
(a) 1955-56
(b) 1957-58
(c) 1954-55
(d) 1953-54
Ans. (b) 1957-58
[RRB NTPC, 14 Mar 2021 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- भीमबेटका की गुफाएँ भारत के मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है। ये गुफाएँ चारों तरफ से विंध्य पर्वतमालाओं से घिरी हुई हैं, यह एक पुरापाषाणिक गुफा आवास है जिसकी निरन्तरता मध्य ऐतिहासिक काल तक रही। इसकी खोज डॉक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर द्वारा 1957-1958 में की गई। वर्ष 2003 में यूनेस्कों ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया।
3. भीमबेटका के शैलाश्रय निम्नलिखित में से किसके लिए प्रसिद्ध है ?
(a) मौर्य वंश के दौरान की गई चित्रकारी के चिन्हों की वजह से
(b) मुगलों की मूर्तिकला के चिन्हों की वजह से
(c) प्रारंभिक द्रविड काल के चिन्हों की वजह से
(d) भारतीय उपमहाद्वीप पर मानव जीवन के प्राचीनतम चिन्हों की वजह से
Ans. (d) भारतीय उपमहाद्वीप पर मानव जीवन के प्राचीनतम चिन्हों की वजह से
[RRB NTPC, 10 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- मध्य प्रदेश के विन्ध्य क्षेत्र में भोपाल के दक्षिण पूर्व में रायसेन जिले में अवस्थित भीमबेटका गुफाओं से मानव जीवन के प्राचीनतम चिन्हों के प्रमाण मिले हैं। यद्यपि यहाँ अधिकांश चित्रकारी मध्यपाषाण युग की है, किन्तु यहाँ उत्तर-पुरापाषाण, ताम्रपाषाण काल, प्रारम्भिक ऐतिहासिक और मध्यकालीन युग के भी चित्र मिले हैं
4. भारत में पाषाण कालीन शिला चित्रकारी कहाँ पायी जाती है ?
(a) नालंदा
(b) भीमबेटका
(c) एलीफेंटा
(d) बाध गुफाए
Ans. (b) भीमबेटका
[RRB NTPC, 12 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- भीमबेटका भारत के मध्यप्रदेश प्रान्त के रायसेन जिलें में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है, जहाँ पर पाषाण कालीन शिला चित्रकारी पायी जाती है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा मानव गतिविधियों एवं सभ्यता के प्राक्-ऐतिहासिक काल का सही कालानुक्रम है ?
(a) पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल
(b) धातु युग काल, मध्यपाषाण काल, पुरापाषाण काल
(c) नवपाषाण काल, मध्यपाषाण काल, पुरापाषाण काल
(d) मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल, पुरापाषाण काल
Ans. (a) पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल
[RRB NTPC, 11 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- प्रागैतिहासिक काल से तात्पर्य इतिहास के उस युग से है जब मानव ने लिपि अथवा लेखन का विकास नहीं किया था और उसका जीवन पत्थरों के इर्द-गिर्द सीमित था इसीलिए इसे पाषाण काल भी कहते है। इस पाषाण काल अथवा प्रागैतिहासिक काल को तीन भागों में बांटकर देखा जा सकता है। पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल तथा नवपाषाण काल।
6. धौलावीरा _______ राज्य में स्थित है।
(a) गुजरात
(b) झारखंड
(c) राजस्थान
(d) छत्तीसगढ़
Ans. (a) गुजरात
[RRB NTPC, 15 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- धौलावीरा गुजरात के कच्छ जिले के भचाऊ तालुका में स्थित पुरातात्विक स्थल है। इस स्थल की खोज 1968 में जगपति जोशी द्वारा की गई थी। यहां पाये गये कलाकृतियों में टेराकोटा, मिट्टी के बर्तन, मोती, सोने एवं तांबे के गहने, जानवरों की मूर्तिया, उपकरण, कलश इत्यादि। जुलाई 2021 में यूनेस्को ने धौलावीरा को भारत के 40वें विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया। इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाला सिंधु सभ्यता का भारत का यह पहला स्थल है
7. धौलावीरा, एक पुरातात्विक स्थान, किस समयावधि से जुड़ी हुई है ?
