RRB NTPC GK GS HISTORY PREVIOUS YEAR QUESTION P4

ANCIENT HISTORY

 (प्राचीन इतिहास)

RRB NTPC परीक्षा में इतिहास के Previous Year Questions अक्सर गुप्त काल, चोल और पल्लव वंश से जुड़े रहते हैं। स्वर्ण युग, नालंदा विश्वविद्यालय, स्थापत्य कला और समुद्री व्यापार जैसे विषय PYQs में बार-बार पूछे जाते हैं।

91. मौर्य वंश को किस वंश ने समाप्त किया ?

(a) शुंग

(b) गुप्त

(c) शिशुनाग

(d) चोल

Ans. (a) शुंग

[RRB NTPC, 12 Apr 2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- मौर्य साम्राज्य का अंत पूस्यमित्र शुंग द्वारा किया गया। उन्होंने अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ का वध कर सत्ता संभाली। इसके साथ ही शुंग वंश की शुरुआत हुई। यह घटना मौर्य युग से शुंग काल में सत्ता परिवर्तन को दर्शाती है। इतिहास में इसे राजनीतिक बदलाव की एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है।

92. मौर्य वंश का अंतिम सम्राट कौन था ?

(a) चंद्रगुप्त

(b) अशोक

(c) बृहद्रथ

(d) शतधन्वन

Ans. (c) बृहद्रथ

[RRB NTPC, 02 Apr 2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- बृहद्रथ मौर्य वंश के अंतिम शासक थे। उनकी हत्या शुंगों के उदय का कारण बनी। मौर्य शासन का अंत इन्हीं के काल में हुआ। उनके बाद केंद्रिय सत्ता एक नए वंश के हाथों में चली गई। यह घटना प्राचीन भारत में राजवंशीय परिवर्तन का महत्वपूर्ण बिंदु है।

93. किस मूल भारतीय राजवंश ने अपने शासकों के चित्र वाले सिक्के जारी किए थे ?

(a) पेशवा वंश

(b) राष्ट्रकूट वंश

(c) सातवाहन वंश

(d) पांड्य वंश

Ans. (c) सातवाहन वंश

[RRB NTPC, 08 Feb 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- सातवाहन वंश ने अपने शासकों के चित्रयुक्त सिक्के जारी किए। ये सिक्के उनके राजनीतिक अधिकार और आर्थिक नियंत्रण को दर्शाते थे। सिक्कों पर अंकित प्रतीकों से उनके सांस्कृतिक प्रभाव का भी पता चलता है। वे दक्षिण भारत की प्राचीन मुद्रा प्रणाली के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। ऐसे सिक्के इतिहास और numismatics अध्ययन में उपयोगी माने जाते हैं।

94. दिए गए विकल्पों में से कौन सा कथन सही नहीं है ?

(a) बौद्ध धर्मग्रंथ पाली भाषा में लिखे गये थे।

(b) गौतम बुद्ध का जन्म स्थान नेपाल में स्थित है।

(c) उपगुप्त ने अशोक को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया।

(d) चरक गौतम बुद्ध के निजी चिकित्सक थे।

Ans. (d) चरक गौतम बुद्ध के निजी चिकित्सक थे।

[RRB NTPC, 17 Feb 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- चरक प्राचीन भारत के सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य थे। उन्होंने आयुर्वेद के सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप दिया। गौतम बुद्ध से उनका सीधा संबंध नहीं था। बुद्ध से जुड़े चिकित्सकों का उल्लेख अलग स्रोतों में मिलता है। इसलिए दिए गए विकल्पों में यह कथन असत्य है।

95. उस महान व्यक्ति का नाम बताएं, जिसने भारत में बीजगणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया ?

(a) चरक

(b) ब्रह्मगुप्त

(c) वराहमिहिर

(d) आर्यभट्ट

Ans. (d) आर्यभट्ट

[RRB NTPC, 07 Apr 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- आर्यभट्ट ने प्राचीन गणित में बीजगणित, त्रिकोणमिति और खगोल विज्ञान को नई दिशा दी। उनकी कृति ‘आर्यभट्टीय’ में कई गणितीय सूत्र और सिद्धांत शामिल हैं। उन्होंने शून्य की अवधारणा और गणना पद्धतियों पर भी कार्य किया। उनकी गणनाएँ आधुनिक विज्ञान के लिए आधार बनीं। इस कारण वे भारतीय गणित के प्रमुख व्यक्तित्व माने जाते हैं।

96. इनमें से कौन राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि थे ?

