RRB NTPC BIOLOGY PREVIOUS YEAR QUESTION P1

BIOLOGY

 (जीव विज्ञान)

RRB NTPC परीक्षा में सामान्य विज्ञान (General Science) के अंतर्गत Biology एक महत्वपूर्ण विषय है। इसमें जीवों की संरचना, कोशिका, मानव शरीर, पौधों और पशुओं के अध्ययन से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इस नोट्स में RRB NTPC के पिछले वर्षों के महत्वपूर्ण Biology Questions and Answers को सरल भाषा में समझाया गया है ताकि आपकी तैयारी मजबूत हो सके।

1. सब्जियों, फलों और फूलों जैसी उच्‍च मूल्‍य वाली फसलों की खेती को क्‍या कहा जाता है ?

(A) सेरीकल्‍चर

(B) पिसीकल्‍चर

(C) एपीकल्‍चर

(D) हॉर्टीकल्‍चर

Ans. (D) हॉर्टीकल्‍चर

[RRB NTPC, 09.02.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- हॉर्टीकल्चर फलों, सब्जियों, फूलों और सजावटी पौधों की वैज्ञानिक खेती को कहा जाता है। यह कृषि की वह उन्नत शाखा है जिसमें उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन की तकनीकें सिखाई जाती हैं। इसमें पौधों की किस्मों का विकास, सिंचाई, पोषण प्रबंधन और संरक्षण प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। इसे हिंदी में उद्यानिकी भी कहा जाता है। शहरी बागवानी से लेकर व्यावसायिक उद्यानों तक इसका व्यापक उपयोग होता है।

2. कोशिकाओं के अध्‍ययन को _______ कहा जाता है।

(A) सीरोलॉजी

(B) साइटोप्‍लाज्‍म

(C) साइटोलॉजी 

(D) इटियोलॉजी

Ans. (C) साइटोलॉजी

[RRB NTPC 08.02.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- साइटोलॉजी वह विज्ञान है जिसमें कोशिकाओं की बनावट, कार्य और उनके अंगों का विश्लेषण किया जाता है। यह सूक्ष्मदर्शी की सहायता से कोशिकाओं की संरचना को विस्तार से समझने में मदद करता है। कैंसर, आनुवंशिकी और रोग पहचान में साइटोलॉजी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोशिका सिद्धांत का विकास इसी अध्ययन के आधार पर हुआ। यह जीवन की मूल इकाई को वैज्ञानिक रूप से समझने की प्रक्रिया है।

3. विटीकल्‍चर (Viticulture) क्‍या है ?

(A) सब्जियों की खेती

(B) आम की खेती

(C) अंगूर की खेती 

(D) फूलों की खेती

Ans. (C) अंगूर की खेती

[RRB NTPC, 11.01.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- विटीकल्चर अंगूर की वैज्ञानिक खेती और उनसे वाइन निर्माण की प्रक्रिया का अध्ययन है। इसमें मिट्टी, जलवायु, सिंचाई और छंटाई जैसी तकनीकों का उपयोग करके बेलों का प्रबंधन किया जाता है। फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे देशों में यह प्रमुख कृषि व्यवसाय है। अंगूर से जूस, किशमिश और वाइन उत्पादित करने की पूरी प्रक्रिया इसी शाखा में आती है। यह बागवानी की विशेषीकृत उपशाखा मानी जाती है।

4. एपिग्रॉफी (Epigraphy) का क्‍या अभिप्राय है ?

(A) कंकालों का अध्‍ययन

(B) शिलालेखों का अध्‍ययन 

(C) मानचित्रों का अध्‍ययन

(D) सिक्‍कों का अध्‍ययन

Ans. (B) शिलालेखों का अध्‍ययन

[RRB NTPC, 19.01.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- एपिग्राफी वह विद्या है जिसमें प्राचीन शिलालेखों और अभिलेखों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। यह इतिहास, भाषा और प्रशासन से संबंधित विश्वसनीय प्रमाण प्रदान करती है। धातु, पत्थर, मिट्टी और दीवारों पर लिखे अभिलेख इसमें शामिल होते हैं। भारतीय इतिहास में अशोक के शिलालेख इसका प्रमुख उदाहरण हैं। यह प्राचीन सभ्यताओं को समझने का महत्वपूर्ण साधन है।

5. पक्षियों के अध्‍ययन को क्‍या कहा जाता है ?

(A) हर्पेटोलॉजी

(B) ऑप्‍थेल्‍मोलॉजी

(C) एंथ्रोपोलॉजी

(D) ऑर्निथोलॉजी 

Ans. (D) ऑर्निथोलॉजी

[RRB NTPC, 18.01.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- ऑर्निथोलॉजी पक्षियों की संरचना, व्यवहार, प्रजातियों और उनके पर्यावरणीय संबंधों का अध्ययन है। इसमें पक्षियों के प्रवास, भोजन, घोंसले बनाने और आवाज़ों का विश्लेषण किया जाता है। यह विज्ञान पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पक्षियों के आधार पर जलवायु परिवर्तन के संकेत भी समझे जाते हैं। यह जीवविज्ञान की एक विशिष्ट शाखा है।

6. पक्षियों के अध्‍ययन को क्‍या कहा जाता है ?