(a) गुप्त अवधि
(b) मगध अवधि
(c) सिंधु घाटी सभ्यता
(d) चालुक्य अवधि
Ans. (c) सिंधु घाटी सभ्यता
[RRB NTPC, 12 Apr 2016 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- 6 प्रश्न की व्याख्या देखें।
8. मोहनजोदड़ो में पाया गया विशाल स्नानागार (The Great Bath) एक विशाल _______ था I
(a) वृत्ताकार टैंक
(b) बेलनाकार टैंक
(c) ब्रिभुजाकार टैंक
(d) आयताकार टैंक
Ans. (d) आयताकार टैंक
[RRB NTPC, 19 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- मोहनजोदड़ो में पाया गया विशाल स्नानागार एक विशाल आयताकार टैंक था। मोहनजोदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल था। इसकी खोज राखालदास बनर्जी ने 1922 में की थी। यहाँ से एक शील में तीन मुख वाले देवता (पशुपति नाथ) की मूर्ति मिली है।
9. वर्ष 1920-21 के आस – पास किस नदी के किनारे खुदाई के दौरान हड़प्पा शहर मिला ?
(a) झेलम
(b) व्यास
(c) चेनाब
(d) रावी
Ans. (d) रावी
[RRB NTPC, 12 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- हड़प्पा शहर सिंधु सभ्यता का एक शहर है जो पाकिस्तान के मोंटगोमरी जिले में रावी नदी के तट पर वर्ष 1920-21 में खुदाई के दौरान मिला था। इसके उत्खननकर्ता दयाराम साहनी एवं माधोस्वरूप वत्स थे।
10. सिंधु घाटी सभ्यता के किस शहर का शाब्दिक अर्थ ‘मृतकों का टीला’ है ?
(a) मेसोपोटामिया
(b) मोहनजोदड़ो
(c) बालाकोट
(d) हड़प्पा
Ans. (b) मोहनजोदड़ो
[RRB NTPC, 09 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- मोहनजोदड़ो का सिन्धी भाषा में अर्थ है “मृतकों का टीला”। यह दुनिया का सबसे पुराना नियोजित और उत्कृष्ट शहर माना जाता है। यह सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे परिपक्व शहर है। जो सिन्धु नदी के दायें किनारे लरकाना जिले में स्थित है। इसकी खोज राखलदास बनर्जी ने 1922 में की थी
11. ‘मोहनजोदड़ो’ शब्द का अर्थ क्या है ?
(a) रहने का स्थान
(b) बाजार स्थल
(c) मृतकों का टीला
(d) पसंदीदा शहर
Ans. (c) मृतकों का टीला
[RRB NTPC, 05 Apr 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- 10 प्रश्न की व्याख्या देखें।
12. मोहनजोदडो कहां स्थित है ?
(a) खैबर पख्तूनख्वा
(b) पंजाब
(c) बलूचिस्तान
(d) सिंध
Ans. (d) सिंध
[RRB NTPC, 02 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- मोहनजोदड़ो का सिंधी भाषा मे अर्थ ‘मृतकों का टीला’ होता है। यह सिंध (पाकिस्तान) के लरकाना जिले में सिंधु नदी के तट पर स्थित है। इसकी खोज 1922 ई. में राखालदास बनर्जी ने की थी। यहाँ की शासन व्यवस्था राजतंत्रात्मक न होकर जनतंत्रात्मक थी।
13. हड़प्पा सभ्यता का कौन सा शहर विशिष्ट रूप से मनके बनाना, सीप काटना, धातु की वस्तुएं बनाना, मुहर बनाना और तराजू का निर्माण करना आदि कार्यों सहित शिल्प उत्पादन के लिए समर्पित था ?