(a) आनंद भट्ट

(b) वल्लाल

(c) जयचंद्र

(d) बाणभट्ट

Ans. (d) बाणभट्ट

[RRB NTPC, 08 Feb 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- बाणभट्ट हर्षवर्धन के प्रमुख साहित्यकार थे। उन्होंने ‘हर्षचरित’ और ‘कादम्बरी’ जैसी रचनाएँ लिखीं। उनकी भाषा और शैली संस्कृत साहित्य में विशिष्ट स्थान रखती है। ‘हर्षचरित’ में उस समय की राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों का वर्णन है। वे हर्षकालीन दरबार की सांस्कृतिक चमक को दर्शाते हैं।

97. इनमें से कौन हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था ?

(a) फाहियान

(b) अलबरुनी

(c) इत्सिंग

(d) ह्वेनसांग

Ans. (d) ह्वेनसांग

[RRB NTPC, 05 Apr 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- ह्वेनसांग ने भारत की यात्रा कर शिक्षा, धर्म और शासन का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख विशेष रूप से किया। उनकी यात्रा-वृत्ति में बौद्ध धर्म की स्थिति का स्पष्ट विवरण मिलता है। ह्वेनसांग का वर्णन उस समय के समाज का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उनके लेख इतिहास अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

98. बाणभट्ट किस राजा के दरबारी कवि थे ?

(a) चंद्रगुप्त

(b) हर्षवर्धन

(c) अशोक

(d) समुद्रगुप्त

Ans. (b) हर्षवर्धन

[RRB NTPC, 01 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- बाणभट्ट हर्षवर्धन के दरबार में विद्वान और साहित्यकार थे। उन्होंने शासक के व्यक्तित्व और उपलब्धियों का वर्णन ‘हर्षचरित’ में किया। उनकी साहित्यिक शैली संस्कृत गद्य की श्रेष्ठ परंपरा को दर्शाती है। उनकी रचनाएँ तत्कालीन समाज की झलक भी प्रस्तुत करती हैं। इस कारण बाणभट्ट इतिहास और साहित्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

99. निम्नलिखित में से कौन चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों में से एक है ?

(a) वराहमिहिर

(b) मोगल्लना

(c) विशाखदत्त  

(d) ब्रह्मगुप्त

Ans. (a) वराहमिहिर

[RRB NTPC, 07 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- वराहमिहिर खगोल विज्ञान और ज्योतिष के प्रतिष्ठित विद्वान थे। वे चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों में शामिल थे। उनकी कृति ‘बृहत्संहिता’ विज्ञान और संस्कृति दोनों का समन्वय प्रस्तुत करती है। उन्होंने ग्रह-नक्षत्रों और प्राकृतिक घटनाओं पर विस्तार से लिखा। उनकी विद्वता ने गुप्तकाल की वैज्ञानिक प्रगति को नई ऊँचाई दी।

100. इनमें से किसे ‘भारत के नेपोलियन’ के नाम से जाना जाता है ?

(a) स्कंदगुप्त

(b) समुद्रगुप्त

(c) चंद्रगुप्त

(d) कुमारगुप्त

Ans. (b) समुद्रगुप्त

[RRB NTPC, 13 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- समुद्रगुप्त अपनी वीरता और विजयी अभियानों के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने कई क्षेत्रों को जीतकर साम्राज्य का विस्तार किया। उनकी सैन्य नीति और रणनीति अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। उनके सुव्यवस्थित अभियानों के कारण उन्हें यह उपाधि मिली। उनका शासन गुप्त साम्राज्य की शक्ति का प्रतीक है।

101. प्राचीन भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण शासकों में से एक, चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री का नाम बताएं।

(a) लोपामुद्रा

(b) रुद्रमा देवी

(c) पार्वती गुप्त

(d) प्रभावती गुप्त

Ans. (d) प्रभावती गुप्त

[RRB NTPC, 19 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- प्रभावती गुप्त गुप्त साम्राज्य की राजकुमारी थीं। उनकी स्थिति साम्राज्य की राजनीतिक और सामाजिक संरचना को दर्शाती है। वे राजकुमारियों की प्रभावशाली भूमिका का उदाहरण हैं। इतिहास में उनका नाम गुप्त साम्राज्य की महिला शक्ति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

102. विक्रमादित्य किस प्रसिद्ध गुप्त शासक का एक अन्य नाम है ?