(A) एंटोमोलॉजी

(B) ओर्निथोलॉजी 

(C) बर्डोलॉजी

(D) हर्पेटोलॉजी

Ans. (B) ओर्निथोलॉजी

[RRB NTPC, 28.03.2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- ओर्निथोलॉजी में पक्षियों की पहचान, आकृति-विज्ञान, प्रवासी मार्गों और व्यवहारिक आदतों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। यह विज्ञान वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को समझने में उपयोगी है। शोधकर्ता पक्षियों के आधार पर मानव-जनित परिवर्तनों के प्रभाव भी मापते हैं। कई देशों में इसे एक स्वतंत्र शोध-विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। यह पक्षी-विज्ञान की औपचारिक शाखा है।

7. ‘सेरीकल्‍चर (Sericulture)’ शब्‍द निम्‍नलिखित में से सिसके संबंधित है ?

(A) मछली पालन

(B) रेशम की खेती  

(C) पक्षी पालन

(D) मधुमक्‍खी पालन

Ans. (B) रेशम की खेती

[RRB NTPC, 28.12.2020 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- सेरीकल्चर रेशम के कीड़ों को पालकर उनसे प्राकृतिक रेशम प्राप्त करने की प्रक्रिया है। इसमें शहतूत के पत्तों पर सिल्कवर्म पाले जाते हैं ताकि वे कोकून तैयार कर सकें। कोकून से गर्म प्रक्रिया द्वारा रेशम का धागा निकाला जाता है। भारत, चीन और जापान में यह एक महत्वपूर्ण ग्रामीण उद्योग है। यह पूरी तरह तापमान, नमी और उचित भोजन पर आधारित तकनीकी कार्य है।

8. सेरीकल्‍चर (Sericulture) किससे संबंधित है ?

(A) मधुमक्‍खी पालन

(B) पौधों का विकास

(C) रेशम के कीड़ों का पालन 

(D) मत्‍स्‍य पालन

Ans. (C) रेशम के कीड़ों का पालन

[RRB NTPC, 05.04.2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- सेरीकल्चर में अंडों से लेकर परिपक्व कीड़े तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित ढंग से अपनाया जाता है। कोकून बनने के बाद इन्हें प्रोसेस कर कच्चा रेशम निकाला जाता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का बड़ा स्रोत है। रेशम की गुणवत्ता पालन की स्वच्छता और भोजन पर निर्भर करती है। यह कृषि और उद्योग दोनों का सम्मिलित रूप है।

9. निम्‍नलिखित में से कौन सा शब्‍द पशु व्‍यवहार के जैविक अध्‍ययन का सबसे अच्‍छा वर्णन करता है ?

(A) इटियोलॉजी

(B) इथनोलॉजी

(C) एंटोमोलॉजी

(D) इथोलॉजी 

Ans. (D) इथोलॉजी

[RRB NTPC, 12.01.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- इथोलॉजी में पशुओं के प्राकृतिक व्यवहार और उनके पर्यावरणीय संबंधों का अध्ययन किया जाता है। इसमें भोजन खोज, समाजिक व्यवहार, संचार, प्रजनन और क्षेत्रीयता जैसे पहलुओं को समझा जाता है। कोनराड लोरेंज जैसे वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र को वैज्ञानिक आधार दिया। वन्यजीव संरक्षण और प्रजाति प्रबंधन में इसका महत्व बढ़ता जा रहा है। यह बताता है कि व्यवहार कैसे विकसित होता है और किन जैविक कारणों से बदलता है।

10. निम्‍नलिखित में से किसमें मनुष्‍य का अध्‍ययन होता है ?

(A) आर्कियोजूलॉजी

(B) आर्कियोलॉजी

(C) एंथ्रोपोलॉजी  

(D) एंड्रोलॉजी

Ans. (C) एंथ्रोपोलॉजी

[RRB NTPC, 10.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- एंथ्रोपोलॉजी मानव की उत्पत्ति, विकास, शरीर संरचना, भाषा और संस्कृति का विस्तृत विज्ञान है। इसमें प्राचीन मानव अवशेषों से लेकर आधुनिक समाजों के व्यवहार तक का अध्ययन किया जाता है। यह चार शाखाओं—भौतिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक और भाषायी—में विभाजित है। मानव सभ्यता के विकासक्रम को समझने में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। इतिहास, समाजशास्त्र और पुरातत्व के साथ इसका घनिष्ठ संबंध है।

11. निषेचन, विकास, विभाजन और विभिन्‍नता के अध्‍ययन को किस नाम से जाना जाता है ?