(a) मोहनजोदड़ों
(b) नागेश्वर
(c) हड़ण्पा
(d) चन्हुदड़ो
Ans. (d) चन्हुदड़ो
[RRB NTPC, 19 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- मोहनजोदड़ो से 80 मील दक्षिण में स्थित चन्हूदड़ो की खोज सर्वप्रथम 1931 में एम. जी. मजूमदार ने की थीं। यहाँ सैंधव संस्कृति के अतिरिक्त प्राक हड़प्पा संस्कृति जिसे झूकर एवं झाकर संस्कृति कहते है, के अवशेष मिले हैं। यहाँ के निवासी कुशल कारीगर थे, इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि यह मनके, सीप, मुहर तथा मुद्रा बनाने का प्रमुख केन्द्र था। यह एक मात्र स्थल है, जहाँ से वक्राकार ईंटे मिली है
14. सिंधू घाटी सभ्यता के निम्न में से किस स्थल को सबसे पहले खोजा गया था ?
(a) मोहनजोदड़ो
(b) हड़प्पा
(c) लोथल
(d) कालीबंगा
Ans. (b) हड़प्पा
[RRB NTPC, 18 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- सिंधु घाटी सभ्यता के स्थल हड़प्पा का उत्खनन 1921 में दयाराम साहनी द्वारा कराया गया था। इस प्रकार इस सभ्यता का नाम हड़प्पा सभ्यता रखा गया तथा यह सभ्यता सिंधु नदी घाटी में फैली हुई थी इसलिए इसका नाम सिंधु घाटी सभ्यता रखा गया। 1922 में राखालदास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो की खोज की थी।
15. पत्थर की बनी नृत्य करते हुए पुरुष की मूर्ति, ‘नटराज’ किस स्थान पर पाई गई थी ?
(a) लोथल
(b) रंगपुर
(c) हड़प्पा
(d) मोहनजोदड़ों
Ans. (c) हड़प्पा
[RRB NTPC, 13 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- हड़प्पा से प्राप्त पुरुष नर्तक धड़ ‘चूना पत्थर’ से बना हुआ है। वह दाहिने पैर के बल पर खड़ा है और बायां पैर नृत्य की मुद्रा में ऊँचा उठा है। इस मूर्ति को ‘नटराज’ के आदि रूप का
द्योतक माना गया है। इसकी ऊँचाई 7-8 इंच है।
16. इनमें से कौन सा हड़प्पा स्थल गुजरात में पाया गया है ?
(a) बालाथल
(b) खांडिया
(c) धौलावीरा
(d) मांडा
Ans. (c) धौलावीरा
[RRB NTPC, 05 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- हड़प्पा युगीन नगर धौलावीरा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने वैश्विक धरोहर की सूची में शामिल कर लिया हैं। यह गुजरात के रण ऑफ कच्छ में खादिर बेट द्वीप पर स्थित है। यह वैश्विक धरोहर की सूची में जगह बनाने वाला गुजरात का चौथा जबकि भारत का 40वां स्थल है। इसकी खोज 1968 ई. में पुरातत्ववेता जगतपति जोशी ने की थी।
17. निम्नलिखित में से कौन सा स्थल सिंधु घाटी सभ्यता का हिस्सा नहीं है ?
(a) मोहनजोदड़ो
(b) हड़प्पा
(c) लोथल
(d) उरूक
Ans. (d) उरूक
[RRB NTPC, 16 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- सिन्धु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल-मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, हड़प्पा, धौलावीरा, लोथल तथा राखीगढ़ी थे, जबकि उरूक एक सुमेरियन सभ्यता का शहर था। सिन्धु सभ्यता या हड़प्पा के प्रारम्भिक स्थल सिन्धु नदी के आस-पास केन्द्रित था। अतः इसे सिन्धु सभ्यता कहा गया। भारतीय उपमहाद्वीप में यह ‘प्रथम नगरीय क्रान्ति’ की अवस्था को दर्शाती है।
18. सिंधु सभ्यता के इनमें से किन स्थलों में जलाशयों के साक्ष्य मिले हैं ?