(a) कुमार गुप्त द्वितीय

(b) चंद्र गुप्त प्रथम

(c) चन्द्रगुप्त द्वितीय

(d) राम गुप्त

Ans. (c) चन्द्रगुप्त द्वितीय

[RRB NTPC, 19 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- चंद्रगुप्त द्वितीय को साहस और न्यायप्रियता के कारण विक्रमादित्य कहा जाता था। उनका शासन गुप्त साम्राज्य के स्वर्ण युग का प्रतीक बना। उनके समय में कला, साहित्य और प्रशासन का उच्चतम विकास हुआ। इतिहास में उनका नाम साम्राज्य विस्तार और न्याय का प्रतीक माना जाता है।

103. सुप्रसिद्ध काव्य ‘मेघदूत’ इनमें से किसकी कृति है ?

(a) सत्तनार

(b) प्रेमचंद

(c) कालिदास

(d) इलांगो

Ans. (c) कालिदास

[RRB NTPC, 05 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- कालिदास संस्कृत साहित्य के महान कवि थे। ‘मेघदूत’ उनका उत्कृष्ट काव्य है, जिसमें प्रेम और प्रकृति की अभिव्यक्ति है। यह गुप्त काल की साहित्यिक समृद्धि का उदाहरण है। उनकी काव्य शैली और कल्पनाशीलता आज भी अध्ययन के लिए आदर्श मानी जाती है।

104. प्रशस्ति में किस राजवंश के शासकों ने अपनी उपलब्धियाँ लिखी ?

(a) राजपूत वंश

(b) गुप्त वंश

(c) मुगल वंश

(d) खिलजी वंश

Ans. (b) गुप्त वंश

[RRB NTPC, 08 Mar 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- गुप्त शासकों ने विजय और ऐतिहासिक उपलब्धियों को शिलालेख और प्रशस्तियों में दर्ज किया। ये प्रशस्तियाँ शासन, शक्ति और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाती हैं। इतिहास में इनके अध्ययन से प्रशासन और राजव्यवस्था की स्पष्ट जानकारी मिलती है।

105. गुप्त साम्राज्य के निम्नलिखित राजाओं में से कौन एक अच्छा वीणावादक भी था ?

(a) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य

(b) समुद्रगुप्त

(c) कुमारगुप्त

(d) चंद्रगुप्त प्रथम

Ans. (b) समुद्रगुप्त

[RRB NTPC, 01 Feb 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- समुद्रगुप्त कला और संगीत में निपुण थे। वे वीणा वादन में विशेष कुशल थे। यह उनकी बहुआयामी प्रतिभा और गुप्त साम्राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है। इतिहास में उनके वीरता और कला प्रेम का यह एक महत्वपूर्ण पक्ष है।

106. किस युग को प्राचीन भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है ?

(a) मौर्य साम्राज्य, तीसरी शताब्दी

(b) चोल साम्राज्य, तीसरी शताब्दी

(c) गुप्त साम्राज्य, चौथी शताब्दी

(d) कुषाण साम्राज्य, पहली शताब्दी

Ans. (c) गुप्त साम्राज्य, चौथी शताब्दी

[RRB NTPC, 17 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- गुप्त साम्राज्य में कला, विज्ञान और साहित्य का चरम विकास हुआ। आर्यभट्ट और कालिदास जैसे विद्वानों ने इसे गौरवपूर्ण बनाया। सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह युग अत्यंत समृद्ध था। इसी कारण इसे भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है।

107. किस काल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा गया है ?

(a) मगध काल

(b) मुगल काल

(c) मौर्य काल

(d) गुप्त काल

Ans. (d) गुप्त काल

[RRB NTPC, 30 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- गुप्त काल में प्रशासन, शिक्षा और संस्कृति का उत्कर्ष हुआ। व्यापार, कृषि और कला-कला गतिविधियाँ भी इस समय प्रगतिशील थीं। साहित्य और विज्ञान में इस काल के योगदान ने इसे स्वर्ण युग का दर्जा दिया।

108. नालंदा विश्वविद्यालय को विश्व के महान प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक तथा महत्वपूर्ण बौद्ध शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र माना जाता हैं। इसकी स्थापना किस भारतीय शासक ने की थी ?