(A) भ्रूणविज्ञान  

(B) फिजियोलॉजी

(C) आनुवांशिकी

(D) क्रमागत उन्‍नति

Ans. (A) भ्रूणविज्ञान 

[RRB NTPC, 30.04.2016 (Shift-1) Stage 1st ]

Explain :- भ्रूणविज्ञान जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसमें निषेचन से जन्म तक भ्रूण के संपूर्ण विकास का अध्ययन किया जाता है। इसमें कोशिका विभाजन, ऊतकों का निर्माण और विभिन्न अंगों के क्रमिक निर्माण की प्रक्रिया शामिल होती है। यह विज्ञान बताता है कि एक एकल कोशिका कैसे पूर्ण विकसित जीव का रूप लेती है। चिकित्सा और विकासात्मक जीवविज्ञान में इसका विशेष महत्व है क्योंकि इससे जन्मजात विकृतियों के कारणों को समझा जाता है।

12. पौधों में बीमारियों का अध्‍ययन और वह तरीका जिससे पौधे विरोध करते हैं या संक्रमण से सामना करते हैं, कहलाता है –

(A) विकृति विज्ञान

(B) क्रिया विज्ञान

(C) फाइटोपैथालाजी  

(D) फोटोमार्फोजेनिस

Ans. (C) फाइटोपैथालाजी

[RRB NTPC, 29.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- फाइटोपैथोलॉजी पौधों में होने वाले रोगों और उनके कारकों जैसे—फफूँद, बैक्टीरिया, वायरस और नेमाटोड—का अध्ययन करने वाली शाखा है। यह यह भी समझाती है कि पौधे रोगों से कैसे लड़ते हैं और उनकी प्रतिरोधक क्षमता कैसे विकसित होती है। कृषि विज्ञान में इसका महत्वपूर्ण उपयोग है क्योंकि यह फसल संरक्षण की वैज्ञानिक विधियाँ प्रदान करती है। इससे खाद्य उत्पादन बढ़ाने और फसल हानि को कम करने में मदद मिलती है।

13. जीवित चीजों पर मृदा के प्रभाव का अध्‍ययन, मृदा विज्ञान की किस शाखा के अंतर्गत किया जाता है ?

(A) एन्ड्रोलॉजी

(B) एडाफोलॉजी   

(C) एग्रोबायोलॉजी

(D) डेस्मोलॉजी

Ans. (B) एडाफोलॉजी

[RRB NTPC, 28.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- एडाफोलॉजी मिट्टी और उसमें रहने वाले जीवों के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन करती है। यह समझती है कि मिट्टी के भौतिक-रासायनिक गुण पौधों तथा सूक्ष्म जीवों को कैसे प्रभावित करते हैं। कृषि भूमि की उर्वरता, पौधों की वृद्धि और पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता को जानने में इसका उपयोग होता है। फसल प्रबंधन और मिट्टी संरक्षण की योजनाएँ बनाने में भी यह महत्वपूर्ण मानी जाती है।

14. निम्नलिखित में से शरीर विज्ञान एवं चिकित्सा की वह कौन सी शाखा है, जो पुरुषों के विशिष्‍ट रोगों एंव स्थितियों से संबंधित है ?

(A) एन्ड्रोलॉजी     

(B) एस्टाकोलॉजी

(C) बायोकोलॉजी

(D) डेस्मोलॉजी

Ans. (A) एन्ड्रोलॉजी 

[RRB NTPC, 28.04.2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- एंड्रोलॉजी चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जो पुरुष प्रजनन तंत्र, हार्मोन, यौन स्वास्थ्य और पुरुष-विशिष्ट रोगों का अध्ययन करती है। यह पुरुष बांझपन, प्रोस्टेट विकार, हार्मोनल असंतुलन और यौन विकृतियों के निदान-उपचार से जुड़ी है। आधुनिक चिकित्सा में इसका महत्व लगातार बढ़ रहा है क्योंकि पुरुष स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ तेजी से पहचानी जा रही हैं।

15. निम्नलिखित में से चिकित्सा विज्ञान की कौन-सी प्रशाखा यकृत के उपचार और अध्‍यायन से संबंधित है ?

(A) हेलकोलॉजी

(B) हेप्टोलॉजी     

(C) हेटेरोलॉजी

(D) जेरीऐट्रिक्स

Ans. (B) हेप्टोलॉजी 

[RRB NTPC, 27.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- हेप्टोलॉजी यकृत, पित्ताशय और अग्न्याशय से संबंधित रोगों का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें हेपेटाइटिस, सिरोसिस, फैटी लिवर रोग और पित्त नलिकाओं के विकारों का उपचार शामिल है। यह शाखा आंतरिक चिकित्सा की एक महत्वपूर्ण उपशाखा है क्योंकि यकृत शरीर की अधिकांश रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों के साथ हेप्टोलॉजी का महत्व और बढ़ गया है।

16. जीवों के वर्गीकरण से संबंधित जीव विज्ञान की शाखा को क्या कहते हैं ?