(a) कालीबंगा
(b) धौलावीरा
(c) कोट दीजी
(d) लोथल
Ans. (b) धौलावीरा
[RRB NTPC, 01 Apr 2021 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- धौलावीरा गुजरात के कच्छ के रण में स्थित है, इसकी खोज जे.पी. जोशी (1967-68) ने की। यह नगर आयताकार बना था। यहाँ से एक विशाल जलाशय का साक्ष्य मिलता है। सुरकोटदा से कलश शवाधान के साक्ष्य मिले हैं। रोपड़ से सेलखड़ी की मुहर, मृदभांड एवं कुल्हाड़ी आदि के साक्ष्य पाये गये हैं। यहाँ के निवासी जलसंचय की कुशल अभियान्त्रिक कला से परिचित थे।
19. पुरातात्विक स्थल ‘सुरकोटडा (Surkotada)’ किस राज्य में स्थित है ?
(a) राजस्थान
(b) पंजाब
(c) बिहार
(d) गुजरात
Ans. (d) गुजरात
[RRB NTPC, 03 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :-
‘सुरकोटदा’ या ‘सुरकोटडा’ गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। इस स्थल से ‘हड़प्पा सभ्यता’ के विस्तार के प्रमाण मिले हैं। 1996 में इस स्थल की खोज जगपति जोशी ने की थी।
सिंधुघाटी सभ्यता के स्थल राज्य
धौलावीरा, लोथल, रंगपुर, सुरकोटदा गुजरात
आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश
कालीबंगा राजस्थान
माण्डा जम्मू-कश्मीर
दैमाबाद महाराष्ट्र
रोपड़ पंजाब
20. किस वर्ष में जर्मनी और इटली के पुरातत्वविदों के एक दल ने मोहनजोदड़ो में सतह – अन्वेषण शुरू किया था ?
(a) 1955
(b) 1970
(c) 1980
(d) 1990
Ans. (c) 1980
[RRB NTPC, 15 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- वर्ष 1980 ई. में जर्मन और इटली (इतालवी) के पुरातत्वविदों की संयुक्त टीम ने मोहनजोदड़ो में सतह अन्वेषण को प्रारम्भ किया था। 1986 में अमेरीकी दल द्वारा हड़प्पा में उत्खनन प्रारम्भ किए गए और 1990 ई. में आर.एस. विष्ट ने धौलावीरा में उत्खननों को प्रारम्भ किया।
21. हड़प्पा सभ्यता की मुहरों पर निम्नलिखित में से कौन सा पशु अक्सर देखा जाता था ?
(a) बैल
(b) शेर
(c) लोमड़ी
(d) हिरन
Ans. (a) बैल
[RRB NTPC, 18 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- हड़प्पा सभ्यता में पायी गयी मुहरें आयताकार, गोलाकार, वर्गाकार एवं बेलनाकार थीं। इन मुहरों पर हाथी, गैंडा, बाघ, बकरी व बैल जैसे पशुओं की आकृति विद्यमान थी। उल्लेखनीय है कि हड़प्पा सभ्यता की मुहरें मध्य एशिया के ‘उम्मा’ और ‘उर’ शहरों में तथा इनके साक्ष्य मोहनजोदड़ो, लोथल तथा कालीबंगा से भी मिले है। जिससे इनके व्यापारिक क्रियाकलापों का बोध होता है।
22. निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा स्थल शिल्प-कलाओं के उत्पादन से संबंधित नहीं है ?