(a) हर्ष वर्धन

(b) चन्द्रगुप्त मौर्य

(c) कुमारगुप्त प्रथम

(d) अशोक

Ans. (c) कुमारगुप्त प्रथम

[RRB NTPC, 28 Jan 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- कुमारगुप्त प्रथम ने नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की। यह बौद्ध धर्म और शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना। विश्वविद्यालय ने शिक्षा और शोध के उच्च मानक स्थापित किए। इतिहास में इसे भारतीय शिक्षा और ज्ञान का वैश्विक प्रतीक माना जाता है।

109. चंद्रगुप्त प्रथम के बाद गुप्त साम्राज्य की बागडोर किसने संभाली ?

(a) ब्रह्मगुप्त

(b) समुद्रगुप्त

(c) शूद्रक

(d) श्री गुप्त

Ans. (b) समुद्रगुप्त

[RRB NTPC, 25 Jan 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- समुद्रगुप्त ने गुप्त साम्राज्य का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया। उनकी विजयें और प्रशासनिक कुशलता साम्राज्य की स्थायित्व का आधार बनी। वे वीर योद्धा और कला-संस्कृति के समर्थक थे। इतिहास में उनका शासन गुप्त साम्राज्य की शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है।

110. गुप्त साम्राज्य के वास्तविक संस्थापक कोन थे ?

(a) चंद्रगुप्त II

(b) समुद्रगुप्त

(c) श्री गुप्त

(d) घटोत्कच

Ans. (c) श्री गुप्त

[RRB NTPC, 28 Apr 2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- श्री गुप्त ने गुप्त वंश की नींव रखी। उनके बाद चंद्रगुप्त I और समुद्रगुप्त ने साम्राज्य का विस्तार किया। उनकी स्थापना ने गुप्त साम्राज्य को शक्तिशाली और स्थायी बनाया। इतिहास में उनका योगदान वंश की शुरुआत और साम्राज्य निर्माण के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।

111. गुप्त काल के दौरान चीन के किस यात्री ने भारत का भ्रमण किया था ?

(a) हियुन सैंग

(b) फाहियान

(c) आई चिंग

(d) ली क्सियु

Ans. (b) फाहियान

[RRB NTPC, 16 Apr 2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- फाहियान गुप्त काल में भारत आए बौद्ध भिक्षु थे। उन्होंने बौद्ध धर्म, शिक्षा और समाज का अध्ययन किया। उनकी यात्रा से गुप्त काल की धार्मिक और सांस्कृतिक स्थिति समझी जा सकती है। इतिहास में फाहियान का विवरण गुप्त काल की शिक्षा और मंदिर प्रणाली का महत्वपूर्ण स्रोत है।

112. चोल शिलालेख से उल्लिखित गुरुकुल के अनुरक्षण हेतु प्रदान की गई भूमि को _________ कहा जाता था।

(a) ब्रह्मदेय

(b) वेल्लनवरगाई

(c) पल्लिच्चंदम

(d) शालाभोग

Ans. (d) शालाभोग

[RRB NTPC, 26 July 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- शालाभोग वह भूमि थी जो गुरुकुलों के संचालन के लिए दी जाती थी। इस भूमि से शिक्षक और विद्यार्थी अपने दैनिक खर्चों को पूरा कर पाते थे। यह प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और समाज में शिक्षक का महत्व दर्शाता है। इतिहास में शालाभोग प्राचीन शिक्षा संस्थानों की स्थायित्व और संरचना का प्रमाण है।

113. _______ होयसल (Hoysala) साम्राज्य की राजधानी थी।

(a) देवगिरि

(b) द्वारसमुद्र

(c) मैसूर

(d) कल्याणी

Ans. (b) द्वारसमुद्र

[RRB NTPC, 10 Feb 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- द्वारसमुद्र होयसल साम्राज्य की राजधानी थी। यह शहर स्थापत्य कला और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता था। होयसल वास्तुकला और मंदिर निर्माण में इसकी विशेष पहचान थी। इतिहास में यह शहर होयसल साम्राज्य की राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है।

114. दिए गए विकल्पों में से, किस राजवंश ने दक्षिण पूर्व एशिया में शिपिंग उद्यम स्थापित किए ?