(A) वर्गीकरण विज्ञान    

(B) नोथोलॉजी

(C) शरीर रचना विज्ञान

(D) सरोविज्ञान

Ans. (A) वर्गीकरण विज्ञान

[RRB NTPC, 28.04.2016 (Shift-1) Stage 1st ]

Explain :- वर्गीकरण विज्ञान जीवों को उनके लक्षणों, संरचना, विकासीय संबंध और आनुवंशिक समानताओं के आधार पर विभिन्न समूहों में बाँटने का अध्ययन है। यह जीवन की विविधता को व्यवस्थित रूप से समझने का माध्यम है। लिनियस द्वारा विकसित द्विनाम पद्धति इसी शाखा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण में टैक्सोनॉमी का केंद्रीय महत्व है।

17. विज्ञान की एक शाखा जो जीवन या पृथ्‍वी से परे मौजूद जीवन की संभानवाओं से संबंधित है उसको क्‍या कहा जाता है ?

(A) एंटोमोलॉजी

(B) एक्‍सोबायोलॉजी

(C) माईकोलॉजी

(D) जीवाश्‍म विज्ञान

Ans. (B) एक्‍सोबायोलॉजी

[RRB NTPC, 07.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- एक्सोबायोलॉजी ब्रह्मांड में पृथ्वी से बाहर जीवन के अस्तित्व और उसकी संभावनाओं का अध्ययन करती है। यह ग्रहों, चंद्रमाओं, उल्काओं और अंतरिक्ष में मौजूद रसायनों में जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की खोज करती है। NASA तथा अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के मिशन इसी विज्ञान पर आधारित होते हैं। यह जीवन की उत्पत्ति और ब्रह्मांड में उसके विस्तार को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

18. ________  तत्‍वों और मानव जैसी प्रजातियों जैसे कि बंदर, वानर, वनमानुष आदि के व्‍यवहार का अध्‍ययन हैं –

(A) एंथ्रोपोलॉजी

(B) एथनोबॉटनी

(C) प्रामेटोलॉजी

(D) एपोलॉजी

Ans. (C) प्रामेटोलॉजी

[RRB NTPC, 07.04.2016 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- प्राइमेटोलॉजी में बंदर, वानर, गोरिल्ला, चिम्पैंजी और मानव जैसे प्राइमेट जीवों का अध्ययन किया जाता है। यह उनकी शारीरिक संरचना, व्यवहार, सामाजिक संरचना और विकासीय इतिहास को समझने पर आधारित है। मानव विकास और सामाजिक व्यवहार के कई पहलू प्राइमेट्स के अध्ययन से स्पष्ट होते हैं। यह शाखा मानव-विज्ञान और जीव-विज्ञान दोनों से जुड़ी मानी जाती है।

19. निम्‍नलिखित में से कौन सा मकड़ियों का अध्‍ययन है ?

(A) अर्कनोलॉजी

(B) ऐन्‍थ्रोपोलॉजी

(C) एपियोलॉजी

(D) साइनोलॉजी

Ans. (A) अर्कनोलॉजी

[RRB NTPC, 09.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- अर्कनोलॉजी उन जीवों का अध्ययन है जो आरेक्निड वर्ग में आते हैं, जैसे—मकड़ियाँ, बिच्छू, कुटिलजीव आदि। यह उनकी संरचना, व्यवहार, विष, पारिस्थितिकी और वर्गीकरण को समझती है। कृषि व चिकित्सा दोनों क्षेत्रों में इसका महत्व है क्योंकि कई मकड़ियाँ उपयोगी होती हैं, जबकि कुछ का विष घातक हो सकता है। जैव विविधता संरक्षण में यह शाखा विशेष योगदान देती है।

20. सारोलॉजी (Saurology) ________ का अध्‍ययन है –

(A) मच्‍छर

(B) छिपकली

(C) तिलचट्टा

(D) साँप

Ans. (B) छिपकली

[RRB NTPC, 10.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- सारोलॉजी विशेष रूप से छिपकलियों सहित सरीसृपों की एक उपशाखा का अध्ययन है। इसमें उनकी संरचना, चाल-चलन, पर्यावरणीय अनुकूलन और वर्गीकरण का विश्लेषण किया जाता है। छिपकलियाँ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए उनका अध्ययन आवश्यक माना जाता है। यह हर्पेटोलॉजी की एक विशिष्ट उपशाखा है।

21. ________ लिखित दस्‍तावेज है जो एक मानव विज्ञानी संस्‍कृति का चित्रण दर्शाते अनुसंधान से तैयार करता है ।

(A) एथनोग्राफी

(B) कल्‍चरल रेलेटिविस्‍म

(C) एथनोसेट्रिस्‍म

(D) एथनोबॉटनी

Ans. (A) एथनोग्राफी 

[RRB NTPC, 11.04.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- एथनोग्राफी मानव संस्कृति के प्रत्यक्ष अवलोकन पर आधारित एक विस्तृत लिखित विवरण होता है। इसमें मानव विज्ञानी किसी समुदाय के जीवन, रीति-रिवाजों और सामाजिक व्यवहार का वास्तविक अध्ययन दर्ज करता है। यह गुणात्मक अनुसंधान की एक प्रमुख विधि मानी जाती है। इसमें लंबे समय तक समुदाय के साथ रहते हुए डेटा संग्रह किया जाता है। इसलिए इसे संस्कृति का वैज्ञानिक और वर्णनात्मक चित्रण कहा जाता है।