(a) बालाकोट
(b) माँडा
(c) चंहुदड़ो
(d) नागेश्वर
Ans. (b) माँडा
[RRB NTPC, 17 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के दायें तट पर स्थित सिंधु सभ्यता का माँडा स्थल शिल्प कलाओं के उत्पादन से संबंधित नहीं है। जबकि बालाकोट से बहुतायत में सीप की बनी चूड़ियों के टुकड़े प्राप्त हुए हैं तथा चन्हुदड़ो से वक्राकार ईंटे प्राप्त हुई हैं। नागेश्वर से शंख से बनी वस्तुएँ चूड़ियाँ, करछियाँ तथा पच्चीकारी की वस्तुएँ प्राप्त हुई है।
23. 1944 में, भारतीय पुरातत्व सर्वक्षण के महानिदेशक के रूप में किसने पदभार संभाला और हड़प्पा की खुदाई का जिम्मा लिया ?
(a) दया राम साहनी
(b) जॉन मार्शल
(c) रखाल दास बनज्जी
(d) रेम (REM) व्हीलर
Ans. (d) रेम (REM) व्हीलर
[RRB NTPC, 17 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- सर रॉबर्ट एरिक मॉर्टिमर व्हीलर ने 1944 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक का पदभार संभाला और हड़प्पा की खुदाई का जिम्मा लिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का प्रमुख कार्य राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारकों तथा पुरातत्वीय स्थलों और अवशेषों का रख-रखाव करना है। यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन है। वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की महानिदेशक वी. विद्यावती है।
24. प्रसिद्ध सिंधु घाटी स्थल मोहनजोदड़ो की पहली बार खुदाई किस प्रख्यात भारतीय पुरातत्वविद् द्वारा की गई थी ?
(a) एस.आर.राव
(b) बी.बी.लाल
(c) आर.डी. बैनरजी
(d) दया राम साहनी
Ans. (c) आर.डी. बैनरजी
[RRB NTPC, 17 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ ‘मृतकों का टीला’ है। यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना जिले में सिंधु नदी के तट पर स्थित है। इसकी खोज राखालदास बनर्जी ने 1922 में की थी। मोहनजोदड़ो का सबसे महत्वपूर्ण स्थल विशाल स्नानागार है, यह 11.88 मी. लम्बा, 7.01 मी. चौड़ा तथा 2.43 मी. गहरा है, मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत विशाल अन्नागार है, जो 45.71 मी. लम्बा और 15.23 मी. चौड़ा है। यहाँ से प्राप्त अन्य अवशेषों में कांसे की नृत्य करती नारी की मूर्ति, योगी की मूर्ति, मुद्रा पर अंकित पशुपति नाथ (शिव) की मूर्ति, घोड़े के दांत इत्यादि हैं।
25. हड़प्पा सभ्यता 2500 बी.सी. के आस-पास विकास किया था आज उन्हें हम क्या कहते हैं ?
(a) पाकिस्तान और अफगानिस्तान
(b) पश्चिमी भारत और पाकिस्तान
(c) अफगानिस्तान और पश्चिमी भारत
(d) भारत और चीन
Ans. (b) पश्चिमी भारत और पाकिस्तान
[RRB NTPC, 17 Jan 2017 (Shift-3) Stage 1st]
Explain :- हड़प्पा सभ्यता 2500 बी.सी. के आस-पास विकसित हुई थी। इस सभ्यता का विस्तार पश्चिमी भारत और पाकिस्तान में है। हड़प्पा रावी नदी के तट पर, पाकिस्तान के माण्टगोमरी जिले में स्थित है। इसकी खोज सन् 1921 में दयाराम साहनी एवं माधोस्वरूप वत्स ने की थी।
26. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी ?
(a) वस्तु विनिमय प्रणाली
(b) स्थानीय परिवहन प्रणाली
(c) ईट के बने भवन
(d) प्रशासनिक प्रणाली
Ans. (c) ईट के बने भवन
[RRB NTPC, 05 Apr 2016 (Shift-2) Stage 1st]
Explain :- सिन्धु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ईंट के बने भवन थे। यह विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में प्रमुख है। ईटों का प्रयोग सभी हड़प्पा बस्तियों में किया गया था। इस समय की ईटें एक निश्चित अनुपात 4:2:1 में थी।
27. सिन्धु घाटी सभ्यता है ?