(a) चालुक्य वंश

(b) गुप्त वंश

(c) चेर वंश

(d) चोल वंश

Ans. (d) चोल वंश

[RRB NTPC, 08 Feb 2021 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- चोल वंश ने समुद्री शक्ति का विकास किया और दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापारिक मार्ग स्थापित किए। उनके नौसैनिक अभियान साम्राज्य की सामरिक और आर्थिक क्षमता को दर्शाते हैं। चोलों का समुद्री व्यापार क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था। इतिहास में यह उनके साम्राज्य विस्तार और समुद्री प्रभुत्व का प्रमाण है।

115. राजा सिंह विष्णु _______ वंश के शासक थे।

(a) चोल

(b) पल्लव

(c) पाल

(d) चालुक्य

Ans. (b) पल्लव

[RRB NTPC, 26 July 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- सिंह विष्णु पल्लव वंश के शासक थे। उन्होंने धार्मिक स्थलों और स्थापत्य कार्यों में योगदान दिया। उनका शासन दक्षिण भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को मजबूत बनाता है। इतिहास में उनका नाम पल्लव वंश की कला और प्रशासनिक शक्ति से जुड़ा है।

116. पुलकेशिन प्रथम और पुलकेशिन द्वितीय नामक शासक _________ से संबंधित थें।

(a) चोल वंश

(b) चालुक्य वंश

(c) कुषाण वंश

(d) मगध वंश

Ans. (b) चालुक्य वंश

[RRB NTPC, 23 July 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- पुलकेशिन प्रथम और द्वितीय चालुक्य वंश के प्रमुख शासक थे। उन्होंने दक्कन क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार और सांस्कृतिक विकास किया। उनके शासन में कला, स्थापत्य और राजनीतिक शक्ति का उत्कर्ष हुआ। इतिहास में उनका योगदान चालुक्य साम्राज्य की स्थायित्व और प्रभाव को दर्शाता है।

117. पुलकेशिन द्वितीय किस राजवंश का सर्वाधिक प्रख्यात शासक था ?

(a) चालुक्य

(b) काकतीय

(c) पांड्य

(d) होयसल

Ans. (a) चालुक्य

[RRB NTPC, 06 Apr 2021 (Shift-1) Stage 1st]

Explain :- पुलकेशिन द्वितीय चालुक्य वंश का सबसे महान शासक माना जाता है। उन्होंने कन्नौज पर विजय प्राप्त की और प्रशासन में सुधार किए। उनका शासन चालुक्य साम्राज्य की शक्ति और विस्तार का प्रतीक है। इतिहास में उनका नाम सैन्य और प्रशासनिक कुशलता के लिए याद किया जाता है।

118. पूर्व चोल राजाओं में से किसे सबसे महान माना जाता है ?

(a) पुलकेशीन II

(b) राजसिम्हा

(c) करिकाल

(d)नन्दीवर्मन

Ans. (c) करिकाल

[RRB NTPC, 16 Apr 2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- करिकाल चोल साम्राज्य के महान शासक थे। उन्होंने प्रशासनिक सुधार, मंदिर निर्माण और समुद्री विस्तार को प्रोत्साहित किया। उनका शासन चोल साम्राज्य के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का प्रतीक है। इतिहास में करिकाल की उपलब्धियाँ चोल साम्राज्य की शक्ति और वैभव को दर्शाती हैं।

119. पल्लव वंश के कौन से राजा संस्कृत नाटक भी लिखा करते थे ?

(a) राजा राज चोल

(b) महेंद्रवर्मन

(c) राजसिम्हा

(d) विक्रमादित्य

Ans. (b) महेंद्रवर्मन

[RRB NTPC, 16 Apr 2016 (Shift-2) Stage 1st]

Explain :- महेंद्रवर्मन संस्कृत नाटक और कला के संरक्षक थे। उनके शासन में नाट्यकला, स्थापत्य और कला का संवर्धन हुआ। वे कलाकारों और विद्वानों के लिए प्रेरणास्रोत बने। इतिहास में उनका योगदान पल्लव साम्राज्य की सांस्कृतिक उन्नति का प्रमाण है।

120. किस चालुक्य राजा ने कन्नौज के राजा हर्ष को पराजित किया था ?

(a) सिद्धराज सोलंकी

(b) वास्तुपाल

(c) पुलकेशिन II

(d) मुलराज

Ans. (c) पुलकेशिन II

[RRB NTPC, 18 Apr 2016 (Shift-3) Stage 1st]

Explain :- पुलकेशिन II ने कन्नौज के राजा हर्ष को हराया और अपनी सैन्य शक्ति दिखाई। उनकी विजय चालुक्य साम्राज्य के विस्तार और प्रभाव को दर्शाती है। उनके प्रशासनिक और रणनीतिक कौशल का यह प्रमुख उदाहरण है। इतिहास में यह घटना चालुक्य साम्राज्य की शक्ति और सामरिक कुशलता का प्रमाण है।

 

RRB NTPC ANCIENT HISTORY QUESTION

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