22. प्राचीन काल के जानवरों, पौधों एवं अन्‍य जीवों के संरक्षित अवशेषों या चिन्‍हों के अध्‍ययन का विज्ञान कहलाता है –

(A) नृविज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी)

(B) पुरातत्‍व विज्ञान (आर्कियोलॉजी)

(C) जीवाश्‍म विज्ञान (पैलिओटोलॉजी)

(D) औषध विज्ञान (फार्माकोलॉजी)

Ans. (C) जीवाश्‍म विज्ञान (पैलिओटोलॉजी)

[RRB NTPC, 28.03.2016 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- पैलिओटोलॉजी पृथ्वी पर प्राचीन जीवन के अवशेषों और जीवाश्मों का वैज्ञानिक अध्ययन है। इस शाखा के माध्यम से करोड़ों वर्ष पुराने पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों के संरक्षित निशानों को समझा जाता है। यह पृथ्वी के जैविक इतिहास को पुनर्निर्मित करने में मदद करती है। इसके अध्ययन से प्रजातियों के विकास क्रम का पता चलता है। इसलिए इसे जीवाश्म विज्ञान भी कहा जाता है।

23. पादप विज्ञान (Phytology) में किसका अध्‍ययन किया जाता है ?

(A) मानव शरीर रचना

(B) पौधों

(C) शुद्धमात्रिकी (Posology)

(D) मानव मनोविज्ञान

Ans. (B) पौधों

[RRB NTPC, 30.03.2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- फाइटोलॉजी, जिसे पादप विज्ञान या बॉटनी भी कहा जाता है, पौधों के अध्ययन की मूलभूत शाखा है। इसमें पौधों की संरचना, कार्य, वर्गीकरण और जीवन चक्रों का वैज्ञानिक विश्लेषण शामिल है। यह कृषि, औषधीय वनस्पति और पर्यावरणीय अध्ययनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पौधों के विकास और उनकी जैविक प्रक्रियाएँ भी इसी में समझी जाती हैं। इसलिए यह जीवविज्ञान की एक मुख्य शाखा है।

24. ऑन्‍कोलॉजी (Oncology) किस बीमारी के उपचार से जुड़ है ?

(A) अस्थि-सुषिरता

(B) मधुमेह

(C) कैंसर

(D) वृक्‍क संबंधी विफलता

Ans. (C) कैंसर

[RRB NTPC, 30.03.2016 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- ऑन्कोलॉजी चिकित्सा की वह विशेष शाखा है जो कैंसर के निदान, उपचार और शोध से जुड़ी है। इसमें ट्यूमर की प्रकृति, उनका फैलाव और शरीर पर प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। कैंसर रोगियों के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी समेत विभिन्न उपचार पद्धतियाँ इसी के अंतर्गत आती हैं। यह आधुनिक चिकित्सा में अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसका उद्देश्य कैंसर को नियंत्रित करना और जीवन बचाना होता है।

25. कवक विज्ञान क्‍या है ?

(A) बैक्‍टीरिया का अध्‍ययन

(B) कुकुरमुत्ता का अध्‍ययन

(C) वायरस का अध्‍ययन

(D) परजीवियों का अध्‍ययन

Ans. (B) कुकुरमुत्ता का अध्‍ययन

[RRB NTPC, 31.03.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- माइकॉलॉजी विज्ञान की वह शाखा है जो कवक या फंगस का अध्ययन करती है। इसमें कुकुरमुत्तों, यीस्ट और मोल्ड जैसे जीवों की संरचना, कार्य और वर्गीकरण को समझा जाता है। फंगस पर्यावरणीय संतुलन और अपघटन प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई फंगस औषधि उद्योग और खाद्य उद्योग में भी उपयोग होते हैं। इसलिए यह जीवविज्ञान की एक आवश्यक उपशाखा है।

26. ओनेरियोलॉजी किसका अध्‍ययन है ?

(A) भगवान

(B) सपने

(C) नींद

(D) रंग

Ans. (B) सपने  

[RRB NTPC, 03.04.2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- ओनेरियोलॉजी मनुष्य के सपनों के वैज्ञानिक अध्ययन की शाखा है। यह नींद के दौरान उत्पन्न मानसिक छवियों और विचार प्रक्रियाओं को समझने का प्रयास करती है। इसमें सपनों के कारण, प्रकार और उनके मनोवैज्ञानिक प्रभावों का विश्लेषण किया जाता है। यह नींद विज्ञान और मनोविज्ञान दोनों से संबंधित है। कई शोध REM नींद और सपनों के संबंध को इसी क्षेत्र में समझाते हैं।

27. टॉक्सिकोलॉजी (Toxicology) किसका अध्‍ययन है ?