(a) ताम्र युगीन सभ्यता
(b) लौह-युगीन सभ्यता
(c) अक्ष-युगीन सभ्यता
(d) कांस्य-युगीन सभ्यता
Ans. (d) कांस्य-युगीन सभ्यता
[RRB NTPC, 17 Jan 2017 (Shift-3) Stage 1st]
Explain :- सिन्धु घाटी सभ्यता को कांस्य युगीन सभ्यता भी कहा जाता है। इस सभ्यता में पहली बार कांसा धातु का प्रयोग किया गया था जो तांबे और टिन का मिश्रण था। सिन्धु सभ्यता के 1400 केन्द्रों को खोजा जा चुका है, जिसमें 925 केन्द्र भारत में है। यह सभ्यता सिंधु और उसकी सहायक नदियों के आस-पास विस्तृत थी।
28. हड़प्पा के लोग निम्नलिखित भगवान में से किसकी पूजा नहीं करते थे ?
(a) शिव
(b) विष्णु
(c) कबूतर
(d) स्वास्तिक
Ans. (b) विष्णु
[RRB NTPC, 11 Apr 2016 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- मोहनजोदड़ो की एक मुहर पर स्वास्तिक चिह्न तथा एक त्रिमुखी पुरुष को सिंहासन पर योग मुद्रा में बैठे दिखाया गया है जिसे शिव का आदि रूप माना जाता है। इसके दायें तरफ हाथी एवं बाघ तथा बायें तरफ गैंडा एवं भैंसे का अंकन है। हड़प्पा सभ्यता के लोग धरती को उर्वरता की देवी मानकर इसकी पूजा करते थे। पशु, पक्षी, जल, वृक्ष, सर्प, अग्नि आदि की पूजा भी हड़प्पा सभ्यता में होती थी। हड़प्पा सभ्यता के लोग भगवान विष्णु की पूजा नहीं करते थे।
29. वेदों का इनमें से कौन सा अंग जटिल शब्दों के अर्थ एवं व्याख्या के लिए प्रसिद्ध है ?
(a) कल्प
(b) छंद
(c) व्याकरण
(d) निरुक्त
Ans. (d) निरुक्त
[RRB NTPC, 23 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- वेदों के अंग को वेदांग कहा जाता है। वेदांगों की संख्या छः है शिक्षा, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष और कल्प। इनमें से वेदों का अंग ‘निरुक्त’ जटिल शब्दों के अर्थ एवं व्याख्या के लिए प्रसिद्ध है। जो कठिन शब्द व्याकरण की पहुँच से बाहर थे, उनके अर्थ जानने के लिए ही निरूक्त की रचना हुई। निरूक्त के रचयिता यास्क है। यास्क मुनि ने निरूक्त को व्याकरण का पूरक माना है।
30. भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य, ‘सत्यमेव जयते’ (अर्थात “सत्य की हमेशा विजय होती है”) किस प्राचीन भारतीय शास्त्र से उद्धत एक मंत्र है ?
(a) ऋग्वेद
(b) मुण्डकोपनिषद्
(c) भगवद् गीता
(d) मत्स्य पुराण
Ans. (b) मुण्डकोपनिषद्
[RRB NTPC, 02 Apr 2016 (Shift-3) Stage 1st]
[RRB NTPC, 02 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]
Explain :- भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ (अर्थात् सत्य की हमेशा विजय होती है) मुण्डकोपनिषद् से लिया गया है। इसका उल्लेख सम्राट अशोक द्वारा बनवाये गये सिंह स्तम्भ (सारनाथ) में भी रहा है जिसे हू-ब-हू भारत के राष्ट्रीय प्रतीक में शामिल किया गया है।