(A) इंसानी व्‍यवहार

(B) जहर

(C) भू-क्षरण

(D) चट्टा

Ans. (B) जहर

[RRB NTPC, 05.04.2016 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- टॉक्सिकोलॉजी वह विज्ञान है जो जहरों, विषाक्त पदार्थों और उनके प्रभावों का अध्ययन करता है। यह शरीर पर विषाक्त तत्वों के क्रियाकलाप और उनसे उत्पन्न हानियों को समझने में मदद करता है। औषधि, पर्यावरण और फॉरेंसिक क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग है। विषाक्तता के उपचार और सुरक्षा मानकों का निर्धारण भी इसी शाखा द्वारा किया जाता है। इसलिए इसे विष विज्ञान कहा जाता है।

28. टैक्‍सोनोमी (Taxonomy) मूल रूप से ________ से संबंधित है –

(A) जैव विविधता

(B) कर ढँचा

(C) खगोल विज्ञान की एक शाखा

(D) मानव व्‍यवहार का अध्‍ययन

Ans. (A) जैव विविधता

[RRB NTPC, 19.04.2016 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- टैक्सोनॉमी जीवों के वैज्ञानिक वर्गीकरण का अध्ययन है। इसमें पृथ्वी पर मौजूद जैव विविधता को समूहों में व्यवस्थित किया जाता है। यह प्रजातियों की पहचान, नामकरण और श्रेणीकरण के नियम निर्धारित करती है। आधुनिक टैक्सोनॉमी डीएनए स्तर पर भी प्रजातियों का विश्लेषण करती है। इसका आधार कैरोलस लिन्नियस द्वारा विकसित प्रणाली पर आधारित है।

29. निम्‍न में से किसे ‘कोशिका का पावरहॉउस’ कहा जाता है ?

(A) माइटोकॉन्ड्रिया

(B) लाल रक्‍त कणिकाएं

(C) श्‍वेत रक्‍त कणिकाएं

(D) प्‍लाज्‍मा झिल्‍ली

Ans. (A) माइटोकॉन्ड्रिया

[RRB NTPC, 17.06.2022 (Shift-3) Stage 2nd]

Explain :- माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का प्रमुख ऊर्जा उत्पादन केंद्र होता है। यह ग्लूकोज को तोड़कर ATP नामक ऊर्जा अणु बनाता है, इसलिए इसे “Powerhouse of the Cell” कहा जाता है। यह दोहरी झिल्ली से घिरा होता है और आत्म-प्रजनन क्षमता रखता है। कोशिका की अधिकांश चयापचय क्रियाएँ इसी पर निर्भर करती हैं। यह केवल यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाता है।

30. यूकैरियोटिक कोशिकाओं के निम्‍न में से किस कोशिकांग को आत्‍मघाती थैली भी कहा जाता है ?

(A) माइटोकॉन्ड्रिया

(B) गॉल्‍जी काय

(C) क्‍लोरोप्‍लास्‍ट

(D) लाइसोसोम

Ans. (D) लाइसोसोम

[RRB NTPC, 13.06.2022 (Shift-2) Stage 2nd]

Explain :- लाइसोसोम कोशिका में पाचक एंजाइमों से भरी छोटी झिल्ली-बद्ध थैली होती है। यह अनावश्यक और क्षतिग्रस्त पदार्थों को पचाने का कार्य करती है। अत्यधिक क्षति होने पर यह अपने ही एंजाइम छोड़कर कोशिका को नष्ट कर सकती है, इसलिए इसे “Suicidal Bag” कहा जाता है। यह केवल यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाता है। कोशिका की सफाई प्रणाली इसी पर निर्भर करती है।

31. रॉबर्ट हुक (Robert Hook) द्वारा कोशिका की खोज किस प्रकार की गई ?

(A) पेड़ के पत्तों का निरीक्षण करते हुए

(B) एक प्‍याज के छिलके को निरीक्षण करते हुए

(C) रक्‍त का निरीक्षण करते हुए

(D) कॉर्क का निरीक्षण करते हुए

Ans. (D) कॉर्क का निरीक्षण करते हुए

[RRB NTPC, 14.03.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- रॉबर्ट हुक ने 1665 में सूक्ष्मदर्शी द्वारा कॉर्क के पतले कटाव का अवलोकन किया। उन्हें छोटे-छोटे कक्ष जैसे संरचनाएँ दिखीं, जिन्हें उन्होंने “Cell” नाम दिया। ये वास्तव में मृत कोशिकाओं की दीवारें थीं। उनकी पुस्तक Micrographia में यह खोज दर्ज है। यही कोशिका के अध्ययन की शुरुआत मानी जाती है।

32. कोशिका की खोज किसने की थी ?

(A) थियोडोर श्‍वान

(B) रॉबर्ट हुक

(C) मैथियास श्‍लेयडेन

(D) रुडोल्‍फ विरचो

Ans. (B) रॉबर्ट हुक

[RRB NTPC, 30.12.2020 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- कोशिका की खोज 1665 में रॉबर्ट हुक ने की। उन्होंने माइक्रोस्कोप से कॉर्क के टुकड़े को देखते हुए छोटे-खाली कक्षों को पहचाना। इन्हें उन्होंने “Cell” नाम दिया, जिसका अर्थ कक्ष होता है। यह खोज जीवविज्ञान में एक मील का पत्थर साबित हुई। इसी के बाद जीवों की मूल इकाई के रूप में कोशिका को मान्यता मिली।

33. केंद्रक और कोशिका झिल्‍ली के बीच मौजूद जेली जैसे पदार्थ को क्‍या कहा जाता है ?

(A) कर्णीय

(B) कोशिकाद्रव्‍य

(C) उल्‍ब

(D) फुफ्फुसीय

Ans. (B) कोशिकाद्रव्‍य

[RRB NTPC, 21.03.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- कोशिकाद्रव्य एक जेली जैसा अर्ध-द्रव पदार्थ है जो कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच फैला होता है। इसमें सभी कोशिकांग तैरते रहते हैं और अपनी क्रियाएँ करते हैं। यह कोशिका के रासायनिक अभिक्रियाओं का मुख्य स्थल है। इसमें पानी, लवण और एंजाइम प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह कोशिका को आकार और स्थिरता प्रदान करता है।

34. केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच भरे हुए जेली जैसे पदार्थ को क्या कहा जाता है ?

(A) प्रोटोप्लाज्म

(B) क्लोरोप्लास्ट

(C) न्यूकिल्योलस

(D) साइटोप्लाज्म

Ans. (D) साइटोप्लाज्म

[RRB NTPC, 07.03.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- साइटोप्लाज्म वही जेली जैसा पदार्थ है जो केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच पाया जाता है। यह कोशिका की सभी गतिविधियों के लिए माध्यम उपलब्ध कराता है। इसमें पाए जाने वाले कोशिकांग मिलकर जीवन की आवश्यक क्रियाएँ संचालित करते हैं। यह पारद्रव्य तथा सूक्ष्म कणों से भरा होता है। कोशिका के पोषण और वृद्धि में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

35. साइटोप्लाज्म (Cytoplasm) एक जेली जैसा द्रव होता है, जो ________ में मौजूद होता है।

(A) केंद्रक और कोशिकांगों के बीच

(B) वसाओं और ऊतकों के बीच

(C) तंत्रिकाओं और कोशिकाओं के बीच

(D) केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच

Ans. (D) केंद्रक और कोशिका झिल्ली के बीच

[RRB NTPC, 29.01.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- साइटोप्लाज्म वह आंतरिक द्रव है जो कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच मौजूद रहता है। इसमें कोशिका के लगभग सभी अंग उपस्थित होते हैं। यह कोशिका के कार्यों के लिए आवश्यक एंजाइम और रसायन उपलब्ध कराता है। इसका जेली जैसा स्वरूप पदार्थों के संचलन में मदद करता है। यह कोशिका के चयापचय का मुख्य केंद्र माना जाता है।

36. पानी की कमी के कारण कोशिका के संकुचित होकर कोशिका भित्ति से अलग होने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है ?

(A) डि प्लाज्मोलिसिस

(B) साइटोलिसिस

(C) प्रकाश संश्‍लेषण

(D) प्लाज्मोलिसिस

Ans. (D) प्लाज्मोलिसिस

[RRB NTPC, 14.03.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- प्लाज्मोलिसिस वह प्रक्रिया है जिसमें कोशिका से पानी निकल जाने पर साइटोप्लाज्म सिकुड़कर कोशिका भित्ति से अलग हो जाता है। यह प्रक्रिया सामान्यतः सघन विलयन में पौधों की कोशिकाओं को रखने पर होती है। इससे कोशिका मुरझाने लगती है। यह ऑस्मोसिस का उल्टा प्रभाव है। यह पौधों में जल संतुलन समझने का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।

37. ________ को कोशिका के पॉवरहाउस के रूप में जाना जाता है ।

(A) कोशिकाद्रव्य

(B) माइटोकांड्रिया

(C) केंद्रक

(D) अन्त: प्रदव्यी जालिका

Ans. (B) माइटोकांड्रिया

[RRB NTPC, 23.01.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का “Powerhouse” कहा जाता है क्योंकि यही ATP ऊर्जा बनाता है। यह दोहरी आवरण वाली संरचना होती है और अपनी DNA इकाई के कारण अर्ध-स्वायत्त है। कोशिका श्वसन की मुख्य क्रियाएँ इसी के अंदर होती हैं। इसकी संख्या कोशिका की ऊर्जा आवश्यकता पर निर्भर करती है। यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं का मुख्य ऊर्जा केंद्र है।

38. कोशिका का वह वाह्यतम आवरण कौन-सा है, जो कोशिका के अवयवों को उसके वाह्म वातावरण से अलग करता है ?

(A) प्लाज्मा झिल्ली

(B) कोशिकांग

(C) स्नायु कोशिका

(D) चिकनी पेशी कोशिका

Ans. (A) प्लाज्मा झिल्ली

[RRB NTPC, 03.02.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- प्लाज्मा झिल्ली कोशिका का बाहरी सुरक्षा कवच होता है। यह कोशिका और बाहरी वातावरण के बीच सीमारेखा बनाता है। इसका मुख्य कार्य पदार्थों के प्रवेश और निकास को नियंत्रित करना है। यह लिपिड और प्रोटीन से बनी अर्ध-पारगम्य झिल्ली होती है। सेल कम्युनिकेशन और होमियोस्टैसिस में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

39. इक्वेटोरियन प्लेट पर कोशिका के केन्द्र में गुणसूत्रों का सरेखण माइटोसिस के किस चरण का गठन करता है ?

(A) टेलोफेज

(B) प्रोफेज

(C) मेटाफ़ेज़

(D) एनाफ़ेज़

Ans. (C) मेटाफ़ेज़

[RRB NTPC, 19.01.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- मेटाफेज़ माइटोसिस का वह चरण है जिसमें गुणसूत्र कोशिका के मध्य भाग में इक्वेटोरियल प्लेट पर एक सीध में सुव्यवस्थित होकर पंक्तिबद्ध दिखाई देते हैं। इस अवस्था में स्पिंडल तंतु प्रत्येक गुणसूत्र के सेंट्रोमियर से मजबूती से जुड़े रहते हैं। यह विभाजन की सबसे स्थिर और स्पष्ट अवस्था मानी जाती है। इसके बाद एनाफेज़ में यही गुणसूत्र दो बहन क्रोमेटिड में विभाजित होकर विपरीत ध्रुवों की ओर खिंचते हैं। यह चरण कोशिका विभाजन की सटीकता सुनिश्चित करता है।

40. स्वतंत्र अस्तित्व के सक्षम जीव की सबसे छोटी इकाई क्या होती है ?

(A) कोशिका

(B) कोशिकाद्रव्य

(C) रिक्तियां

(D) जीवद्रव्य

Ans. (A) कोशिका

[RRB NTPC, 07.01.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- कोशिका वह सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकती है। यह सभी जीवों के निर्माण की मूल ईकाई है। प्रत्येक कोशिका में जीवन क्रियाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक अंग मौजूद होते हैं। एककोशिकीय जीवों में पूरा शरीर एक ही कोशिका से बनता है। इसलिए इसे जीवन की आधारभूत इकाई कहा जाता है।

41. जीवन की मूलभूत इकाई (unit) क्या है ?

(A) कोशिका

(B) अंग

(C) ऊतक

(D) नाभिक

Ans. (A) कोशिका

[RRB NTPC, 28.03.2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- जीवन की मूलभूत इकाई कोशिका है। सभी जीव चाहे एककोशिकीय हों या बहुकोशिकीय, कोशिकाओं से ही बने होते हैं। प्रत्येक कोशिका अपने स्तर पर पोषण, वृद्धि, उत्सर्जन और प्रजनन जैसी क्रियाएँ करती है। कोशिकाओं का समूह मिलकर ऊतक बनाते हैं। यही अवधारणा कोशिका सिद्धांत का मूल आधार है।

42. पुटिकाओं (vesicles) में प्रोटीन और लिपिड के परिवहन, संशोधन और पैकेजिंग के लिए निम्नलिखित में से कौन कोशिकांग उत्तरदायी है ?

(A) खुरदरी अंत: प्रद्रव्यी जालिका

(B) चिकनी अंत: प्रद्रव्यी जालिका

(C) राइबोसोम

(D) गॉल्जी काय

Ans. (D) गॉल्जी काय

[RRB NTPC, 26.07.2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- गॉल्जी काय वह कोशिकांग है जो प्रोटीन और लिपिड को संशोधित कर उन्हें पैकिंग और परिवहन के लिए तैयार करता है। यह पुटिकाओं में पदार्थों को संग्रहित और भेजने का कार्य करता है। एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम से प्राप्त सामग्री को आगे प्रसंस्कृत कर व्यवस्थित रूप देता है। कोशिका में स्राव क्रिया इसी पर निर्भर करती है। यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं में प्रमुखता से पाया जाता है।

43. निम्न में से कौन सी झिल्ली-संयोजित थैली पाचक एंजाइमों से भरी होती है?

(A) गॉल्जी काय

(B) माइटोकॉण्ड्रिया

(C) लाइसोसोम

(D) रसधानी

Ans. (C) लाइसोसोम

[RRB NTPC, 15.03.2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- लाइसोसोम झिल्ली-बद्ध संरचना है जिसमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम मौजूद होते हैं। यह कोशिका के अपशिष्ट, पुराने अंगों और अनचाहे पदार्थों को तोड़ता है। इसे कोशिका का सफाईकर्मी भी कहा जाता है। गंभीर क्षति पर यह स्वयं कोशिका को भी विघटित कर सकता है। यह केवल पशु कोशिकाओं में प्रमुखता से पाया जाता है।

 

RRB GROUP-D PHYSICS QUESTION

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